Monday, July 1, 2024

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत राज्य नोडल अधिकारियों और राज्य कार्यक्रम प्रबंधकों के लिए एक पांच दिवसीय पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया

 पंचायती राज मंत्रालय



श्री विवेक भारद्वाज ने प्रतिभागियों द्वारा समर्पित और गुणवत्तापूर्ण कार्य के माध्यम से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया

इस पांच दिवसीय पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विकासात्मक और निदानात्मक दृष्टिकोणों के माध्यम से प्रतिभागियों की नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ाना, सुधार के क्षेत्रों की पहचान करना और आवश्यक शासन कौशल को और बेहतर बनाना है


पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने आज (1 जुलाई, 2024) भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए)नई दिल्ली में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत राज्य नोडल अधिकारियों (एसएनओ) और राज्य कार्यक्रम प्रबंधकों (एसपीएम) के लिए एक पांच दिवसीय पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

श्री भारद्वाज ने अपने मुख्य भाषण में प्रतिभागियों से समर्पण और गुणवत्तापूर्ण कार्य के माध्यम से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से अपनी क्षमता को पहचानने, लोगों की आकांक्षाओं को समझने और अपने प्रदर्शन में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आवश्यक अपार मानवीय क्षमतादृढ़ संकल्प और भावावेशपूर्ण आकांक्षा पर रोशनी डाली।

श्री भारद्वाज ने जोर देते हुए कहा, “पंचायतों के पास संसाधनों और धन की कमी नहीं हैक्षमता निर्माण और प्रशिक्षण (सीबीटी) पहलों में महत्वपूर्ण निवेश किया जा रहा है। वास्तविक जरूरत इन प्रयासों के सकारात्मक परिणामों को जमीनी स्तर पर देखने की है। सचिव महोदय ने मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से गुणवत्ता और ठोस परिणाम सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की वकालत की। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि कैसे सकारात्मक मानसिकता के साथ परिवर्तनकारी प्रथाओं, मजबूत और सार्थक संस्थानों की स्थापना कर सकते हैं, जो आत्मनिर्भर हैं।

श्री भारद्वाज ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग से अनुदान के साथ शुरू की गई परियोजनाओं का उद्घाटन या उनका अनावरण न केवल व्यापक मान्यता प्राप्त करेगा, बल्कि अन्य पंचायतों को भी प्रेरित करेगा। उन्होंने आगे कहा, "स्वामित्व योजना को लागू करके और संपत्ति कर संग्रह की प्रक्रिया को स्वयं के स्रोत राजस्व (ओएसआर) पहलों के साथ जोड़करहम पंचायतों की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।" श्री भारद्वाज ने प्रतिभागियों को अन्य पंचायतों को प्रेरित करने के लिए उनके सीखने और अनुभवों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

आईआईपीए के महानिदेशक श्री एस.एन. त्रिपाठीएमओपीआर के अपर सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमारएमओपीआर के संयुक्त सचिव श्री विकास आनंद और आईआईपीए के प्रोफेसर डॉ. वी.एन. आलोक की उपस्थिति ने इस उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई। 1 जुलाई से 5 जुलाई 2024 तक चलने वाले इस पांच दिवसीय आवासीय पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम में 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 50 से अधिक राज्य नोडल अधिकारी (एसएनओ) और राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (एसपीएम) भाग ले रहे हैं।

अपने संबोधन मेंश्री एस. एन. त्रिपाठी ने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण (सीबीटी) की दिशा में पंचायती राज मंत्रालय की अभिनव पहलों की सराहना की। उन्होंने स्थानीय कार्रवाई में वैश्विक परिप्रेक्ष्य लाते हुए सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) के स्थानीयकरण की अवधारणा के माध्यम से गांवों में समावेशीसमग्र और सतत विकास कार्यों को वैश्विक लक्ष्यों के साथ जोड़ने में एमओपीआर के दूरदर्शी प्रयासों पर रोशनी डाली। महानिदेशक महोदय ने इस बात पर बल दिया कि मंत्रालय के निरंतर प्रयासों से पंचायतों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके सराहनीय कार्यों के लिए मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने, आईआईएम अहमदाबाद में पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान करने की पंचायती राज मंत्रालय की पहल की सराहना करते हुए, इसे नवप्रवर्तनकारी और पथ-प्रदर्शक बताया।

डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने अपने भाषण में मंत्रालय द्वारा निरंतर संवादसहायता और आउटरीच के साधन के रूप में ऐसे पुनश्चर्या पाठ्यक्रमों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सेवा वितरण, पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) की गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन पर सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से डिजिटल शासन के सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख किया।

श्री विकास आनंद ने इस तरह के पहले पुनश्चर्या प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालाजिसका उद्देश्य प्रतिभागियों की क्षमताकौशल विकासनेतृत्व क्षमता और उनके प्रदर्शन को बेहतर करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित सशक्तविकसित और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के सपने को प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयासों और निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में नेतृत्व कौशलटीमवर्कसंघर्ष प्रबंधनसंचार कौशलमीडिया संबंधसामुदायिक जुड़ावसंकट संचार तथा विभिन्न पहलों जैसे ई-ग्राम स्वराजपीएफएमएसटीएमपीओएसआर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल हैं। प्रशिक्षण में वार्षिक कार्य योजनाओं की तैयारीआरजीएसए के तहत प्रगति की रिपोर्टिंग और ऑडिट ऑनलाइनमेरी पंचायत और पंचायत निर्णय जैसे पोर्टलों का उपयोग भी शामिल है।

पांच दिवसीय पुनश्चर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विकासात्मक और नैदानिक ​​दृष्टिकोणों के माध्यम से प्रतिभागियों की नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ानासुधार के क्षेत्रों की पहचान करना और आवश्यक शासन कौशल को बेहतर बनाना है। प्रशिक्षण पूरा होने परप्रतिभागियों से अपेक्षा की जाती है कि वे: (i) अपनी टीमों को उच्च प्रदर्शन और प्रभावशीलता के लिए नेतृत्व प्रदान करें, (ii) स्थानीय शासन में समकालीन नेतृत्व अवधारणाओं की गहन समझ हासिल करें, (iii) महान लोक सेवकों के समान अपने स्वयं के नेतृत्व गुणों की पहचान करें, (iv) अपने पंचायतों के भीतर एक लचीले और चुस्त प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों को रणनीतिक रूप से संरेखित करें और (v) अधिक प्रभावी कामकाज के लिए अपने कौशल सेट्स को बेहतर करें।

पृष्ठभूमि:

पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण परिदृश्य को बदलने के लिए कई पहल की हैंजिसमें पीआरआई के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) का स्थानीयकरणसाक्ष्य-आधारित विषयगत पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) की तैयारीस्थानिक नियोजन और पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) का संस्थागतकरण शामिल है। ये पहलें कई पोर्टल और अनुप्रयोग जैसे कि ईग्रामस्वराजपीएफएमएसऑडिट ऑनलाइनप्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल आदि द्वारा समर्थित की जाती हैं।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) के सहयोग से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य इन पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करना और उनका कौशल बढ़ाना है। 2024-25 के दौरान आईआईपीएनई दिल्ली के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से एसएनओएसपीएम और डीपीएम को लक्षित करते हुए बारह आवासीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। आईआईपीए अपने व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता के साथ 1 से 5 जुलाई, 2024 के दौरान पहले बैच के प्रशिक्षण को संचालित कर रहा है।

उद्देश्य: राज्य नोडल अधिकारियों (एसएनओ) और राज्य कार्यक्रम प्रबंधकों (एसपीएम) की नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ानाप्रतिभागियों को ई-ग्राम स्वराजपंचायत विकास योजनाएंपंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई)प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल (टीएमपी), मेरी पंचायत जैसी एमओपीआर पहलों पर नवीनतम अपडेट से लैस करनाइन पहलों के व्यावहारिक अनुप्रयोग के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करनाआरजीएसए के तहत पीआरआई को मजबूत करने के लिए नवप्रवर्तनकारी हस्तक्षेपों पर विचार मंथन करना।

डिज़ाइन: कार्यक्रम वयस्क शिक्षा सिद्धांतों का पालन करता है, जो शिक्षा सामग्री की प्रासंगिकतासंबद्धता और अनुप्रयोज्यता सुनिश्चित करता है। इसमें नई पहलों की बेहतर समझ के लिए व्यावहारिक गतिविधियां शामिल हैं। यह कार्यक्रम नेतृत्व कौशलटीमवर्कसंघर्ष प्रबंधन और संचार कौशल पर सत्रों के साथ शुरू होता है।

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