Thursday, June 20, 2024

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने "नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन लिविंग विद नेचर: सॉइल, वाटर, और सोसाइटी इन इकोसिस्टम कंजर्वेशन (LNSWSEC-2024)" हिमालयन कल्चरल सेंटर, देहरादून में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।



20 जून, 2024 – विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने "नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन लिविंग विद नेचर: सॉइल, वाटर, और सोसाइटी इन इकोसिस्टम कंजर्वेशन (LNSWSEC-2024)" हिमालयन कल्चरल सेंटर, देहरादून में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।



यह आयोजन भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संघ (IASWC) द्वारा ICAR-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (ICAR-IISWC) के सहयोग से किया जा रहा है। यह सम्मेलन 20-22 जून, 2024 तक चलेगा।


ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। अपने मुख्य अतिथि के संबोधन में, उन्होंने शोध को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने के महत्व पर जोर दिया, जो किसानों और हितधारकों को लाभान्वित करते हैं, बजाय इसके कि वे केवल शैक्षणिक प्रकाशनों और पुरस्कारों तक सीमित रहें। उन्होंने उत्तराखंड के लोगों और किसानों की सक्रिय प्रकृति को उजागर किया और संसाधनों के संरक्षण और आजीविका को बढ़ाने के लिए स्पष्ट, वैज्ञानिक रूप से समर्थित मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और बुजुर्गों की बुद्धिमत्ता को आधुनिक संरक्षण प्रथाओं में एकीकृत करने के महत्व पर भी जोर दिया ताकि प्रकृति के साथ सतत जीवन को बढ़ावा दिया जा सके।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सम्मेलन में संदेश उपस्थित लोगों को सुनाया गया जिसमे उन्होंने कार्यक्रम की सफलता की कामना की।


इस सम्मेलन में ICAR संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय एजेंसियों जैसे NBA और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों जैसे INBAR से लगभग 350 वैज्ञानिक और विद्वान, साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से 150 प्रगतिशील किसान भाग ले रहे हैं। वे वैज्ञानिकों के साथ बातचीत कर रहे हैं और नई ज्ञान और तकनीकों को प्राप्त करने के लिए प्रदर्शनी स्टालों का अन्वेषण कर रहे हैं।

Tuesday, June 18, 2024

आवंटित बजट समय पर खर्च करें अधिकारी डॉ. धन सिंह रावत






*समीक्षा बैठक में बजट खर्च की धीमी गति पर जताई नाराजगी*


*कहा बजट खर्च का आगामी सौ दिनों का रोडमैप तैयार करें विभाग*


देहरादून, 18 जून 2024


वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु समस्त संबंधित विभागों को आवंटित बजट समय पर खर्च करने के निर्देश दे दिये गये हैं। साथ ही विभागीय अधिकारियों को बजट खर्च का योजनावार आगाती सौ दिनों का रोडमैप तैयार करने को भी कहा गया है ताकि सरकार द्वारा आवंटित बजट समय पर खर्च करने के साथ ही आय-व्यय में पादर्शिता भी बनी रहे।


सूबे के कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर अपने विभागों को वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु आवंटित बजट की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विद्यालयी शिक्षा संस्कृत शिक्षा उच्च शिक्षा समग्र शिक्षा एनएचएम आदि विभागों के योजनावार प्राप्त कुल बजट के सापेक्ष खर्च का ब्योरा तलब किया। वार्षिक आय-व्यय की विभागीय समीक्षा के दौरान डा. रावल ने बजट खर्च की धीमी रफ्तार पर अधिकारियों से नाराजगी जताते हुये बजट खर्च की गति बढ़ाने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने इस संबंध में विभागाध्यक्षों का स्पष्टीकरण मांगने के भी निर्देश दिये। डा. रावत ने कहा कि सरकार के पास जनकल्याण की योजनाओं के लिये बजट की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद कई विभागीय अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन व बजट खर्च करने में फिसड्‌डी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो विभाग समय पर बजट खर्च नहीं करेगा उनके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जायेगी। डा. रावत ने विभागों में समय पर बजट खर्च करने के लिये आगामी सौ दिन का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिये।


बैठक में महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह निदेशक वित्त स्वास्थ्य विभाग एवं अपर सचिव वित्त अमिता जोशी वित्त नियंत्रक संस्कृत शिक्षा लखेन्द्र गोथियाल, वित्त नियंत्रक विद्यालयी शिक्षा हेमेन्द्र गंगवार वित्त नियंत्रक चिकित्सा शिक्षा बी.एन. पाण्डेय, वित्त नियंत्रक एनएचएम दिपाली भरने सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज सचिवालय में खनन विभाग की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में प्रतिभाग किया।



