Sunday, July 14, 2024

उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार ने विधिक माप विज्ञान (पैक की हुई वस्तुएं) नियम, 2011 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है

 



संशोधन में खुदरा बिक्री के लिए पहले से पैक की गई वस्तुओं पर सभी जानकारी अनिवार्य रूप से घोषित करने का प्रस्ताव है

संशोधन से किसी भी मात्रा में पैक की गई वस्तुओं के निर्माताओं/पैकर्स/आयातकर्ताओं में खुदरा बिक्री के लिए पैक की गई वस्तुओं की घोषणा करने में स्पष्टता आएगी

यह नियम औद्योगिक उपभोक्ताओं या संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पैक की गई वस्तुओं पर लागू नहीं होंगे

उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रस्तावित विधिक माप विज्ञान संशोधन पर 29.7.2024 तक फीडबैक मांगा है


ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मंच सहित बाजार के बढ़ते क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए, उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार पैकेज्ड वस्तुओं के लिए एकरूपता स्थापित करने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान (पैक की हुई वस्तुएं) नियम, 2011 में संशोधन करने पर विचार कर रही है। संशोधित प्रावधान द्वारा ये नियम औद्योगिक उपभोक्ताओं या संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पैक की गई वस्तुओं को छोड़कर खुदरा में बेची जाने वाली सभी पैक की गई वस्तुओं पर लागू होंगे।

यह संशोधित प्रावधान पैक की गई वस्तुओं के लिए एक समान मानक/आवश्यकताएं स्थापित करने, विभिन्न ब्रांड और उत्पादों में एकरूपता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को सम्पूर्ण जानकारी के आधार पर सूचित विकल्प बनाने में सहायता करेगा।

विभाग 29 जुलाई, 2024 तक इन 15 दिनों के अवधि में हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित करता है।

कानूनी माप विज्ञान (पैक की गई वस्तुएं) नियम, 2011 में उपभोक्ताओं के हित में सभी पूर्व-पैक की गई वस्तुओं पर निर्माता/पैकर/आयातकर्ता का नाम और पता, उत्पत्ति का देश, वस्तु का सामान्य या व्यापक रूप से नाम, शुद्ध मात्रा, निर्माण का माह और वर्ष, एमआरपी, इकाई बिक्री मूल्य, वस्तु के मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त होने की स्थिति में सर्वोत्तम उपयोग की तिथि, उपभोक्ता देखभाल विवरण आदि जैसी अनिवार्य जानकारी की घोषणा की आवश्यकता होती है।

ये नियम निम्नलिखित को छोड़कर सभी पूर्व-पैकेज्ड वस्तुओं पर लागू हैं:

  1. 25 किलोग्राम या 25 लीटर से अधिक मात्रा वाली वस्तुओं के पैकेज;
  2. 50 किलोग्राम से अधिक पैकेज में बेचे जाने वाले सीमेंट, उर्वरक और कृषि फार्म उत्पाद; और
  3. औद्योगिक उपभोक्ताओं या संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पैक किए गए उत्पाद।

ये नियम 50 किलोग्राम से अधिक पैकेज में बेचे जाने वाले सीमेंट, उर्वरक और कृषि फार्म उत्पादों को छोड़कर 25 किलोग्राम या 25 लीटर से अधिक मात्रा वाली पैक की गई वस्तुओं पर लागू नहीं हैं, क्योंकि यह माना जाता है कि खुदरा बिक्री के लिए पैक की गई वस्तुएं 25 किलोग्राम से अधिक नहीं हैं। यद्यपि, यह देखा गया है कि 25 किलोग्राम से अधिक की पैक की गई वस्तुएं भी खुदरा बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध हैं, जो खुदरा बिक्री के लिए पूर्व-पैक की गई वस्तुओं पर सभी घोषणाएं करने के अनुरूप नहीं है।

वायुसेना स्टेशन सरसावा में कारगिल विजय दिवस रजत जयंती 2024 का आयोजन किया गया

 


