Thursday, June 13, 2024

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू की अध्यक्षता में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

 

प्रविष्टि तिथि: 13 JUN 2024 5:42PM by PIB Delhi

केन्‍द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू की अध्‍यक्षता में आज नई दिल्ली स्थित पंचशील भवन में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई।




बैठक के दौरान, सचिव श्रीमती अनीता प्रवीण ने श्री रवनीत सिंह को मंत्रालय द्वारा शुरू की गई सभी योजनाओं और पहलों की प्रगति की जानकारी दी। उन्हें आगामी मेगा फूड इवेंट, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 की तैयारियों के बारे में भी बताया गया, जो 19-22 सितम्‍बर, 2024 को भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। श्री सिंह ने अधिकारियों को सरकार की 100 दिवसीय योजना को हासिल करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के उत्थान और किसानों की आय के लिए काम करने का भी आग्रह किया।








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बस्तीवासियों की बेदखली की समस्या तथा पुर्नवास की मांग को लेकर प्रतिनिधि मण्डल जिलाधिकारी से मिला । कल समस्या को लेकर बस्ती वासी एमडीडीए जायेंगे

 


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देहरादून 13 जून 2024,

आज एक प्रतिनिधि मण्डल ने जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका सिंह से भेंटकर उन्हें बस्तीवासियों की समस्या से अवगत किया तथा कहा कि एनजीटी के आदेश पर चलाये जा रहे अभियान कानून के हिसाब से नहीं तथा अभियान केवल गरीबों के खिलाफ चल रहा तथा अमीर एवं प्रभावशाली कब्जेदारों को छोड़ा ज रहा है ।बस्तीवासियों को दिये गये नोटिस विधिसम्मत नहीं हैं तथा सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों की अवहेलना है ।न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि किसी को हटाओगे तो पहले पुर्नवास करोगे फिर हटाओगे किन्तु यहाँ नगरनिगम व एमडीडीए जोर जबरदस्ती बेदखली पर उतारू है लोग भयभीत हैं जो उजड़ाऐ गये वे खुले आसमान में जीने के विवश है ।प्रतिनिधि मण्डल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि वे प्रभावितों के लिये सुनवाई का प्रर्याप्त समय दें जिलाधिकारी ने एमडीडीए को न्यायोचित कार्यवाही का निर्देश दिया ।कल बस्तीवासियों द्वारा एमडीडीए जाने का फैसला लिया है ।

प्रतिनिधि मण्डल में सपा के राष्ट्रीय महासचिव डाक्टर एस एन सचान ,चेतना आन्दोलन के शंकर गोपाल ,सीपीएम सचिव अनन्त आकाश ,सीआईटीयू महामंत्री लेखराज आदि शामिल थे 


सेवा में


जिलाधिकारी देहरादून


महोदया,


आज सैकड़ों गरीब महिलाओं को आपके दफ्तर पर इसलिए पहुंचना पड़ा क्योंकि हाल में देहरादून में नगर निगम, MDDA और अन्य प्रशासनिक विभाग अतिक्रमण हटाने के नाम पर ध्वस्तीकरण अभियान चला रहे हैं।   इस अभियान में कानून के प्रावधानों और संविधान के मूल्यों का घोर उल्लंघन हो रहा है। इस संदर्भ में हम आपके संज्ञान में कुछ बिंदुओं को लाना चाह रहे हैं:


-  राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के 13.05.2024 के आदेश (पैराग्राफ 20) के अनुसार नगर आयुक्त देहरादून ने प्राधिकरण के समक्ष बेदखली को कानून के अनुसार कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।  लेकिन बिना कोई क़ानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए लोगों को बेदखल किया जा रहा है।  अनधिकृत अधिकारी मनमानी तरीकों से तय कर रहे हैं कि किसको बेदखल करना है। प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं है और व्यक्तिगत सुनवाई और अपील करने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा है।