इस दौरान सीएस ने राज्य में अवैध खनन पर सख्त निगरानी तथा वैध खनन से राजस्व बढ़ाने के लिए एमडीटीएसएस (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एण्ड सर्विलेन्स सिस्टम ) को देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व उधमसिंह नगर के 40 चेक गेट पर लगाने हेतु लगभग 93 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। एमडीटीएसएस के तहत खनन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी हेतु एएनपीआर कैमरा, बुलेट कैमरा, आरएफआईडी राडार, एलईडी फलड लाइट जैसी अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही देहरादून में माइनिंग स्टेट कन्ट्रोल सेन्टर (एमएससीसी) स्थापित किया जाएगा।  इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल तथा उधमसिंह नगर के जिला मुख्यालयों में मिनी कमान्ड सेन्टर स्थापित किए जाएंगे।  

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि एमडीटीएसएस के माध्यम से खनिजों ( Mineral ) के गैर कानूनी तथा अनाधिकृत परिवहन, खनिजों के अत्यधिक खनन या निष्कासन, खनिजों को ले जाने वाले वाहनों की ओवरलोडिंग, ट्रांजिट पास में दी गई डिलीवरी लोकेशन के विपरीत डिलीवरी, अवैध खनन व अन्य कारणों से राजस्व हानि आदि पर निरन्तर निगरानी सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में खनन से जुड़े सभी हितधारकों से प्रभावी समन्वय कर उनका सहयोग लेने तथा जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।  सीएस ने खनन क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिकों के कल्याण एवं विकास तथा उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में ईंट के भट्टों में कार्य करने वाले मजदूरों के विकास एवं कल्याण हेतु भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खनन क्षेत्रों एवं ईट के भट्टों में कार्य करने वाले मजदूरों के लिए मेडिकल एवं बीमा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सचिव श्री बृजेश कुमार सन्त, अपर सचिव डा. अहमद इकबाल सहित खनन एवं वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभावित बस्तियों की महिलाओं ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर देहरादून विधायकों को पत्र देकर बस्तियों को बचाने की गुहार लगाई ।

 




देहरादून 18 जून 024 ,

आज बड़ी संख्या मे प्रभावित बस्तियों महिलाओं ने भारतीय जनता पार्टी के महानगर कार्यालय पहुंचकर विधायकों के नाम ज्ञापन देकर बस्तियों को बचाने की गुहार लगाई तथा मांग की कि भाजपा अपने वायदे के अनुरूप बस्तियों के लिऐ  नियमतीकरण के लिऐ कानून लाये तथा मालिकाना हक़ दे ।

इस अवसर बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थे ।इस अवसर पर किरन ,सीमा, फरजाना, सुनीता ,सरोज ,पिंकू ,प्रेंमा,मिथिलेश ,बबीता, पुष्पा ,नूतन ,नीलम ,शारदा, प्रभा ,कविता ,सुनीता, पूनम ,सन्ध्या ,नीलम,रेखा ,ममता ,बीना ,हेमा ,नूतन ,ओमवती, जितनी आदि बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी ।

ज्ञापन सलग्न

सेवा में ,

(1)माननीय श्री गणेश जोशीजी

विधायक मसूरी विधानसभा देहरादून ।

(2) माननीय श्री उमेश शर्मा काऊ

विधायक विधानसभा रायपुर देहरादून ।

(3)माननीय श्री विनोद चमोली जी

विधायक धर्मपुर विधानसभा

देहरादून ।

(4)माननीय श्री खजानदास जी

विधायक राजपुर रोड़ क्षेत्र

विधानसभा देहरादून

(5)माननीय श्रीमती सविता कपूर

विधायक देहरादून कैन्ट विधानसभा देहरादून ।

 *बिषय :(1)अपनी पार्टी एवं सरकार के वायदे के अनुरूप बस्तियों के नियमतीकरण हेतु कानून लाने के सन्दर्भ में ।

(2) गरीबों को उजाडना बन्द हो

(3) सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुरूप पहले पुर्नवास फिर बिस्थापन हो ।* 

