Tuesday, April 8, 2025

**डॉक्यूमेंट्री स्क्रिप्ट (TI Project – Kotdwar, Uttarakhand)**

  

**शीर्षक:** सम्मान – कोटद्वार की चुप कहानियाँ  

**अवधि:** 10–12 मिनट  

**शैली:** डॉक्यू-ड्रामा  

**मुख्य पात्र:** 'सरिता' (काल्पनिक नाम), एक FSW जो बदलाव की राह पर है  


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### ⏳ ओपनिंग सीन:

**(दृश्य)** कोटद्वार शहर की सुबह – बाजार, स्टेशन, चौराहा, सुनसान गली


🎙️ **नैरेटर (Voice-over):**  

"ये उत्तराखंड का द्वार है – कोटद्वार। पर्यटन, व्यापार और बदलते समाज का संगम। लेकिन हर गली में एक कहानी है, जो कभी सुनाई नहीं देती..."


🎶 *पृष्ठभूमि में हल्का पहाड़ी म्यूजिक*


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### 🎭 पात्र का परिचय:

**(दृश्य)** चेहरा छुपा हुआ, सिल्हूट में ‘सरिता’ बैठी है


🎙️ **सरिता (Voice-over):**  

"मैं यहाँ 7 साल से हूँ... लोग कहते हैं हम गलत हैं, पर कोई नहीं पूछता क्यों? हम इंसान नहीं, धंधा बन गए हैं..."


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### 🧩 ज़मीनी हकीकत:

**(दृश्य)** पुलिस छापे, डर, भीड़ में अकेलापन, गली में ग्राहक की प्रतीक्षा


🎙️ **सरिता:**  

"हमें डर लगता है – पुलिस से, समाज से... और सबसे ज़्यादा – खुद से।"


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### 🔍 विशेषज्ञों की राय:

**(दृश्य)** NGO, TI वर्कर, डॉक्टर, पुलिस अफसर बोलते हैं


📢 **TI वर्कर:**  

"हम हर दिन इन महिलाओं तक पहुंचते हैं – STI क्लिनिक, कंडोम, काउंसलिंग – ताकि वो सुरक्षित रहें।"


📢 **NGO प्रतिनिधि:**  

"अब समय है कि समाज इन्हें देखे – एक इंसान की नज़र से, न कि शर्म से।"


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### 🌱 समाधान की दिशा:

**(दृश्य)** Udaen Foundation द्वारा – स्वास्थ्य कैंप, कानूनी जागरूकता, हुनर प्रशिक्षण


🎙️ **सरिता:**  

"एक दिन वो आईं – Udaen वाली दीदी। कहने लगीं: 'तुम सिर्फ शरीर नहीं, इंसान हो। तुम हक़दार हो – सम्मान की।'"


📢 **नैरेटर:**  

"Udaen Foundation ने ‘सम्मान’ के नाम से शुरू की एक नई पहल – जहाँ डर नहीं, अवसर है।"


🎥 **दृश्य:** Drop-in Centre, सामूहिक बैठक, महिला सुरक्षा चर्चा


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### ❤️ भावनात्मक समापन:

🎙️ **सरिता:**  

"अब मैं अपनी बेटी को ये ज़िंदगी नहीं देना चाहती। अब मैं सीख रही हूँ – खाना बनाना, सिलाई, और सपने देखना।"


🎶 *पृष्ठभूमि में भावनात्मक संगीत*


📢 **नैरेटर (अंतिम संदेश):**  

"अगर आप बदलाव चाहते हैं – शुरुआत यहीं से करें। हर सरिता को सम्मान दो। यही असली विकास है।"


**[Udaen Foundation का लोगो और संपर्क विवरण स्क्रीन पर]**


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**स्क्रिप्ट संपादन एवं निर्माण:**  