भारतीय वायुसेना के पास अपने वीर वायु योद्धाओं के साहस और बलिदान की एक गौरवशाली विरासत है, जिन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस से लड़ाई लड़ी थी, जो वास्तव में सैन्य विमानन के इतिहास में एक मील का पत्थर था। कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) में भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन, 16000 फीट से अधिक की खड़ी ढलान और चक्करदार ऊंचाइयों की चुनौतियों का सामना करने की भारतीय वायुसेना की सैन्य क्षमता का प्रमाण हैं, जो युद्ध में दुश्मन को निशाना बनाने में अद्वितीय परिचालन बाधाएं हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में लड़े गए इस युद्ध को जीतने के लिए वायु शक्ति के अपने उपयोग में तेजी से किए गए तकनीकी संशोधनों और ऑन-द-जॉब-ट्रेनिंग ने भारतीय वायुसेना का स्थान श्रेष्ठ रहा। कुल मिलाकर, भारतीय वायुसेना ने लगभग 5000 स्ट्राइक मिशन, 350 टोही/ईएलआईएनटी मिशन और लगभग 800 एस्कॉर्ट उड़ानें भरीं। भारतीय वायुसेना ने घायलों को निकालने और हवाई परिवहन कार्यों के लिए 2000 से अधिक हेलीकॉप्टर उड़ानें भी भरीं।

कारगिल युद्ध में विजय के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, भारतीय वायुसेना 12 जुलाई से 26  जुलाई 24 तक वायुसेना स्टेशन सरसावा में 'कारगिल विजय दिवस रजत जयंती' का आयोजन कर रही है, जिसमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को सम्मानित किया जाता है। वायुसेना स्टेशन सरसावा की 152 हेलीकॉप्टर यूनिट, 'द माइटी आर्मर' ने ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 28 मई 99 को, 152 एचयू के स्क्वाड्रन लीडर आर पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू को टोलोलिंग में दुश्मन के ठिकानों पर लाइव स्ट्राइक के लिए 'नुबरा' फॉर्मेशन के रूप में उड़ान भरने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस हवाई हमले को सफलतापूर्वक करने के बाद, उनके हेलीकॉप्टर को दुश्मन की स्टिंगर मिसाइल ने टक्कर मार दी, जिसमें चार वीर सैनिकों ने प्राणों का बलिदान दिया। असाधारण साहस के इस कार्य के लिए, उन्हें मरणोपरांत वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया। उनके सर्वोच्च बलिदान ने सुनिश्चित किया कि उनका नाम हमेशा के लिए भारतीय वायुसेना के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा।

13 जुलाई 24 को, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने वरिष्ठ गणमान्य अधिकारियों, बहादुरों के परिवारों, दिग्गजों और सेवारत भारतीय वायुसेना अधिकारियों के साथ स्टेशन युद्ध स्मारक पर राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की बलिदान देने वाले सभी वायु सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम के दौरान वायु सेना प्रमुख ने उनके परिजनों को सम्मानित किया और उनसे बातचीत की।

एक शानदार एयर शो का आयोजन किया गया जिसमें आकाश गंगा टीम द्वारा प्रदर्शन और जगुआर, एसयू-30 एमकेएल और राफेल लड़ाकू विमानों द्वारा हवाई प्रदर्शन शामिल थे। शहीद नायकों की पुण्य स्मृति में एमआई-17 वी5 द्वारा "मिसिंग मैन फॉर्मेशन" ने उड़ान भरी। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों जैसे एमआई-17 वी5, चीता, चिनूक का स्थिर प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर एयर वॉरियर ड्रिल टीम और वायुसेना बैंड ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी।

इस कार्यक्रम को 5000 से अधिक दर्शकों ने देखा, जिनमें स्कूली बच्चे, सहारनपुर क्षेत्र के स्थानीय निवासी, भूतपूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक और रुड़की, देहरादून और अंबाला के रक्षा बलों के कार्मिक गण शामिल थे।


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Saturday, July 13, 2024

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के मुंबई में इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (आईएनएस) टावर्स का उद्घाटन किया

 



“अगले 25 वर्षों में विकसित भारत की यात्रा में समाचार पत्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है”

“जिस देश के नागरिकों में अपने सामर्थ्य को लेकर आत्मविश्वास आ जाता है, वे सफलता की नई ऊंचाइयां प्राप्त करने लगते हैं। भारत में भी आज यही हो रहा है”