मान्यवर ,



आज सैकड़ों गरीब महिलाओं को  भाजपा के देहरादून दफ्तर पर इसलिए पहुंचना पड़ा क्योंकि हाल में देहरादून में नगर निगम, MDDA और अन्य प्रशासनिक विभाग अतिक्रमण हटाने के नाम पर ध्वस्तीकरण अभियान चला रहे हैं।   इस अभियान में कानून के प्रावधानों और संविधान के मूल्यों का घोर उल्लंघन हो रहा है। इस संदर्भ में हम आपके संज्ञान में कुछ बिंदुओं को लाना चाह रहे हैं :-

 (1)राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के 13.05.2024 के आदेश (पैराग्राफ 20) के अनुसार नगर आयुक्त देहरादून ने प्राधिकरण के समक्ष बेदखली को कानून के अनुसार कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।  लेकिन बिना कोई क़ानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए लोगों को बेदखल किया जा रहा है।  अनाधिकृत अधिकारी मनमानी तरीकों से तय कर रहे हैं कि किसको बेदखल करना है ? प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं है और व्यक्तिगत सुनवाई और अपील करने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा है । (2)इस अभियान के दौरान कुछ लोग जो निश्चित रूप से 2016 से पहले रह रहे थे, उनकी सम्पतियों को भी नुक्सान पहुंचवाया गया है।

(3)बेदखली के लिए क़ानूनी प्रक्रिया है, जो उत्तर प्रदेश पब्लिक प्रेमिसेस (एविक्शन ऑफ़ अनअथॉराइज़्ड ऑक्यूपेशन) अधिनियम में अंकित है।  लेकिन इस कानून को ताक पर रखा गया है। 

(4)इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण का आदेश केवल मामले से सम्बन्धित पक्षकारों पर ही लागू होता है और ऐसे लोगों को मनमाने तरीके से उजाडा जा रहा है,  जो इस मामले में  पक्षकार नहीं हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का प्राधिकरण में कोई मौका ही नहीं दिया गया है।बिना क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाये किसी की सम्पति को नुक़सान पहुँचाना क़ानूनी अपराध है।  (5)प्रभावित लोगों में से कई परिवार  जो अनुसूचित जाति के हैं और उनको गैर क़ानूनी तरीकों से बेदखल करना SC / ST (Prevention of Atrocities) Act के अंतर्गत भी अपराध है।  हमारे संविधान के अनुसार आश्रय का अधिकार मौलिक अधिकार है।  उच्चतम न्यायलय के अनेक फैसलों में इस सिद्धांत को दोहराया गया है (Olga Tellis & Ors v. Bombay Municipal Corporation, 1986 AIR 180, 1985 SCR Supl. (2) 51 (1985) , Shantistar Builders v. Narayan Khimalal Totame, AIR 1990 SC 630 (1990) , इत्यादि)।  इसलिए बिना पुनर्वास की व्यवस्था कर मज़दूर परिवारों को बेघर करना संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है।

(6) देहरादून की नदियों एवं नालियों में होटल, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट और अनेक अन्य निजी संस्थानों द्वारा और सरकारी विभागों द्वारा भी  अतिक्रमण हुए हैं।  हरित प्राधिकरण के आदेश में कोई ज़िक्र नहीं है कि कार्यवाही सिर्फ मज़दूर बस्तियों के खिलाफ करना है, लेकिन किसी भी अन्य प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों को नोटिस तक नहीं गया है।  इसलिए  यह अभियान न केवल गैर क़ानूनी है बल्कि भेदभावपूर्ण भी है।

(8)करनपुर खास(आर्य नगर बस्ती),कांवली ,गांधी ग्राम के जो नोटिस वर्तमान में दिये गये है वे नोटिस कानून के विपरीत है।इस सरकार से पूर्व अन्य सरकारों ने भूमिहीन कब्जे दारों को कानूनी प्रावधान के विपरीत जाकर कानून में संशोधन कर वर्ष 1970,1977,1995,2002में मालिकाना अधिकार प्रदान किए हैं।

अतः हमारा आपसे निवेदन है कि राज्य सरकार अपनी मालिकाना हक की वचनबद्धता तथा हाल ही में भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने लगभग करो्ड़ों आवासहिनों को मकान देने का वायदा किया राज्य सरकार को चाहिए की वह दोनों सरकारों की वचनबद्धता का 

 पालन करते हुये ;-- 

(अ)इस गैर क़ानूनी ध्वस्तीकरण अभियान पर तुरंत रोक लगायी जाय तथा कोई भी बेदखली की प्रक्रिया कानून के अनुसार हो।