Udaen Foundation – Kotdwar  

www.udaenfoundation.org | contact@udaenfoundation.org


**डॉक्यूमेंट्री स्क्रिप्ट का प्रारूप (Draft Style)** सम्मान – कोटद्वार की चुप कहानियाँ



## 🎬 **डॉक्यूमेंट्री स्क्रिप्ट का प्रारूप (Draft Style)**  

**शीर्षक प्रस्तावित:**  

**“सम्मान – कोटद्वार की चुप कहानियाँ”**


**अवधि:** 10–12 मिनट  

**भाषा:** हिंदी (संवाद-संवेदनशील, स्थानीय टोन के साथ)  

**स्टाइल:** डॉक्यू-ड्रामा (Real footage + Narrated story)  

**मुख्य पात्र:** ‘सरिता’ (बदला हुआ नाम – एक FSW जो बदलाव की राह पर है)


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### ⏳ स्क्रिप्ट संरचना


**1. ओपनिंग शॉट: कोटद्वार शहर की सुबह – कैमरा व्यस्त बाज़ार, रेलवे स्टेशन, और एक सुनसान गली में**


📢 **नैरेटर (Voice-over):**  

_"ये उत्तराखंड का द्वार है – कोटद्वार। पर्यटन, व्यापार और बदलते समाज का संगम। लेकिन हर गली में एक कहानी है, जो कभी सुनाई नहीं देती..._"  


🎶 *पृष्ठभूमि में हल्का पहाड़ी म्यूजिक और धीमा सरस जीवन चित्रण*


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**2. ‘सरिता’ की एंट्री – चेहरा छुपाया गया / सिल्हूट में दिखाया गया**


🎙️ **सरिता (Voice-over):**  

_"मैं यहाँ 7 साल से हूँ... लोग कहते हैं हम गलत हैं, पर कोई नहीं पूछता क्यों? हम इंसान नहीं, धंधा बन गए हैं..."_


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**3. डॉक्यूमेंटेशन:  

TI वर्कर, NGO प्रतिनिधि, डॉक्टर, और पुलिस अफसर के छोटे-छोटे क्लिप्स**


📢 **TI वर्कर:**  

_"हम हर दिन इन महिलाओं तक पहुंचते हैं, कंडोम बाँटते हैं, STI क्लीनिक में लाते हैं, ताकि वो सुरक्षित रहें।_"  


📢 **NGO लीडर:**  

_"अब समय है कि समाज उन्हें देखे – एक इंसान की नज़र से, न कि शर्म से।_"  


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**4. समस्या का चित्रण – भेदभाव, पुलिस छापे, स्वास्थ्य की उपेक्षा, घरेलू हिंसा**


🎙️ **सरिता:**  

_"हमें डर लगता है पुलिस से, समाज से... और सबसे ज्यादा – खुद से।_"  


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**5. समाधान का रास्ता – Udaen Foundation के प्रयास**


🎥 **फुटेज:**  

- स्वास्थ्य कैंप  

- कानूनी जागरूकता सेमिनार  

- कौशल विकास प्रशिक्षण  

- Drop-in Centre में बैठकी  


📢 **नैरेटर:**  

_"Udaen Foundation ने कोटद्वार में ‘सम्मान’ नाम से एक नई शुरुआत की है – जहाँ डर नहीं, अवसर है..."_


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**6. भावनात्मक क्लोजिंग:**


🎙️ **सरिता:**  

_"आज मैंने सीखा – मैं सिर्फ शरीर नहीं, एक सपना भी हूँ। और अब मैं अपनी बेटी को ये ज़िंदगी नहीं देना चाहती।_"  


🎶 *सॉफ्ट बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ fade out*


📢 **नैरेटर (अंतिम संदेश):**  

_"अगर आप बदलाव चाहते हैं – शुरुआत यहीं से करें। हर सरिता को सम्मान दो..._"  




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**Udaen Foundation Initiative: "सम्मान – जीवन को नया अवसर"**



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## 🌸 **Udaen Foundation Initiative: "सम्मान – जीवन को नया अवसर"**  

### एक परियोजना वेश्याओं के अधिकारों, सम्मान और पुनर्वास के लिए  

**स्थान**: उत्तराखंड (प्राथमिक: देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी, कोटद्वार जैसे शहरी क्षेत्र)


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### 🎯 **मुख्य उद्देश्य (Objectives)**


1. उत्तराखंड में वेश्यावृत्ति से जुड़ी **वास्तविकता और कारणों** की पहचान करना  

2. वेश्याओं को उनके **संवैधानिक और कानूनी अधिकारों** के बारे में जागरूक करना  

3. इच्छुक महिलाओं को **स्वैच्छिक पुनर्वास**, कौशल विकास और **आत्मनिर्भरता** की ओर ले जाना  