- इस अभियान के दौरान कुछ लोग जो निश्चित रूप से 2016 से पहले रह रहे थे, उनकी सम्पतियों को भी नुक्सान पहुंचवाया गया है। 

- महोदया, बेदखली के लिए क़ानूनी प्रक्रिया है, जो उत्तर प्रदेश पब्लिक प्रेमिसेस (एविक्शन ऑफ़ अनअथॉराइज़्ड ऑक्यूपेशन) अधिनियम में अंकित है।  लेकिन इस कानून को ताक पर रखा गया है। 

- इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण का आदेश केवल मामले से सम्बन्धित पक्षकारों पर ही लागू होता है और ऐसे लोगों को मनमाने तरीके से उजाडा जा रहा है,  जो इस मामले में  पक्षकार नहीं हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का प्राधिकरण में कोई मौका ही नहीं दिया गया है।

- महोदया, बिना क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाये किसी की सम्पति को नुक़सान पहुँचाना क़ानूनी अपराध है।  प्रभावित लोगों में से कई परिवार हैं जो अनुसूचित जाति के हैं और उनको गैर क़ानूनी तरीकों से बेदखल करना SC / ST (Prevention of Atrocities) Act के अंतर्गत भी अपराध है।

- महोदया, हमारे संविधान के अनुसार आश्रय का अधिकार मौलिक अधिकार है।  उच्चतम न्यायलय के अनेक फैसलों में इस सिद्धांत को दोहराया गया है (Olga Tellis & Ors v. Bombay Municipal Corporation, 1986 AIR 180, 1985 SCR Supl. (2) 51 (1985) , Shantistar Builders v. Narayan Khimalal Totame, AIR 1990 SC 630 (1990) , इत्यादि)।  इसलिए बिना पुनर्वास की व्यवस्था कर मज़दूर परिवारों को बेघर करना संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है।

- महोदया, देहरादून की नदियों एवं नालियों में होटल, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट और अनेक अन्य निजी संस्थानों द्वारा और सरकारी विभागों द्वारा भी  अतिक्रमण हुए हैं।  हरित प्राधिकरण के आदेश में कोई ज़िक्र नहीं है कि कार्यवाही सिर्फ मज़दूर बस्तियों के खिलाफ करना है, लेकिन किसी भी अन्य अतिक्रमणकारी को नोटिस तक नहीं गया है।  इसलिए  यह अभियान न केवल गैर क़ानूनी है बल्कि भेदभावपूर्ण भी है।


अतः हमारा आपसे निवेदन है कि:

- इस गैर क़ानूनी ध्वस्तीकरण अभियान पर तुरंत रोक लगायी जाय।  - कोई भी बेदखली की प्रक्रिया कानून के अनुसार हो।

-  तमाम गरीब व भूमिहीन लोगों की पुनर्वास की ब्यवस्था करने के बाद ही यदि आवश्यक हो तो सम्बन्धित स्थान से विस्थापित किया जाये। देश की आजादी  के बाद  हर देशवासी को, आवास ,शिक्षा व रोजगार पाने का हक है,  और जनता द्वारा चुनी हुई सरकार का काम अपने दायित्वों का निर्वहन कर इसे पूरा करने का है।       

- जिन परिवारों के घरों को बिना कोई क़ानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए तोड़े गए हैं, उनको मुआवज़ा उपलब्ध कराया जाये और ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जाये। 

- हाल के बर्षो में ग्राम पंचायत स नगरनिगम मे जुड़े क्षेत्र से जुड़ै लोंगों कै नोटिस निरस्त हों । 

- जारीकर्ता

- (लेखराज)

- जिला महामंत्री सीटू

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Tuesday, June 11, 2024

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से मिली सूचनाओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांगा जवाब।





विधानसभा अध्यक्ष ने नगर आयुक्त कोटद्वार से भाबर वासियों द्वारा भाबर को स्वच्छ व सुंदर बनाएं रखने के लिए  सड़कों के किनारे कूड़ेदान की मांग करी। उन्होंने बताया कूड़ेदान ना होने के कारण लोग अपना कूड़ा रोड पर ही फेंक देते है, जिस से बीमारी का खतरा बना रहता है।


ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार नगर निगम आयुक्त को निगम के द्वारा लाखों रुपये के खर्चे से बने शौचालय के बारे में भी अवगत कराया। सरकारी पैसा खर्च करने के बाद भी निगम के अंतर्गत शौचालय की उचित व्यवस्था नही है। प्रेक्षागृह में स्थित सार्वजनिक शौचालय की स्थिति पूरी तरह खराब है एवं इसके लिए उचित कार्यवाही के निर्देश दिये।


विधानसभा अध्यक्ष ने तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका पौड़ी मेरठ हाईवे पर स्थित सूखरो पुल के संपर्क मार्ग के बारे में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कोटद्वार को पत्र लिख कर अवगत कराया। उन्होंने बताया सड़क बहने से व विगत पिछली वर्ष पानी का बहुत तेज होने से धीरे-धीरे मिट्टी कटने से पुल का एप्रोच नीचे से खोखला हो चुका है जिसे शीघ्र अति शीघ्र ठीक करवाना आवश्यक है।


विधानसभा अध्यक्ष ने जिला अधिकारी पौड़ी को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया में ढिलाई की वजह से कोटद्वार बाईपास के निर्माण के रफ्तार में आ रही देरी के लिए भी पत्र लिखा। साथ ही डबराड़ गांव ( रिखणीखाल विकासखंड ) में दो माह से पेयजल की आपूर्ति न होने के कारण लोगों की परेशानी को जिलाधिकारी पत्र लिखकर मांगा जवाब ।


उन्होंने जल संस्थान कोटद्वार को रिखणीखाल ब्लॉक के पठोल गांव में जल्दीबाजी में बनाई गई योजना के कारण नल लगने के बाद भी पानी नही पहुंचने पर भी कारवाही हेतु पत्र लिखा। उन्होंने पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम कोटद्वार को भी पत्रों के माध्यम से अवगत कराया की कई वार्ड में लाइन में लीकेज होने के कारण पेयजल संकट गहराया है। जिस वजह से पानी उनके घर तक नही पहुंचता है ।

*सैकड़ों महिलाओं ने घेराव कर पूछा: सरकार को हमें बेघर करना है, तो बताओ हम कहाँ रहे?

 



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जिलाधिकारी को ज्ञापन ,वार्ता कल ।

देहरादून 11 जून 024 ,


आज सैकड़ों महिलाओं के साथ राज्य के विभिन्न ट्रेड यूनियनों, जन संगठनों एवं एवं विपक्षी दलों ने जिलाधिकारी देहरादून के कार्यालय का घेराव करते हुए देहरादून में हो रहे ध्वस्तीकरण एवं बेघर करने का अभियान का जमकर विरोध किया गया इस अवसर पर सरकार की गरीब विरोधी नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा चेतावनी दी है कि बस्तिवासियों को तंग करने तथा उजाड़ने का क्रम नहीं रूका तो व्यापक आन्दोलन छेड़ा जायेगा ।इस अवसर पर वक्ताओं ने भाजपा के रवैये की जमकर आलोचना की तथा भाजपा गरीबों मेहनतकश वर्ग का वोट के लिये इस्तेमाल करती है तथा काम अमीरों के लिये करती है ।वक्ताओं ने कांग्रेस से भी बस्तियों पर हो रही कार्यवाही के सन्दर्भ में स्थिति स्पष्ट करने को कहा ।इस अवसर पर  प्रभावित महिलाओं ने कहा कि वे एक महीने से आतंक में रह रहे हैं क्योंकि हारीत प्राधिकरण के आदेश के बारे में गलत धारणा फैला कर  अनधिकृत अधिकारी किसी भी क़ानूनी प्रक्रिया को न अपना कर उनके घरों को तोड़ने की प्रक्रिया में जुटे हैं। उनके परिवारों और उनके बच्चों की भविष्य क्या होगा?  जिस शहर में कोई भी मज़दूर परिवार को न कोई कोठी मिलने वाली है और न ही कोई फ्लैट, अगर सरकार पुनर्वास या नियमितीकरण करने के बजाय ऐसी नीति अपनाएगी, तो मज़दूरों को क्या होगा?   प्रभावित महिलाओं के साथ सीटू चेतना आंदोलन, सीपीआई(एम), सपा , आयूपी उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी परिषद , अम्बेडकर युवक संघ , किसान सभा एस एफ आई , सर्वोदय मंडल और अन्य विपक्षी दलों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस अभियान को गैर क़ानूनी ठहराते हुए कहा कि सरकार को अपने ही वादों के अनुसार अध्यादेश लाना चाहिए कि किसी को बेघर नहीं किया जायेगा।  उन्होंने यह भी मांग उठाया कि जिलाधिकारी महोदया तुरंत इस अभियान पर रोक लगाए और वार्ता के लिए समय दे। 