(ब) तमाम गरीब व भूमिहीन लोगों की पुनर्वास की ब्यवस्था करने के बाद ही यदि आवश्यक हो तो सम्बन्धित स्थान से विस्थापित किया जाये। देश की आजादी  के बाद  हर देशवासी को, आवास ,शिक्षा व रोजगार पाने का हक है,  और जनता द्वारा चुनी हुई सरकार का काम अपने दायित्वों का निर्वहन कर इसे पूरा करने का है।   

(स )जिन परिवारों के घरों को बिना कोई क़ानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए तोड़े गए हैं, उनको मुआवज़ा उपलब्ध कराया जाये और ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जाये।

(द )हाल के बर्षो में ग्राम पंचायत स नगरनिगम मे जुड़े क्षेत्र से जुड़ै लोंगों कै नोटिस निरस्त हों ।

(ध) सभी बस्तियों में उपजिलाधिकारी सदर कि ओर से बेदखली कै नोटिस निरस्त हों ।

अत: से अनुरोध है कि उपरोक्त बिन्दुओं पर चुपचाप रहने कै बजाय ध्वस्तीकरण कि प्रक्रिया रोकने कै लिऐ अपना संवैधानिक दायित्वों का पालन करने कि कृपा करें तथा सभी बस्तियों कै नियमतीकरण हेतु कानून लायैं ,सरकार की हरेक जनपक्षिय योजना में पुर्नवास एवं समुचित योजना का प्रावधान हो ।

Friday, June 14, 2024

कोटद्वार की जन समस्याओं को पत्र के माध्यम से लगातार अधिकारियों को अवगत एवं निर्देशित कर रहीं है विधानसभा अध्यक्ष एवम् क्षेत्रीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण*


कोटद्वार 14 जून 2024


*



गत 2 वर्षों से विधानसभा उत्तराखंड के सफल संचालन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती ऋतु खण्डूडी भूषण अपनी विधानसभा कोटद्वार में भी हर वक्त सक्रिय भूमिका में नजर आती हैं। साफ, निष्पक्ष एवं कड़क कार्य शैली, ख़ास तौर से प्रदेश की महिलाओं एवं युवा जनता को लुभाती आई है। 


इसी क्रम में आज उन्होंने पिछले साल कोटद्वार क्षेत्र में हुई अति वर्षा से क्षतिग्रस्त हुआ कौडिया क्षेत्र के पुल की मरम्मत ना होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को अपनी नाराजगी व्यक्त करी। उन्होंने बताया की क्षेत्र की जनता व समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि बच्चों के लिए विद्यालय तक आने–जाने के लिए एक मात्र माध्यम पुल ही है। यदि शीघ्र ही पुल के पिल्लर की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले वर्षा काल में पुल के ढहने की पूरी संभावना है। जनता की समस्या को ध्यान में रहते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कोटद्वार को पत्र लिखकर जल्द से जल्द कारवाही के निर्देश दिए ।


साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने पौड़ी जनपद के जंगलों में आग लगने की घटनाओं का भी संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया सेटेलाइट आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को जिले के 80 से अधिक स्थानों पर जंगलों में आग धधक रही थी।जबकि वन विभाग के आंकड़े द्वारा कोई ऐसी घटना का जिक्र नहीं हुआ है।विधानसभा अध्यक्ष ने बताया की कोटद्वार विधानसभा के आसपास के कई इलाकों में भी जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ती जा रही है, जिसे रोकना हम सबकी जिमेदारी है। ऋतु खण्डूडी ने प्रभागीय वनाधिकारी, वन विभाग, लैंसडाउन को पत्र लिखकर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए ।


समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए कोटद्वार परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक को पत्र लिख ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार में बसों की उचित व्यवस्था बना कर बंद रूटों पर चलाने की मांग करी है। उन्होंने बताया कोटद्वार डिपो की वर्तमान में बस बेड़ा कम है और चारधाम की यात्रा से भी बसों की संख्या कम हुई है। विधानसभा अध्यक्ष ने नई बस मिलने पर पुराने बंद रूटों की समीक्षा कर यात्रियों की सुविधा की दृष्टिगत बंद रूटों पर बसों का संचालयन करने के लिए निर्देशित किया।

_बस्तीवासियों के उत्पीड़न के खिलाफ, सभी प्रभावितों को सुनने तथा पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग को लेकर एमडीडीए पर प्रदर्शन ।

 