“आईएनएस न केवल भारत की यात्रा के उतार-चढ़ाव का साक्षी रहा है बल्कि उसे जिया भी  और जन-जन तक पहुंचाया भी”

“किसी देश की वैश्विक छवि सीधे उसकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। भारतीय प्रकाशनों को अपनी वैश्विक उपस्थिति बढ़ानी चाहिए”


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के जी-ब्लॉक में इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (आईएनएससचिवालय के दौरे के दौरान आईएनएस टावर्स का उद्घाटन किया। यह नई इमारत मुंबई में आधुनिक एवं कुशल कार्यालय संबंधी आईएनएस के सदस्यों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगी और मुंबई में समाचार पत्र उद्योग के मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करेगी।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने नए टावर के उद्घाटन पर इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी के सभी सदस्यों को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि नई जगह में काम करने में आसानी  से भारत का लोकतंत्र और मजबूत होगा। इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कि इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी का गठन आजादी से पहले किया गया था, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संगठन न केवल भारत की यात्रा के उतार-चढ़ाव का साक्षी रहा है, बल्कि बल्कि उसे जिया भी और जन-जन तक पहुंचाया भी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि  एक संगठन के रूप में इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी के काम का प्रभाव देश में स्पष्ट होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मीडिया राष्ट्रों की स्थितियों का मूकदर्शक नहीं होता हैबल्कि उन्हें बदलने में प्रमुख भूमिका निभाता है। उन्होंने विकसित भारत की अगली 25 वर्षों की यात्रा में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने नागरिकों के अधिकारों और सामर्थ्य के बारे में जागरूकता पैदा करने में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत में डिजिटल लेनदेन की सफलता को इस बात का उदाहरण बताया कि कैसे आत्मविश्वास से भरे नागरिक बड़ी सफलता हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख देश भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में रुचि रखते हैं। उन्होंने इन सफलताओं में मीडिया की भागीदारी को स्वीकार किया।

प्रधानमंत्री ने गंभीर मुद्दों पर चर्चा करके विचार-विमर्श सुनिश्चित करने में मीडिया की स्वाभाविक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने मीडिया की कार्यप्रणाली पर सरकारी नीतियों का प्रभाव पड़ने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने जन धन योजना की मुहि‍म के जरिए वित्तीय समावेशन एवं बैंक खाते खोलने और लगभग 50 करोड़ लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की पहल में सबसे बड़ी मदद थी। प्रधानमंत्री ने कहा, इसी तरह स्वच्छ भारत या स्टार्टअप इंडिया जैसी पहल वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित नहीं हुईं। उन्होंने इन अभियानों को राष्ट्रीय स्‍तर पर विचार-विमर्श का हिस्सा बनाने के लिए मीडिया की सराहना की।

इस बात का उल्‍लेख करते हुए कि इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी द्वारा लिए गए निर्णय देश के मीडिया को दिशा देते हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि सरकार द्वारा शुरू किया गया कोई भी कार्यक्रम निश्चित रूप से सरकारी कार्यक्रम ही हो और जिस भी विचार पर विशेष जोर दिया गया है वह केवल सरकार का ही विचार नहीं हो सकता है। उन्होंने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियानों का उदाहरण दिया जिनकी शुरुआत सरकार ने की थी लेकिन उन्हें पूरे देश ने आगे बढ़ाया। इसी तरह प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर सरकार के विशेष जोर को रेखांकित किया जो कि एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक मानवीय मुद्दा है और उन्होंने हाल ही में शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का भी जिक्र किया, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व भर के राजनेताओं ने भी इस कार्यक्रम में गहरी दिलचस्पी दिखाई जिसमें प्रधानमंत्री भी शामिल हुए। उन्होंने समस्‍त मीडिया घरानों से युवा पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए इस मुहिम में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मैं मीडिया घरानों से आग्रह करता हूं कि वे राष्ट्र के प्रति एक विशेष प्रयास के रूप में इस तरह की पहल को आगे बढ़ाएं।’ भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ के समारोह का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने संविधान के प्रति नागरिकों की कर्तव्य भावना और जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन को भी सभी की ओर से सामूहिक ब्रांडिंग और मार्केटिंग की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि समाचार पत्र किसी विशेष राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई महीना चुन सकते हैं। इससे राज्यों के बीच आपसी रुचि बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री ने समाचार पत्रों से अपनी वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने का अनुरोध किया। निकट भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की भारत की यात्रा को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सफलता को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना मीडिया की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘किसी देश की वैश्विक छवि सीधे तौर पर उसकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है।’ उन्होंने भारत की बढ़ती साख और वैश्विक प्रगति में योगदान देने की इसकी बढ़ती क्षमता के साथ प्रवासी भारतीयों के बढ़ते महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की सभी भाषाओं में भारतीय प्रकाशनों के विस्तार की कामना की। उन्होंने सुझाव दिया कि इन प्रकाशनों की वेबसाइट, माइक्रोसाइट या सोशल मीडिया अकाउंट इन भाषाओं में हो सकते हैं। उन्होंने इस तरह के प्रयासों में एआई द्वारा प्रदान की जाने वाली सहूलियत का भी उल्‍लेख किया।