4. समाज में व्याप्त **कलंक** को मिटाने के लिए **जन-जागरूकता अभियान** चलाना  


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### 🔍 **मुख्य गतिविधियाँ (Activities)**


| गतिविधि | विवरण |

|---------|--------|

| 1. **फील्ड सर्वे और इंटरव्यू** | वेश्याओं, पुलिस, NGO, डॉक्टर, लोकल लोगों से बातचीत |

| 2. **कानूनी जागरूकता शिविर** | सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश, ITPA, और महिला अधिकारों पर आधारित |

| 3. **हेल्थ चेकअप कैंप** | HIV, STI, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण |

| 4. **पुनर्वास के विकल्प** | सिलाई, ब्यूटी पार्लर, फार्मिंग, हेल्पलाइन, होमस्टे आदि |

| 5. **जन संवाद और मीडिया रिपोर्टिंग** | Udaen News Network पर डॉक्यूमेंट्री, स्टोरीज़, पॉडकास्ट |


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### 🏠 **संपर्क और सहयोगी संस्थाएं (Collaborators)**


- **उत्तराखंड महिला आयोग**  

- **State AIDS Control Society (USACS)**  

- **Shakti Vahini, Asha Kiran, Prayas Foundation**  

- **स्थानीय पुलिस और AHTU यूनिट**  

- **Legal Aid Clinics** (जिला न्यायालयों के अंतर्गत)


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### 💡 **विशेष विचार (Unique Value of Udaen Foundation)**


- एक **हिमालयन क्षेत्रीय दृष्टिकोण** से सामाजिक मुद्दों को उजागर करना  

- वेश्याओं की कहानी को **दया से नहीं, गरिमा से** दिखाना  

- पुनर्वास को केवल shelter नहीं, **विकास का मॉडल** बनाना  

- मीडिया को जिम्मेदारी से इस्तेमाल कर समाज में **संवेदनशीलता और जागरूकता** लाना


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### 📽️ क्या किया जा सकता है Udaen News Network पर?

- **"गुमनाम कहानियाँ"** – एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ वेश्याओं की असली कहानियों पर  

- **ग्राउंड रिपोर्ट्स** – पुलिस रेड, कोर्ट केस, पुनर्वास स्टोरीज़  

- **Podcast / YouTube Interviews** – सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, चिकित्सक, स्वयं वेश्याओं के अनुभव


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त्तराखंड में वेश्याओं के अधिकार और स्थिति

 उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां पहाड़ी क्षेत्रों की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना थोड़ी संवेदनशील और पारंपरिक है, वहाँ वेश्यावृत्ति (Prostitution) से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन आमतौर पर सतर्क रहता है। हालांकि वेश्यावृत्ति पर **कोई विशेष उत्तराखंड राज्य कानून नहीं** है, लेकिन यहां **भारत सरकार के कानून (जैसे ITPA, IPC)** और **सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश** लागू होते हैं।


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## 🏔️ उत्तराखंड में वेश्याओं के अधिकार और स्थिति


### 1. ✅ **सुप्रीम कोर्ट के निर्देश यहां भी लागू होते हैं**

- उत्तराखंड में भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2022 में दिए गए दिशा-निर्देश पूरी तरह लागू हैं।  

  इसका मतलब है:

  - **स्वैच्छिक सेक्स वर्क अपराध नहीं है।**

  - पुलिस को **वेश्याओं को परेशान करने का अधिकार नहीं है**।

  - वेश्याओं को **स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक योजनाओं** तक समान पहुंच मिलनी चाहिए।


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### 2. 🚫 **सख्त रवैया मानव तस्करी और जबरन वेश्यावृत्ति पर**

उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन का जोर **मानव तस्करी को रोकने**, विशेष रूप से **नेपाल बॉर्डर और सीमावर्ती क्षेत्रों** में, बहुत अधिक है।


- **अक्सर "रेड लाइट एरिया" जैसी चीजें यहाँ नहीं पाई जातीं।**

- लेकिन, कुछ **अवैध गतिविधियाँ होटलों या गुप्त स्थानों पर होती हैं**, जिन पर कार्रवाई होती है।


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### 3. 🛡️ **उत्तराखंड पुलिस द्वारा उठाए गए कदम**:

- **एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU)** का गठन हुआ है, जो जबरन कराई जा रही वेश्यावृत्ति और बच्चों की तस्करी को रोकने के लिए काम करती है।

- कई बार देहरादून, हल्द्वानी, ऋषिकेश आदि शहरों में **होटल रेड** और **गिरफ्तारियाँ** हुई हैं।


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### 4. 📋 **पुनर्वास और संरक्षण योजनाएं** (अगर वेश्या जीवन छोड़ना चाहे)