     कार्यक्रम को सम्बोधित किया।  कार्यक्रम का संचालन सीआईटीयू के प्रांतीय सचिव लेखराज व चेतना आन्दोलन के शंकर गोपाल ,  ने किया। इस अवसर पर एस एन सचान (सपा), महिला समिति की इन्दु नौडियाल ,सीपीएम के राजेन्द्र पुरोहित ,अनन्त आकाश ,किसान सभा कमरूद्दीन ,एडवोकेट रजिया बेग (पूर्व अध्यक्ष बार कौसिंल ),नवनीत गुंसाई (आयूपी) बीना ,सुनीता ,प्रेंमा ,नरेन्द्र कुमार ,रधुबीर ,किरन ,सरोज ,कमलेश ,रजनी ,हिमान्शु चौहान ,नितिन मलेठा (एस एफ आई )रामू ,संजय ,राजेन्द्र ,रमन ,रविंद्र नौडियाल ,शैलेन्द्र ,हरीश,ओमवती ,प्रेंमा प्रभा ,पम्मी ,ज्योति  नूतन ,ओमबीर सिंह आदि ने विचार व्यक्त किये । जिला मुख्यालय में घेराव के दौरान जिला प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी प्रदर्शनकारियों के मध्य आयी तथा ज्ञापन के सन्दर्भ में जिलाधिकारी से वार्ता का आश्वासन दिया ।जिलाधिकारी ने कल बातचीत के लिये प्रतिनिधि मण्डल को आमंत्रित किया ।



Monday, June 10, 2024

कोयला मंत्रालय ने कोयला खनन के लिए पर्यावरणऔर वन मंजूरी पर कार्यशाला आयोजित की

 

PIB Delhi

कोयला मंत्रालय ने कोयला खनन के लिए पर्यावरण और वन मंजूरी पर आज एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के सहयोग से नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यशाला में कोयला मंत्रालय, एमओईएफसीसी, कोल इंडिया लिमिटेड, एसईसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल, एनएलसीआईएल, एससीसीएल, एनटीपीसी, कोयला नियंत्रक संगठन, निजी कोयला कंपनियों और कोयला खनन क्षेत्रों के अन्य विशेषज्ञों के 175 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।




कोयला मंत्रालय के सचिव श्री अमृत लाल मीणा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे और कोयला मंत्रालय के अपर सचिव एवं मनोनीत अधिकारी श्री एम. नागराजू मुख्य अतिथि थे।


अपने उद्घाटन भाषण में श्री एम. नागराजू ने आर्थिक लाभों और पर्यावरण संरक्षण के बीच महत्वपूर्ण संतुलन पर जोर दिया और पर्यावरण की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मंजूरी हासिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री अमृत लाल मीणा ने अपने मुख्य भाषण में स्थिरता के लिए कोयला मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने भूमि जीर्णोद्धार और व्यापक वनरोपण कार्यक्रमों पर किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला जो खनन गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाने वाले क्षेत्रों से आगे निकल गए हैं। उद्घाटन सत्र में कोयला कंपनियों ने अपने-अपने संगठनों द्वारा सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों पर वीडियो प्रस्तुत किए।


पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वक्ताओं ने नियामक ढांचे, प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं, नीतिगत अपडेट, अनुपालन रणनीतियों और कोयला खनन परियोजनाओं के लिए पर्यावरण और वन मंजूरी प्राप्त करने की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों के बारे में अपनी विस्‍तृत जानकारी साझा की, जिसमें सूचनात्मक सत्रों और इंटरैक्टिव चर्चाओं की एक श्रृंखला शामिल थी।


 




वन मंजूरी, पर्यावरण मंजूरी, वन्यजीव मंजूरी, मान्यता प्राप्त प्रतिपूरक वनरोपण (एसीए), ग्रीन क्रेडिट और भूजल मंजूरी आदि के लिए एमओईएफसीसी और सीजीडब्‍ल्‍यूए बोर्ड के अधिकारियों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतियां भी दी गईं।


कोयला मंत्रालय ने पर्यावरण और वन मंजूरी प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों और सीखे गए सबक व नवीन दृष्टिकोणों पर जोर देते हुए मंजूरी प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने की जानकारी दी। इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र ने कोयला कंपनियों को मंजूरी प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों पर जानकारी और विशेषज्ञ विचार रखने के लिए एक मंच प्रदान किया। इंटरैक्टिव पैनल ने विकास और पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।




इस कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ अधिकारियों के वक्तव्यों के साथ हुआ, जिसमें मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया तथा पर्यावरण सुरक्षा उपायों को कायम रखते हुए मंजूरी प्रक्रियाओं को और सरल बनाने के लिए आगे की राह बताई गई।

सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत 3 करोड़ ग्रामीण और शहरी घरों के निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध कराएगी


PIB Delhi

भारत सरकार वर्ष 2015-16 से प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य पात्र ग्रामीण और शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त मकान बनाने में सहायता प्रदान करना है। पीएमएवाई के तहत आवासीय योजनाओं के अंतर्गत पिछले 10 साल के दौरान पात्र गरीब परिवारों के लिए कुल 4.21 करोड़ मकान बनकर तैयार हो चुके हैं।


पीएमएवाई के तहत निर्मित सभी घरों में केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की अन्य योजनाओं को मिलाते हुए घरेलू शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन, सक्रिय घरेलू नल कनेक्शन आदि अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।


आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि पात्र परिवारों की संख्या में बढ़ोतरी से पैदा हुई आवास की जरूरतों को पूरा करने के लिए 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को मकान के निर्माण के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

रेहड़ी पटरी वालों के उत्पीड़न के खिलाफ प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी से भेंटकर उत्पीड़न रोकने तथा वैन्डरजोन घोषित करने की मांग की ।

 


देहरादून 10 जून 024 ,

आज सीपीएम ,सीटू ने रेहड़ी पटरी वालों के उत्पीड़न के खिलाफ जिलामुख्यालय पर प्रदर्शन किया तथा रेहड़ी ,पटरी,फुटपाथ व्यवसायियों     के उत्पीड़न रोकने तथा इन गरीबों को रोजगार से वंचित करने के खिलाफ हस्ताक्षरित ज्ञापन जिलाप्रशासन को सौंपा ज्ञापन उपजिलाधिकारी मुख्यालय शालिनी नेगी ने लिया ।

बाद को एक प्रतिनिधिमण्डल ने जिलाधिकारी महोदया से भेंटकर उन्हें रेहड़ी पटरियों वालों की समस्याओं से अवगत कराया तथा इस संदर्भ में एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया ‌तथा वैन्डरजोन बनने तक इनको रोजगार करने दिये जाने का अनुरोध किया ।जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमण्डल को न्यायोचित कार्यवाही का आश्वासन दिया ।वार्ता में अनन्त आकाश ,लेखराज ,आजम खान मौजूद थे ।बाद को रेहड़ी पटरियों वालों के पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ एस पी सिटी से मुलाकात की तथा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की ।