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने मीडिया घरानों से आग्रह किया कि वे प्रकाशन के डिजिटल संस्करण का उपयोग करें क्योंकि इसमें मुद्रित संस्करणों की तुलना में स्थान की कोई कमी नहीं होती है और इसके साथ ही आज दिए गए सुझावों पर विचार करें। उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी इन सुझावों पर विचार करेंगे, नए-नए प्रयोग करेंगे और भारत के लोकतंत्र को मजबूत करेंगे। आप जितनी मजबूती से काम करेंगे, देश उतनी ही अधिक प्रगति करेगा।’

इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री रमेश बैस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस और श्री अजीत पवार तथा इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी के अध्यक्ष श्री राकेश शर्मा उपस्थित थे।

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एमजी/एआर/आरकेएस/आर

There will be no compromise on illegal mining, illegal crushers, illegal land encroachers and drug mafia” says Union Minister Dr. Jitendra Singh

 



“Government working on a war footing to deal with rising terror incidents in Jammu Division to restore normalcy”, asserts Dr. Singh

“Development journey of the Modi government transformed Udhampur-Kathua-Doda Parliamentary constituency in the last 10 years”: Dr Singh


 “There will not be any compromise in dealing with illegal crushers, illegal mining, illegal land encroachers and drug peddlers”, stated Union Minister of State (Independent Charge) Science & Technology; MoS PMO, Personnel, Public Grievances, Pensions, Atomic Energy and Space, Dr. Jitendra Singh in Kathua, Jammu today.

Dr. Jitendra Singh said,  anybody linked with illegal crushers, unauthorised mining or  land encroachment will not be spared , no matter how influential he thinks of himself or whatever public clout he thinks he enjoys.

The Minister said, Nobody has a right to indulge in illegal mining and erode the foundations of our precious bridges like Keediyan Gandyal. Similarly, nobody has the right to earn ill-gotten wealth by turning others’ children into drug addicts because tomorrow his own children may also fall  prey to such addiction, he said.

Dr. Jitendra Singh was speaking after holding nearly a three-hour public durbar, during which the Minister heard various citizens’ delegations with an objective to ensure on-the-spot resolution of their grievances and demands with the Deputy Commissioner and other senior officials of the administration.

The Minister stated that Illegal mining and drug abuse is a vicious cycle which facilitates terrorism and other social evils. “Exemplary and punitive action will be held out  against those indulging in these crimes, irrespective of their political affiliations or so-called influence”, he warned. The Minister informed that the local administration has acted against 25 illegal crushers, and a fresh list of nearly a dozen of such crushers is being prepared to take strict action against them as per the law.

The Union Minister assured that all possible steps are being taken to deal with rising terror incidents in order to restore people’s confidence and public order. He stated that these steps will bear fruit soon, and normalcy will return to within a week.

While warning the local terror facilitators of stern action, Dr. Jitendra Singh urged the society to remain vigilant and join the government’ efforts to deal with the menace of terrorism in the region. He said the VDCs are being strengthened to fight terrorists.