उत्तराखंड में सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा कुछ योजनाएं लागू हैं:

- **"स्वाधार गृह योजना"** – संकट में फंसी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देती है।

- **"उज्ज्वला योजना"** – तस्करी और जबरन वेश्यावृत्ति की शिकार महिलाओं के लिए पुनर्वास केंद्र।

- **NGOs** भी कार्यरत हैं, जैसे कि *Shakti Vahini, Asha Foundation,* आदि।


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### 5. 🧘‍♀️ उत्तराखंड की सामाजिक संरचना में चुनौतियाँ:

- पहाड़ी क्षेत्रों में वेश्यावृत्ति को लेकर **समाज में बहुत कलंक** है।

- यदि कोई महिला इस क्षेत्र से जुड़ी हो, तो उसे समाज में **अपमान और बहिष्कार** का सामना करना पड़ता है।

- इस कारण कई महिलाएं **कानूनी मदद लेने से डरती हैं**।


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## ✔️ उत्तराखंड में वेश्याओं के अधिकारों का सार:


| अधिकार | विवरण |

|--------|--------|

| गरिमा का अधिकार | सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार (अनु. 21) |

| पुलिस सुरक्षा | बिना उत्पीड़न के काम करने का हक |

| स्वास्थ्य सेवाएं | HIV और अन्य सेवाएं मुफ्त |

| पुनर्वास विकल्प | सरकारी योजनाएं उपलब्ध |

| कानूनी संरक्षण | यौन हिंसा, तस्करी, शोषण से सुरक्षा |


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भारत के कानूनों के तहत वेश्याओं के अधिकार (Bharat Kanoon ke Tehat Prostitution ke Adhikar)

 बिलकुल, नीचे भारत (Bharat) के नए कानून और हालिया सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार वेश्या (Prostitute) के अधिकारों को **हिंदी में सरल रूप में** समझाया गया है:


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## ⚖️ भारत के कानूनों के तहत वेश्याओं के अधिकार (Bharat Kanoon ke Tehat Prostitution ke Adhikar)


### 1. ✅ **गरिमा के साथ जीने का अधिकार (Right to Live with Dignity)**

- **अनुच्छेद 21 (Article 21)** के अनुसार हर नागरिक को गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है।  

- **सुप्रीम कोर्ट (2022)** ने कहा है कि **वेश्याएं भी सम्मान के साथ जीने की हकदार हैं**।


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### 2. ✅ **स्वैच्छिक यौन कार्य अवैध नहीं है (Voluntary Sex Work is NOT Illegal)**

- यदि कोई महिला **स्वेच्छा से** वेश्यावृत्ति करती है, तो वह **अपराध नहीं है**।

- लेकिन **किसी को मजबूर करना, दलाली करना, सार्वजनिक स्थानों पर ग्राहक बुलाना, या वेश्यालय चलाना** अवैध है।


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### 3. ✅ **पुलिस द्वारा उत्पीड़न से संरक्षण (Protection from Police Harassment)**

- पुलिस को **स्वैच्छिक रूप से काम कर रही वेश्याओं को परेशान करने का अधिकार नहीं** है।

- सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि **पुलिस को वेश्याओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए**।


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### 4. ✅ **स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार (Right to Health Services)**

- वेश्याओं को **स्वास्थ्य सुविधाएं**, विशेष रूप से **HIV/AIDS से संबंधित सेवाएं**, समान रूप से मिलनी चाहिए।

- वे **सरकारी कल्याण योजनाओं** और **पुनर्वास कार्यक्रमों** का लाभ भी ले सकती हैं।


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### 5. ✅ **कानूनी सुरक्षा का अधिकार (Right to Legal Protection)**

- यदि वेश्याओं के साथ **बलात्कार, उत्पीड़न या शोषण** होता है, तो वे FIR दर्ज करवा सकती हैं।

- उन्हें **IPC की धाराओं** के अंतर्गत पूरा संरक्षण प्राप्त है।


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### 6. ✅ **गोपनीयता का अधिकार (Right to Privacy)**

- वेश्याओं की **पहचान उजागर नहीं की जा सकती**, चाहे मामला कोर्ट में हो या मीडिया में।


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### 7. ✅ **बच्चों की कस्टडी का अधिकार (Right to Custody of Children)**

- वेश्यावृत्ति के आधार पर किसी महिला को **उसके बच्चे की कस्टडी (हिरासत)** से वंचित नहीं किया जा सकता।


