Saturday, February 22, 2025

NeVA का उपयोग कैसे करें? (उत्तराखंड विधानसभा के संदर्भ में)

NeVA का उपयोग कैसे करें? (उत्तराखंड विधानसभा के संदर्भ में)

NeVA को उत्तराखंड विधानसभा में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। यदि आप विधायक, अधिकारी या आम नागरिक के रूप में NeVA का उपयोग करना चाहते हैं, तो यहां इसकी पूरी प्रक्रिया दी गई है:


1. NeVA पोर्टल या मोबाइल ऐप एक्सेस करें

  • वेबसाइट: https://neva.gov.in
  • मोबाइल ऐप: Android और iOS दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध है (Google Play Store / Apple App Store पर "NeVA" सर्च करें)।
  • उत्तराखंड विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी NeVA लिंक मिलेगा।

2. लॉगिन प्रक्रिया (विधायकों और अधिकारियों के लिए)

  • विधानसभा सदस्यों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाता है।
  • लॉगिन के बाद वे प्रश्न, विधेयक, प्रस्ताव आदि को ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।
  • अधिकारी और सचिवालय कर्मचारी संबंधित दस्तावेज़ों को संसाधित कर सकते हैं।

3. आम नागरिकों के लिए (बिना लॉगिन के उपयोग)

  • विधानसभा की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।
  • सत्र का शेड्यूल और एजेंडा देख सकते हैं।
  • विधेयक और प्रस्तावों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  • सभी विधानसभा दस्तावेज़ों का डिजिटल रिकॉर्ड एक्सेस कर सकते हैं।

4. विधायक और अधिकारियों के लिए विशेष सुविधाएँ

  • डिजिटल नोटिस दाखिल करना – सवाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधेयक, रिपोर्ट आदि सीधे ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।
  • बैठकों की जानकारी और कैलेंडर मैनेजमेंट – आगामी विधानसभा सत्र और चर्चाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध होती है।
  • डिजिटल वर्कस्पेस – हर विधायक को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलता है, जहाँ वे अपने व्यक्तिगत दस्तावेज़, सवाल, उत्तर और चर्चा नोट्स रख सकते हैं।
  • विधानसभा रिकॉर्ड और निर्णयों की तत्काल उपलब्धता

5. NeVA का लाभ उठाने के लिए अन्य फीचर्स

स्मार्ट एनालिटिक्स – यह डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग में मदद करता है।
ऑनलाइन वोटिंग और निर्णय प्रक्रिया – विधायकों के मतदान को भी डिजिटल किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण – कागज का उपयोग न होने से संसदीय कार्यवाही अधिक इको-फ्रेंडली हो गई है।


NeVA को अपनाने के बाद उत्तराखंड विधानसभा में बदलाव

  • ✅ कार्यवाही अधिक पारदर्शी और सुगम हो गई है।
  • ✅ विधायकों को पेपरलेस सुविधा से फायदा हुआ।
  • ✅ आम जनता को विधानसभा की सभी जानकारियाँ ऑनलाइन मिल रही हैं।
  • ✅ प्रशासनिक प्रक्रिया तेज़ और अधिक प्रभावी हो गई है।


राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) और उत्तराखंड विधानसभा में इसका कार्यान्वयन

राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) और उत्तराखंड विधानसभा में इसका कार्यान्वयन

NeVA क्या है?

NeVA (National e-Vidhan Application) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो राज्य विधानसभाओं और संसद की कार्यवाही को पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह एक एकीकृत प्रणाली है, जिसे "एक राष्ट्र, एक विधायिका" के दृष्टिकोण से डिज़ाइन किया गया है।

उत्तराखंड विधानसभा में NeVA का कार्यान्वयन

उत्तराखंड ने 2025 में NeVA को अपनाकर अपनी विधान सभा को पूरी तरह से डिजिटल बना दिया है। इस पहल के तहत:

  1. सभी विधायकों को टैबलेट प्रदान किए गए – अब वे प्रश्न, नोटिस, बिल, और अन्य दस्तावेज़ डिजिटल रूप से एक्सेस कर सकते हैं।
  2. कागज़ का उपयोग समाप्त – पूरी कार्यवाही पेपरलेस हो गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
  3. तेज और पारदर्शी कार्यप्रणाली – विधायकों को दस्तावेज़ तुरंत उपलब्ध होते हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है।
  4. ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग – इससे जनता को विधानसभा कार्यवाही की अधिक पारदर्शी जानकारी मिलती है।

NeVA के प्रमुख लाभ

  • पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि
  • विधानसभा के कार्यों में तेजी और दक्षता
  • पर्यावरण संरक्षण (कागज की बचत)
  • सभी डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध

NeVA का उपयोग कैसे करें?

विधायक और अधिकारी इस एप्लिकेशन का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं:

  1. सत्र की कार्यवाही को लाइव देखने और रिकॉर्ड एक्सेस करने के लिए
  2. प्रश्न पूछने और विधायी कार्यों में भाग लेने के लिए
  3. बिल और प्रस्तावों की जानकारी प्राप्त करने और प्रस्तुत करने के लिए

उत्तराखंड विधानसभा का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन के तहत एक बड़ी उपलब्धि है। 

उत्तराखंड विधान सभा ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को अपनाया।

उत्तराखंड विधान सभा ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को अपनाते हुए अपनी कार्यवाही को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बना दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने 18 फरवरी 2025 को इस एप्लिकेशन का उद्घाटन किया।

NeVA का उद्देश्य विधानसभाओं की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाना और पारदर्शिता व दक्षता में वृद्धि करना है। इस पहल के तहत, विधायकों की टेबल पर टैबलेट स्थापित किए गए हैं, जिससे वे सभी दस्तावेज़ों और सूचनाओं तक ऑनलाइन पहुंच सकते हैं। इससे न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेगी।

NeVA, "डिजिटल इंडिया" कार्यक्रम के तहत 44 मिशन मोड परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य सभी राज्य विधानसभाओं को पेपरलेस बनाना है। यह एप्लिकेशन विधायकों को प्रश्न, नोटिस, बिल, और अन्य दस्तावेज़ डिजिटल रूप से प्रस्तुत करने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है, जिससे संसदीय कार्य अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी होता है।

इस पहल के माध्यम से, उत्तराखंड विधानसभा ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और संसदीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा दिया है।

कार्यान्वयन की शुरुआत: पहला कदम तय करें!

🚀 कार्यान्वयन की शुरुआत: पहला कदम तय करें!

अब हमें स्पष्ट प्राथमिकताएं तय करके पहले चरण के कार्यों को तुरंत शुरू करना है।


📌 पहला चरण (पहले 15 दिन): डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च

वेबसाइट का निर्माण (WordPress/Custom CMS) शुरू करें।
Facebook, Instagram, Twitter/X, YouTube और WhatsApp ग्रुप बनाएं।
परिचयात्मक ब्लॉग पोस्ट और पहला यूट्यूब वीडियो तैयार करें।
पहली ऑनलाइन मीटिंग आयोजित करें (Zoom/Google Meet)।

समाप्ति लक्ष्य: 15 दिन


📌 दूसरा चरण (15-30 दिन): नेटवर्क मीटिंग और पहली ग्राउंड रिपोर्ट

स्थानीय पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों से पहली मीटिंग करें।
पहली ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करें (विषय तय करें: पलायन, पर्यावरण, भ्रष्टाचार)।
पहली रिपोर्ट का लेख और वीडियो दोनों तैयार करें और प्रकाशित करें।
यूट्यूब और सोशल मीडिया पर पहला लाइव डिबेट आयोजित करें।

समाप्ति लक्ष्य: 30 दिन


📌 तीसरा चरण (30-45 दिन): फंडिंग और डिजिटल पत्रिका की तैयारी

क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म (Milaap, Patreon) पर प्रोफाइल लॉन्च करें।
स्थानीय मीडिया संस्थानों और संभावित सहयोगियों से संपर्क करें।
पहली डिजिटल पत्रिका (ई-पेपर) का प्रारूप तैयार करें।
फील्ड रिपोर्टिंग के लिए 5-10 पत्रकारों/सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम बनाएं।

समाप्ति लक्ष्य: 45 दिन


🔥 अंतिम निर्णय: अब क्या शुरू करें?