Dr. Jitendra Singh flagged the increasing incidents of cattle smuggling in the area, vowing to deal with the crime with an iron hand. The Union Minister rued that the drug menace has spread its tentacles from Punjab to Katra, bringing infamy to the holy city. He urged the local citizens to wean away their wards from the menace in order to secure their future. The Union Minister also drew attention to the problem of land encroachment, and warned that no one will be spared if found guilty of the crime.

The Union Minister stated that the journey of development undertaken by the Modi government has transformed the landscape of the Udhampur-Kathua-Doda Parliamentary constituency in the last ten years. “Milestones of development can be seen at every two kilometers of the constituency”, he said. Dr. Singh recalled that North India’s first bio-tech park, a seed processing plant, over a dozen bridges, including the iconic Atal Setu, have come up in this constituency. The Union Minister said the last decade of the Modi government was dedicated to overcoming shortcomings of the previous regimes. “Now, the government is focused on consolidating the gains of the past decade in its fresh term”, The Union Minister pledged. 


Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah reviews the implementation of ‘Vibrant Villages Programme’ at a high-level meeting in New Delhi today

 

Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah reviews the implementation of ‘Vibrant Villages Programme’ at a high-level meeting in New Delhi today


Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi,Government of India is committed to all round development of the border villages of the country

Need to provide employment opportunities to local residents and increase connectivity to prevent migration from border villages

CAPFs and Army deployed around the border villages should encourage purchase of local agricultural and handicraft products through cooperatives

Residents of the nearby villages should get the benefit of healthcare facilities available for Army and CAPFs

Emphasis on maximum use of renewable energy sources like solar energy and wind mills in vibrant villages


Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah reviewed the implementation of the "Vibrant Villages Programme" at a high-level meeting in New Delhi today. During the meeting, the Union Home Minister said that the Government of India under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi is committed to the all-round development of the border villages. Shri Shah stressed on the need to provide employment opportunities to local residents and increase connectivity with villages to prevent migration from these border villages.

Shri Amit Shah said that Central Armed Police Forces (CAPFs) and Army deployed around the border villages should encourage purchase of local agricultural and handicraft products through cooperatives. He said that the healthcare facilities of the Army and CAPFs should be regularly made available to benefit the residents of nearby villages. Union Home Minister and Minister of Cooperation, Shri Amit Shah stressed upon maximum use of solar energy and other renewable sources of energy like windmills etc.

Union Home Minister directed to continue the efforts being made by senior ministers and officials to better understand the issues of border villages under the Vibrant Villages Programme. So far, more than 6000 events have been organized in these border villages, which include about 4000 service delivery and awareness camps. More than 600 projects have been sanctioned by the Govt. of India for employment generation in these villages. During the meeting, the Home Minister laid special emphasis on review at the highest level at regular intervals to dispose of pending issues.

Under the ‘Vibrant Villages Programme’ scheme, 136 border villages are being provided connectivity through 113 all-weather road projects at a cost of ₹2,420 crore. 4G connectivity is being worked on rapidly in these areas and by December 2024, all villages under the Vibrant Villages Programme will be covered by the 4G network. Appropriate steps are being taken to ensure financial inclusion in all these villages and India Post-Payment Banks (IPPB) are also being facilitated there.

Work is being done to develop tourist circuits to bring vibrancy to these Vibrant Villages and promote tourism. In this endeavour, capacity building and tourism related infrastructure is being developed in coordination with the Ministry of Tourism.

Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, this important and ambitious scheme was launched on 14th February, 2023 with an allocation of Rs.4800 crore. The meeting was attended by senior officers of the Ministry of Home Affairs including the Union Home Secretary, Secretary, Border Management and Director General, Indo Tibetan Border Police (ITBP).