देहरादून 14 जून 024 ,

आज बस्तीवासियों के उत्पीड़न के खिलाफ ,साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका देने तथा प्रभावितों का पुनर्वास करने की मांग को लेकर ,विभिन्न राजनैतिक दलों ,सामाजिक संगठनों ने प्रभावितों के साथ मिलकर एमडीडीए मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर भाजपा सरकार की गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा वक्ताओं ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के परिणामस्वरूप आज आम जनता परेशान है तथा जगह जगह गरीब लोगों को भाजपा की नीतियों के कारण उजाड़ना पड़ रहा है ।वक्ताओं ने कहा सरकार सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के जगह जगह अवहेलना कर रही है ,न्यायालय के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि किसी को हटाने से पहले कानूनी प्रक्रिया अपनाकर पहले प्रभावितों की पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए प्रत्येक मामले में सरकार कानून एवं दिशानिर्देशों की अवहेलना कर रही है ।वक्ताओं ने चेतावनी दी गरीबों ‌का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा

संगठनों ने निम्नलिखित बिंदुओं उपाध्यक्ष एमडीडीए सामने रखी ।

  (1)राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के 13.05.2024 के आदेश (पैराग्राफ 20) के अनुसार नगर आयुक्त देहरादून ने प्राधिकरण के समक्ष बेदखली को कानून के अनुसार कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।  लेकिन बिना कोई क़ानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए लोगों को बेदखल किया जा रहा है।  अनधिकृत अधिकारी मनमानी तरीकों से तय कर रहे हैं कि किसको बेदखल करना है। प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं है और व्यक्तिगत सुनवाई और अपील करने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा है ।

(2)इस अभियान के दौरान कुछ लोग जो निश्चित रूप से 2016 से पहले रह रहे थे, उनकी सम्पतियों को भी नुक्सान पहुंचवाया गया है। 

(3) बेदखली के लिए क़ानूनी प्रक्रिया है, जो उत्तर प्रदेश पब्लिक प्रेमिसेस (एविक्शन ऑफ़ अनअथॉराइज़्ड ऑक्यूपेशन) अधिनियम में अंकित है।  लेकिन इस कानून को ताक पर रखा गया है।

(4) इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण का आदेश केवल मामले से सम्बन्धित पक्षकारों पर ही लागू होता है और ऐसे लोगों को मनमाने तरीके से उजाडा जा रहा है,  जो इस मामले में  पक्षकार नहीं हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का प्राधिकरण में कोई मौका ही नहीं दिया गया है ।

(4) बिना क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाये किसी की सम्पति को नुक़सान पहुँचाना क़ानूनी अपराध है।  प्रभावित लोगों में से कई परिवार हैं जो अनुसूचित जाति के हैं और उनको गैर क़ानूनी तरीकों से बेदखल करना SC / ST (Prevention of Atrocities) Act के अंतर्गत भी अपराध है। हमारे संविधान के अनुसार आश्रय का अधिकार मौलिक अधिकार है।  उच्चतम न्यायलय के अनेक फैसलों में इस सिद्धांत को दोहराया गया है (Olga Tellis & Ors v. Bombay Municipal Corporation, 1986 AIR 180, 1985 SCR Supl. (2) 51 (1985) , Shantistar Builders v. Narayan Khimalal Totame, AIR 1990 SC 630 (1990) , इत्यादि)।  इसलिए बिना पुनर्वास की व्यवस्था कर मज़दूर परिवारों को बेघर करना संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है।

-(5) महोदय, देहरादून की नदियों एवं नालियों में होटल, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट और अनेक अन्य निजी संस्थानों द्वारा और सरकारी विभागों द्वारा भी  अतिक्रमण हुए हैं।  हरित प्राधिकरण के आदेश में कोई ज़िक्र नहीं है कि कार्यवाही सिर्फ मज़दूर बस्तियों के खिलाफ करना है, लेकिन किसी भी अन्य अतिक्रमणकारी को नोटिस तक नहीं गया है।  इसलिए  यह अभियान न केवल गैर क़ानूनी है बल्कि भेदभावपूर्ण भी है।

 (6)इस गैर क़ानूनी ध्वस्तीकरण अभियान पर तुरंत रोक लगायी जाय।  - कोई भी बेदखली की प्रक्रिया कानून के अनुसार हो।- (7)-  तमाम गरीब व भूमिहीन लोगों की पुनर्वास की ब्यवस्था करने के बाद ही यदि आवश्यक हो तो सम्बन्धित स्थान से विस्थापित किया जाये। देश की आजादी  के बाद  हर देशवासी को, आवास ,शिक्षा व रोजगार पाने का हक है,  और जनता द्वारा चुनी हुई सरकार का काम अपने दायित्वों का निर्वहन कर इसे पूरा करने का है।     