आज जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शन में सीपीएम के सचिव अनन्त आकाश ,सीआईटीयू जिलामहान्त्री लेखराज ,भीम आर्मी के महानगर अध्यक्ष आजमखान ,आयूपी के केन्द्रीय अध्यक्ष नवनीत गुंसाई ,ए आई एलयू के महामंत्री ,शम्भूप्रसाद ममंगाई ,उत्तराखण्ड आन्दोलन कारी परिषद के प्रवक्ता चिन्तन सकलानी , जगमोहन सिंह ,प्रभात डण्डरियाल ,फिरोज ,सन्दीप ,बीरपाल ,,शरण ,रेमान ,दीपक राय ,अनिल ,शैलेन्द्र ,गुरूप्रसाद ,सलीम ,फरमा,संजय ,फरमान,महेंद्र राय,डिम्पल ,विपिन ,मन्नू ,तरवििन्दर ,रिजवान,फरमान आदि बड़ी संख्या रेहड़ी पटरी वाले व्यवसाय शामिल थे ।

जारीकर्ता

अनन्त आकाश

सचिव

सलग्न 


सेवामें ,

जिलाधिकारी महोदय

देहरादून ।

बिषय :- रेहड़ी़,पटरी ,ठेली तथा फुटपाथ व्यवसायियों के उत्पीड़न रोकने तथा वैन्डरजोन घोषित होने तक उन्हें यथावत रोजगार करने देने के सन्दर्भ में निवेदन ।

महोदय ,

इस प्रतिनिधिमण्डल के माध्यम से  आपका ध्यान आकर्षित करते हुऐ‌ निवेदन करना है कि देहरादून में कई दशकों से जगह जगह लधु व्यवसायियों द्वारा अपने परिवार के भरणपोषण के लिऐ शहर के अनेकों स्थानों पर रोजगार किया जा रहा है किन्तु अचानक इन्हे हटाने का अभियान चलाया गया परिणामस्वरूप जिसके परिणामस्वरूप इन लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट पैदा हो गया है ।

महोदय ,सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सरकार ,शासन ,प्रशासन तथा स्थानीय निकाय को इनके रोजगार हेतु वैन्डरजोन बनाने के निर्देश हैं तथा  वैन्डरजोन के व्यवस्था तक यथावत रोजगार का प्रावधान है ।

महोदय गत् 11जनवरी 024 राज्य सचिवालय पर प्रदर्शन तथा अनेक अवसरों पर आप सहित सभी उचित माध्यमों ने इन व्यवसायियों के पक्ष में न्यायोचित कार्यवाही का आश्वासन दिया किन्तु लम्बी चुनाव आचार संहिता के परिणामस्वरूप इस मुद्दे पर समुचित विचार नहीं हो पाया ।किन्तु इन लधु व्यवसासियों  ‌हटाने का कार्य युद्ध स्तर में किया जा रहा है जो कि चिन्ताजनक है ।

महोदय आप जिलाधिकारी के साथ सीईओ स्मार्ट सिटी तथा नगरनिगम प्रशासक भि हैं मामले की संवेदनशीलता को समझते हैं। 

अतः महोदय से निवेदन है कि जनहित मे इन्हें व्यवस्थित रोजगार करने करने हेतु न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करें ।

हम आपके अत्यधिक आभारी रहेंगे ।

सहयोगाकांक्षी


भवदीय



अनन्त आकाश

सचिव ,सिपिआई (एम देहरादून


लेखराज

जिलामहान्त्री ,सीआईटीयू देहरादून


आजमखान

अध्यक्ष ,भिम आर्मी देहरादून


हम हैं आपके

न्यूज़ विचार और व्यव्हार

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी लोकतंत्र के चार स्तंभों में मीडिया को इसलिए जगह दी गई थी ताकि वह सत्ता पर निगरानी र...