Text of PM’s address at inauguration of Indian Newspapers Society Towers in Mumbai

 



महाराष्ट्र के गवर्नर श्रीमान रमेश बैस जी, मुख्यमंत्री श्रीमान एकनाथ शिंदे जी, उप मुख्यमंत्री भाई देवेंद्र फडणवीस जी, अजित दादा पवार जी, इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी के प्रेसिडेंट भाई राकेश शर्मा जी, सभी वरिष्‍ठ महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

सबले पहले मैं इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी के सभी सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज आप सभी को मुंबई में एक विशाल और आधुनिक भवन मिला है। मैं आशा करता हूँ, इस नए भवन से आपके कामकाज का जो विस्तार होगा, आपकी जो Ease of Working बढ़ेगी, उससे हमारे लोकतंत्र को भी और मजबूती मिलेगी। इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी तो आज़ादी के पहले से अस्तित्व में आने वाली संस्‍थाओं में से एक है और इसलिए आप सबने देश की यात्रा के हर उतार-चढ़ाव को भी बहुत बारीकी से देखा है, उसे जिया भी है, और जन-सामान्‍य को बताया भी है। इसलिए, एक संगठन के रूप में आपका काम जितना प्रभावी बनेगा, देश को उसका उतना ही ज्यादा लाभ मिलेगा। 

साथियों,

मीडिया केवल देश के हालातों का मूकदर्शक भर नहीं होता। मीडिया के आप सभी लोग, हालातों को बदलने में, देश को दिशा देने में एक अहम रोल निभाते हैं। आज भारत एक ऐसे कालखंड में है, जब उसकी अगले 25 वर्षों की यात्रा बहुत अहम है। इन 25 वर्षों में भारत विकसित बने, इसके लिए पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका भी उतनी ही बड़ी है। ये मीडिया है, जो देश के नागरिकों को जागरूक करता है। ये मीडिया है, जो देश के नागरिकों को उनके अधिकार याद दिलाता रहता है। और यही मीडिया है, जो देश के लोगों को ये एहसास दिलाता है कि उनका सामर्थ्य क्या है। आप भी देख रहे हैं, जिस देश के नागरिकों में अपने सामर्थ्य को लेकर आत्मविश्वास आ जाता है, वो सफलता की नई ऊंचाई प्राप्त करने लगते हैं। भारत में भी आज यही हो रहा है। मैं एक छोटा सा उदाहरण देता हूं आपको। एक समय था, जब कुछ नेता खुलेआम कहते थे कि डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत के लोगों के बस की बात नहीं है। ये लोग सोचते थे कि आधुनिक टेक्नोलॉजी वाली चीजें इस देश में नहीं चल पाएंगी। लेकिन भारत की जनता की सूझबूझ और उनका सामर्थ्य दुनिया देख रही है। आज भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन में दुनिया में बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ रहा है। आज भारत के UPI की वजह से आधुनिक Digital Public Infrastructure की वजह से लोगों की Ease of Living बढ़ी है, लोगों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैसे भेजना आसान हुआ है। आज दुनियाभर में हमारे जो देशवासी रहते हैं, खासकर के गल्‍फ के देशों में, वो सबसे ज्यादा रेमिटेंस भेज रहे हैं और उनको जो पहले खर्च होता था, उसमें से बहुत कमी आ गई है और इसके पीछे एक वजह ये डिजिटल रेवेल्यूशन भी है। दुनिया के बड़े-बड़े देश हमसे टेक्नोलॉजी और हमारे implementation model को जानना-समझने को प्रयास कर रहे हैं। ये इतनी बड़ी सफलता सिर्फ सरकार की है, ऐसा नहीं है। इस सफलता में आप सभी मीडिया के लोगों की भी सहभागिता है औऱ इसलिए ही आप सब बधाई के भी पात्र हैं।