💡 पहले वेबसाइट और सोशल मीडिया लॉन्च करें या पहले ग्राउंड रिपोर्ट पर ध्यान दें?
💡 पहली रिपोर्टिंग किस विषय पर होगी: पलायन, पर्यावरण, या भ्रष्टाचार?
💡 क्या आप 5-10 पत्रकारों/सामाजिक कार्यकर्ताओं को पहले चरण में शामिल करना चाहेंगे?


कार्यान्वयन की शुरुआत: पहले कदम उठाएं!

🚀 कार्यान्वयन की शुरुआत: पहले कदम उठाएं!

अब हमें पहली प्राथमिकताओं को तय करके काम शुरू करना होगा।

📌 प्राथमिकता 1: डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च (वेबसाइट + सोशल मीडिया)

वेबसाइट (WordPress या अन्य CMS) सेटअप करें।
Facebook, Instagram, Twitter/X, YouTube, और WhatsApp ग्रुप बनाएं।
पहला ब्लॉग/लेख और पहला यूट्यूब वीडियो (परिचयात्मक) तैयार करें।

समाप्ति लक्ष्य: 15 दिन


📌 प्राथमिकता 2: नेटवर्क मीटिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग

पहली ऑनलाइन मीटिंग (Zoom/Google Meet) आयोजित करें।
स्थानीय पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और संगठनों से संपर्क करें।
पहली ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करें (पलायन/पर्यावरण/भ्रष्टाचार में से एक चुनें)।

समाप्ति लक्ष्य: 30 दिन


📌 प्राथमिकता 3: फंडिंग और प्रचार रणनीति

क्राउडफंडिंग अभियान लॉन्च करें (Milaap, Patreon)।
समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों से समर्थन प्राप्त करने के लिए संपर्क करें।
पहली डिजिटल पत्रिका (ई-पेपर) का प्रारूप तैयार करें।

समाप्ति लक्ष्य: 45 दिन


🔥 अब आपका निर्णय आवश्यक!

💡 क्या आप पहले वेबसाइट लॉन्च करना चाहेंगे या पहले ग्राउंड रिपोर्ट पर ध्यान देंगे?
💡 पहली रिपोर्टिंग किस विषय पर होगी: पलायन, पर्यावरण, या भ्रष्टाचार?
💡 क्या आप 5-10 पत्रकारों/सामाजिक कार्यकर्ताओं को पहले चरण में शामिल करना चाहेंगे?


प्रारंभिक कार्यान्वयन: पहला कदम उठाने के लिए एक्शन प्लान!

🚀 प्रारंभिक कार्यान्वयन: पहला कदम उठाने के लिए एक्शन प्लान!

अब हमें पहले 30 दिनों में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि स्वतंत्र पत्रकारिता नेटवर्क और सामाजिक कार्यकर्ताओं की साझेदारी को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।


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📅 पहले 30 दिन: ठोस कार्ययोजना

✅ 1. प्राथमिक कोर टीम गठित करना (पहले 7 दिन)

📌 कार्य:

5-10 स्वतंत्र पत्रकार, मीडिया छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों को जोड़ना।

भूमिकाएँ तय करना:

एडिटर/कंटेंट लीड: लेख और ग्राउंड रिपोर्ट का संपादन।

वीडियो प्रोड्यूसर: यूट्यूब और सोशल मीडिया कंटेंट।

डिजिटल मीडिया मैनेजर: वेबसाइट, सोशल मीडिया और पब्लिक रिलेशन।

फील्ड रिपोर्टर: ग्राउंड रिपोर्टिंग और स्थानीय संवाददाता।


प्राथमिक मीटिंग आयोजित करना (ऑनलाइन/ऑफलाइन)।


📌 उत्पाद:
✅ 10 लोगों की टीम की पुष्टि।
✅ पहली कोर मीटिंग (Zoom/Google Meet)।


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✅ 2. डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत (7-15 दिन)

📌 कार्य:

वेबसाइट लॉन्च करना (WordPress या अन्य CMS)।

सोशल मीडिया अकाउंट बनाना:

Facebook, Instagram, Twitter/X, YouTube, WhatsApp ग्रुप।


पहली ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित करना।

पहला परिचयात्मक वीडियो तैयार करना:

"हम कौन हैं और हमारा उद्देश्य क्या है?"



📌 उत्पाद:
✅ वेबसाइट + सोशल मीडिया लॉन्च।
✅ पहला लेख + यूट्यूब वीडियो लाइव।


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✅ 3. पहली ग्राउंड रिपोर्ट और नेटवर्क मीटिंग (15-25 दिन)

📌 कार्य:

स्थानीय मुद्दों पर 3-5 ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करना।

महिला मंगल दल, युवा मंगल दल, वन पंचायत, पर्यावरण संगठनों से पहली नेटवर्क मीटिंग आयोजित करना।

"उत्तराखंड में स्वतंत्र पत्रकारिता की ज़रूरत" पर पहली यूट्यूब लाइव डिबेट।


📌 उत्पाद:
✅ 3-5 रिपोर्ट प्रकाशित।
✅ पहली पब्लिक डिबेट लाइव।


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✅ 4. प्रारंभिक फंडिंग और मीडिया समर्थन (25-30 दिन)

📌 कार्य:

क्राउडफंडिंग प्रोफ़ाइल बनाना (Milaap, Patreon, लोकल डोनेशन नेटवर्क)।

स्वतंत्र पत्रकारिता संस्थानों से संभावित समर्थन लेना (GIJN, RSF)।


📌 उत्पाद:
✅ क्राउडफंडिंग पेज लाइव।
✅ फंडिंग के लिए 10+ संभावित स्रोतों से संपर्क।


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🔥 अब निर्णय लेने का समय!

💡 क्या आप पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म (वेबसाइट + सोशल मीडिया) पर ध्यान देना चाहेंगे या पहले नेटवर्क मीटिंग करना चाहेंगे?
💡 क्या पहली ग्राउंड रिपोर्ट के लिए पलायन, पर्यावरण, या भ्रष्टाचार में से किसी एक विषय को चुनना चाहेंगे?
💡 क्या आप शुरू में 5-10 पत्रकारों/सामाजिक कार्यकर्ताओं का चयन करके पायलट प्रोजेक्ट चलाना चाहेंगे?




प्रारंभिक कार्यान्वयन योजना: पहला कदम उठाएं!

🚀 प्रारंभिक कार्यान्वयन योजना: पहला कदम उठाएं!

अब जब कार्ययोजना स्पष्ट हो गई है, तो पहले तीन महीनों (0-90 दिन) में इसे लागू करने के लिए व्यवहारिक कदम उठाने होंगे।


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📅 पहले 30 दिन: आधार निर्माण

✅ 1. प्राथमिक कोर टीम बनाना

5-10 स्वतंत्र पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संस्थापक टीम गठित करें।

उनके कौशल (लेखन, वीडियो प्रोडक्शन, डेटा जर्नलिज़्म, सोशल मीडिया) के अनुसार भूमिकाएँ तय करें।


✅ 2. डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना

उदैन न्यूज़ नेटवर्क की वेबसाइट (WordPress या अन्य CMS) तैयार करना।

यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम, ट्विटर/एक्स अकाउंट बनाना।