(8)जिन परिवारों के घरों को बिना कोई क़ानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए तोड़े गए हैं, उनको मुआवज़ा उपलब्ध कराया जाये और ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की जाये।

(9)- हाल के बर्षो में ग्राम पंचायत स नगरनिगम मे ं जुड़े क्षेत्र से जुड़े लोंगों कै नोटिस निरस्त हों ।

प्रभावित बस्तीवासियों कै लिऐ साक्ष्य प्रस्तुत करने कै  लिऐ समय दिया जाऐ तथा  प्रभावितों को समय दिया जाऐ तथा प्रत्येक प्रभावित को सुनवाई का प्रर्याप्त समय दिया जाऐ ।

प्रदर्शन कै दौरान उपाध्यक्ष जी की अनुपस्थित में अधिशासी अभियंता श्री सुनील कुमार ने प्रर्दशनकारियों के मध्य आकर ज्ञापन लिया जिसके साथ सैकड़ों प्रभावितों के साक्ष्य थे ।उन्होंने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

प्रर्दशनकारियों में,सीआईटीयू के प्रांतोय सचिव लेखराज चेतना आन्दोलन कै शंकर गोपाल ,सीपीआई(एम) के  राजेन्द्र पुरोहित ,अनन्त आकाश  ,आयूपि के नवनीत  गुंसाई ,आन्दोलनकारि परिषद कै सुरेश कुमार ,एस एफ आई नितिन मलैठा , हिमान्शु चौहान नै सभा को सम्बोधित किया ।

इस अवसर नरेंद्र कुमार ,राजेन्द्र शर्मा ,रामसिंह भण्डारी ,सुनीता ,रविंद्र नौडियाल ,हरिश कुमार ,गुरू प्रसाद,अर्जुन रावत ,विकास ,राजेन्द्र शाह ,रमन,शैलेन्द्र परमार ,अमित आदि सैकड़ों कि संख्या में प्रदर्शनकारि शामिल थे ।



Thursday, June 13, 2024

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने आज सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की मौजूदा स्थिति की बारीकी से समीक्षा की और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की



केंद्रीय मंत्री ने सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार की पहलों का ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर परिवर्तनकारी और ध्यान देने योग्य प्रभाव हो


प्रविष्टि तिथि: 13 JUN 2024 6:52PM by PIB Delhi

केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने आज पंचायती राज मंत्रालय की विभिन्न गतिविधियों, पहलों और योजनाओं तथा कार्यक्रमों के कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने भाग लिया। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने मंत्रालय की पहलों और प्रयासों का व्यापक अवलोकन किया, जिसमें प्रमुख हस्तक्षेपों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया।




केंद्रीय मंत्री को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजनाओं और पहलों के बारे में जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्रियों ने सभी योजनाओं के कार्यान्वयन की मौजूदा स्थिति की बारीकी से समीक्षा की और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। ब्रीफिंग मीटिंग में अतिरिक्‍त सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार, संयुक्त सचिव श्री आलोक प्रेम नागर, संयुक्त सचिव श्री विकास आनंद, संयुक्त सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, संयुक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार श्रीमती तनुजा ठाकुर खलखो, आर्थिक सलाहकार डॉ. बिजय कुमार बेहरा, मुख्य लेखा नियंत्रक श्री अखिलेश झा सहित पंचायती राज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


 




बैठक के दौरान, केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत सरकार की पहलों का ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर परिवर्तनकारी और उल्लेखनीय प्रभाव हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी हितधारकों के समन्वित और ठोस प्रयासों से, पंचायती राज मंत्रालय प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन के अनुरूप सभी पहलों और हस्तक्षेपों के लक्षित उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल होगा। केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सभी योजनाओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर लागू करने के संबंध में निर्देश और सुझाव भी दिए।


 


केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने अपने अमूल्य विचार साझा किए और सुझाव दिया कि पंचायती राज संस्थाओं द्वारा पारदर्शिता और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने, योजनाओं के उचित कार्यान्वयन और सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी और ऐप-आधारित वास्तविक समय की निगरानी को अत्यधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

न्यूज़ विचार और व्यव्हार

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी लोकतंत्र के चार स्तंभों में मीडिया को इसलिए जगह दी गई थी ताकि वह सत्ता पर निगरानी र...