साथियों,

मीडिया की स्वाभाविक भूमिका होती है, discourse create करना, गंभीर विषयों पर चर्चाओं को बल देना। लेकिन, मीडिया के discourse की दिशा भी कई बार सरकार की नीतियों की दिशा पर निर्भर होती है। आप जानते हैं, सरकारों में हमेशा हर कामकाज के अच्छा है, बुरा है, लेकिन वोट का गुणा-भाग, उसकी आदत लगी ही रहती है। हमने आकर के इस सोच को बदला है। आपको याद होगा, हमारे देश में दशकों पहले बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। लेकिन, उसके बाद की सच्चाई ये थी कि 2014 तक देश में 40-50 करोड़ गरीब ऐसे थे, जिनका बैंक अकाउंट तक नहीं था। अब जब राष्ट्रीयकरण हुआ तब जो बातें कही गई और 2014 में जो देखा गया, यानी आधा देश बैंकिंग सिस्टम से बाहर था। क्या कभी हमारे देश में ये मुद्दा बना? लेकिन, हमने जनधन योजना को एक मूवमेंट के तौर पर लिया। हमने करीब 50 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा। डिजिटल इंडिया और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों में यही काम हमारा सबसे बड़ा माध्यम बना है। इसी तरह, स्वच्छता अभियान, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया जैसे अभियानों को अगर हम देखेंगे! ये वोट बैंक पॉलिटिक्स में कहीं फिट नहीं होते थे। लेकिन, बदलते हुए भारत में, देश के मीडिया ने इन्हें देश के नेशनल discourse का हिस्सा बनाया। जो स्टार्ट-अप शब्द 2014 के पहले ज्यादातर लोग जानते भी नहीं थे, उन्हें मीडिया की चर्चाओं ने ही घर-घर तक पहुंचा दिया है।

साथियों,

आप मीडिया के दिग्गज हैं, बहुत अनुभवी हैं। आपके निर्णय देश के मीडिया को भी दिशा देते हैं। इसलिए आज के इस कार्यक्रम में मेरे आपसे कुछ आग्रह भी हैं। 

साथियों,

किसी कार्यक्रम को अगर सरकार शुरू करती है तो ये जरूरी नहीं है कि वो सरकारी कार्यक्रम है। सरकार किसी विचार पर बल देती है तो जरूरी नहीं है कि वो सिर्फ सरकार का ही विचार है। जैसे कि देश ने अमृत महोत्सव मनाया, देश ने हर घर तिरंगा अभियान चलाया, सरकार ने इसकी शुरुआत जरूर की, लेकिन इसको पूरे देश ने अपनाया और आगे बढ़ाया। इसी तरह, आज देश पर्यावरण पर इतना ज़ोर दे रहा है। ये राजनीति से हटकर मानवता के भविष्य का विषय है। जैसे कि, अभी ‘एक पेड़ मां के नाम’, ये अभियान शुरू हुआ है। भारत के इस अभियान की दुनिया में भी चर्चा शुरू हो गई है। मैं अभी जी7 में गया था जब मैंने इस विषय को रखा तो उनके लिए बड़ी उत्सुकता थी क्योंकि हर एक को अपनी मां के प्रति लगाव रहता है कि उसको लगता है कि ये बहुत क्लिक कर जाएगा, हर कोई कह रहा था। देश के ज्यादा से ज्यादा मीडिया हाउस इससे जुड़ेंगे तो आने वाली पीढ़ियों का बहुत भला होगा। मेरा आग्रह है, ऐसे हर प्रयास को आप देश का प्रयास मानकर उसे आगे बढ़ाएं। ये सरकार का प्रयास नहीं है, ये देश का है। इस साल हम संविधान का 75वां वर्ष भी मना रहे हैं। संविधान के प्रति नागरिकों में कर्तव्य बोध बढ़े, उनमें जागरूकता बढ़े, इसमें आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है। 

साथियों,

एक विषय है टूरिज्म से जुड़ा हुआ भी। टूरिज्म सिर्फ सरकार की नीतियों से ही नहीं बढ़ता है। जब हम सब मिलकर देश की ब्रांडिंग और मार्केटिंग करते हैं तो, देश के सम्मान के साथ-साथ देश का टूरिज़्म भी बढ़ता है। देश में टूरिज्म बढ़ाने के लिए आप लोग अपने तरीके निकाल सकते हैं। अब जैसे मान लीजिए, महाराष्ट्र के सभी अखबार मिलकर के तय करें कि भई हम सितम्बर महीने में बंगाल के टूरिज्म को प्रमोट करेंगे अपनी तरफ से, तो जब महाराष्ट्र के लोग चारों तरफ जब बंगाल-बंगाल देखें तो उनको करें कि यार इस बार बंगाल जाने का कार्यक्रम बनाएं, तो बंगाल का टूरिज्‍म बढ़ेगा। मान लीजिए आप तीन महीने के बाद तय करें कि भई हम तमिलनाडु की सारी चीजों पर सब मिलकर के, एक ये करें के एक दूसरा करें ऐसा नहीं, तमिलनाडु फोकस करेंगे। आप देखिए एक दम से महाराष्ट्र के लोग टूरिज्‍म में जाने वाले होंगे, तो तमिलनाडु की तरफ जाएंगे। देश के टूरिज्म को बढ़ाने का एक तरीका हो और जब आप ऐसा करेंगे तो उन राज्यों में भी महाराष्ट्र के लिए ऐसे ही कैम्पेन शुरू होंगे, जिसका लाभ महाराष्‍ट्र को मिलेगा। इससे राज्यों में एक दूसरे के प्रति आकर्षण बढ़ेगा, जिज्ञासा बढ़ेगी और आखिरकार इसका फायदा जिस राज्य में आप ये इनिशिएटिव ले रहे हें और बिना कोई एक्‍स्‍ट्रा प्रयास किए बिना आराम से होने वाला काम है। 