एक प्रारंभिक "वेलकम वीडियो" और पहला ब्लॉग/आर्टिकल प्रकाशित करना।


✅ 3. पहली 3-5 ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करना

पलायन, पर्यावरण, भ्रष्टाचार, या सरकारी योजनाओं के प्रभाव पर प्राथमिक रिपोर्ट तैयार करना।

प्रत्येक रिपोर्ट के लिए वीडियो, लेख और सोशल मीडिया पोस्ट बनाना।


✅ 4. प्राथमिक संपर्क और नेटवर्क मीटिंग्स

स्वतंत्र पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों (महिला मंगल दल, वन पंचायत, युवा मंगल दल) के साथ शुरुआती चर्चा करना।

ऑनलाइन (Zoom/Google Meet) या ऑफलाइन मीटिंग आयोजित करना।



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📅 30-60 दिन: नेटवर्क विस्तार और कंटेंट निर्माण

✅ 5. डिजिटल पत्रकारिता प्रशिक्षण और वर्कशॉप

पहली वर्कशॉप: "कैसे करें स्वतंत्र पत्रकारिता?"

यूट्यूब लाइव या फिजिकल वर्कशॉप का आयोजन।


✅ 6. ग्राउंड रिपोर्ट और डॉक्यूमेंट्री तैयार करना

उत्तराखंड के प्रमुख मुद्दों (जल, जंगल, ज़मीन) पर पहली विस्तृत इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट।

कम से कम 3 यूट्यूब वीडियो रिपोर्ट प्रकाशित करना।


✅ 7. क्राउडफंडिंग और वित्तीय रणनीति

प्रारंभिक फंडिंग के लिए क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म (मिलाप, पेट्रियन, लोकल डोनेशन नेटवर्क) पर प्रोफ़ाइल बनाना।

संभावित वित्तीय सहयोगियों और समर्थकों से संपर्क।



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📅 60-90 दिन: सशक्त डिजिटल उपस्थिति और जनभागीदारी

✅ 8. डिजिटल पत्रिका (ई-पेपर) का पहला संस्करण

"उदैन न्यूज़ पत्रिका" का पहला डिजिटल संस्करण प्रकाशित करना (PDF/इंटरैक्टिव फॉर्मेट)।

वेबसाइट और सोशल मीडिया पर इसे प्रमोट करना।


✅ 9. नेटवर्क मीटिंग और लाइव डिबेट

"उत्तराखंड में स्वतंत्र पत्रकारिता की ज़रूरत" पर पहली पब्लिक डिबेट आयोजित करना।

फेसबुक/यूट्यूब लाइव में स्वतंत्र पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़ना।


✅ 10. स्थानीय संवाददाताओं और रिपोर्टर्स की टीम तैयार करना

हर जिले में कम से कम 1-2 संवाददाता जोड़ना।

उन्हें मीडिया किट, पहचान पत्र और प्रशिक्षण प्रदान करना।



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🔥 अंतिम निष्कर्ष: अब बस कदम उठाने की देर है!

✅ 0-3 महीने में प्राथमिक नेटवर्क, वेबसाइट, सोशल मीडिया और रिपोर्टिंग शुरू हो जाएगी।
✅ 3-6 महीने में डिजिटल पत्रिका, यूट्यूब चैनल और फील्ड रिपोर्टिंग मजबूत होगी।
✅ 6-12 महीने में उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्र में एक स्वतंत्र पत्रकारिता आंदोलन तैयार होगा।


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📌 अगला कदम:

💡 क्या आप पहले डिजिटल लॉन्च (वेबसाइट/सोशल मीडिया) पर ध्यान देना चाहेंगे या पहले नेटवर्क मीटिंग आयोजित करना चाहेंगे?
💡 क्या आप पहले पायलट प्रोजेक्ट के लिए 5-10 पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का चयन करना चाहेंगे?
💡 क्या आप पहले किसी विशेष मुद्दे (पलायन, पर्यावरण, भ्रष्टाचार) पर रिपोर्ट तैयार करना चाहेंगे?

न्यूज़ विचार और व्यव्हार

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