साथियों,

आप सभी से मेरा आग्रह अपनी ग्लोबल प्रेजेंस बढ़ाने को लेकर भी है। हमें सोचना होगा, दुनिया में हम नहीं है। As far as media is concerned हम 140 करोड़ लोगों के देश हैं। इतना बड़ा देश, इतना सामर्थ्य और संभावनाएं और बहुत ही कम समय में हम भारत को third largest economy होते देखने वाले हैं। अगर भारत की सफलताएं, दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का दायित्व भी आप बहुत बखूबी ही निभा सकते हैं। आप जानते हैं कि विदेशों में राष्ट्र की छवि का प्रभाव सीधे उसकी इकोनॉमी और ग्रोथ पर पड़ता है। आज आप देखिए, विदेशों में भारतीय मूल के लोगों का कद बढ़ा है, विश्वसनीयता बढ़ी है, सम्मान बढ़ा है। क्योंकि, विश्व में भारत की साख बढ़ी है। भारत भी वैश्विक प्रगति में कहीं ज्यादा योगदान दे पा रहा है। हमारा मीडिया इस दृष्टिकोण से जितना काम करेगा, देश को उतना ही फायदा होगा और इसलिए मैं तो चाहूंगा कि जितनी भी UN लैंग्वेज हैं, उनमें भी आपके पब्लिकेशंस का विस्तार हो। आपकी माइक्रोसाइट्स, सोशल मीडिया accounts इन भाषाओं में भी हो सकते हैं और आजकल तो AI का जमाना है। ये सब काम आपके लिए अब बहुत आसान हो गए हैं। 

साथियों, 

मैंने इतने सारे सुझाव आप सबको दे डाले हैं। मुझे मालूम है, आपके अखबार में, पत्र पत्रिकाओं में, बहुत लिमिटेड स्पेस रहती है। लेकिन, आजकल हर अखबार पर और हर एक के पास एक publication के डिजिटल editions भी पब्लिश हो रहे हैं। वहाँ न स्पेस की limitation है और न ही distribution की कोई समस्या है। मुझे भरोसा है, आप सब इन सुझावों पर विचार करके, नए experiments करेंगे, और लोकतंत्र को मजबूत बनाएँगे। और मैं पक्‍का मानता हूं कि आपके लिए एक, भले ही दो पेज की छोटी एडिशन जो दुनिया की UN की कम से कम languages हों, दुनिया का अधिकतम वर्ग उसको देखता है, पढ़ता है… embassies उसको देखती हैं और भारत की बात पहुंचाने की एक बहुत बड़ा source आपके ये जो डिजिटल एडिशंस हैं, उसमें बन सकता है। आप जितना सशक्त होकर काम करेंगे, देश उतना ही आगे बढ़ेगा। इसी विश्वास के साथ, आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद! और आप सबसे मिलने का मुझे अवसर भी मिल गया। मेरी आपको बहुत शुभकामनाएं हैं! धन्‍यवाद!

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मेला नियंत्रण कक्ष हरिद्वार में कावड़ मेला 2024 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की।

 



न्यूज़ विचार और व्यव्हार

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी लोकतंत्र के चार स्तंभों में मीडिया को इसलिए जगह दी गई थी ताकि वह सत्ता पर निगरानी र...