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## 📜 प्रमुख कानून (मुख्य कानून और धाराएं)


| कानून | भूमिका |

|-------|--------|

| **अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 (ITPA)** | वेश्यालय चलाना, सार्वजनिक रूप से ग्राहक बुलाना, दलाली करना - **अपराध है** |

| **भारतीय दंड संहिता (IPC)** | धारा 370 (मानव तस्करी), 375-376 (बलात्कार), 506 (धमकी) आदि |

| **संविधान के अधिकार** | अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 19 (स्वतंत्रता), अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) |

| **सुप्रीम कोर्ट दिशा-निर्देश (2022)** | वेश्याओं के मानवीय अधिकार सुनिश्चित करने के लिए |


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## ❗ क्या **कानूनी है**:

- स्वेच्छा से यौन कार्य करना (Private Space में)

- संघ/संस्था बनाना

- कानूनी सुरक्षा लेना


## ❌ क्या **अवैध है**:

- वेश्यालय चलाना

- दलाली करना या सार्वजनिक रूप से ग्राहक ढूंढना

- नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलना


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In Bharat (India), sex work is not **explicitly illegal**, but it's governed by several laws.

 Recent interpretations and developments in Indian law, particularly from the **Supreme Court**, have emphasized **protection of the rights and dignity of sex workers**.


### 🔷 Key Rights of a Prostitute under Indian Law (As per Recent Legal Framework):


#### 1. **Right to Live with Dignity**

- **Article 21 of the Constitution** guarantees the right to life and personal liberty. This includes the right to live with dignity.

- The **Supreme Court in May 2022** (Justice L. Nageswara Rao bench) ruled that sex workers are **entitled to dignity and equal protection under the law**, like any other citizen.


#### 2. **Right to Voluntary Sex Work**

- **Sex work by consenting adults is NOT a crime**.

- However, **running brothels, soliciting in public places, or trafficking women** are criminal offenses under the Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 (ITPA).


#### 3. **Right Against Police Harassment**

- Police **cannot harass sex workers** who are working voluntarily.

- The 2022 SC ruling mandates that the **police must treat sex workers with dignity** and **avoid arbitrary detention or violence**.


#### 4. **Right to Health and Social Services**

- Sex workers are entitled to **access healthcare**, especially for **HIV/AIDS prevention and treatment**, without discrimination.

- They have the right to **government welfare schemes** and **rehabilitation programs** if they choose to leave the profession.


#### 5. **Right to Legal Protection**

- They can file **complaints of sexual assault or violence**.

- Law enforcement agencies are required to **register FIRs** in cases of rape or assault, without bias.


#### 6. **Right to Privacy**

- Like all citizens, sex workers have the **right to privacy**, and their identities should not be revealed in legal proceedings or media coverage.


#### 7. **Right to Custody of Children**

- A sex worker cannot be **denied custody of her child** merely on the basis of her profession.


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### ⚖️ Key Legal Provisions Applicable:


| Law | Relevance |

|-----|-----------|

| **ITPA, 1956** | Regulates and penalizes trafficking, running brothels, soliciting clients in public. |

| **Indian Penal Code (IPC)** | Sections like 370 (trafficking), 375 (rape), 376 (sexual assault), and others apply. |

| **Constitution of India** | Article 14 (Equality), Article 19 (Freedom), Article 21 (Right to life and dignity). |

| **SC Guidelines 2022** | Clarifies rights of voluntary sex workers and police conduct. |


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### ✅ What Is **Allowed**?

- **Voluntary sex work in private spaces.**

- Forming **unions or collectives**.

- Seeking **legal protection** from abuse or exploitation.


### ❌ What Is **Prohibited**?

- **Running a brothel (even with consent)**.

- **Soliciting** clients in public places.

- **Pimping, trafficking**, or forcing someone into sex work.

- **Employing minors** in sex work (strictly punishable).


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मुंबई भिक्षावृत्ति निषेध अधिनियम, 1959 (The Bombay Prevention of Begging Act, 1959)

मुंबई भिक्षावृत्ति निषेध अधिनियम, 1959 (The Bombay Prevention of Begging Act, 1959) की धारा 5(5) एक उपधारा है जो किसी व्यक्ति को न्यायालय में प्रस्तुत करने या फिर विशेष परिस्थितियों में उसे पुनर्वास केंद्र भेजने से संबंधित होती है।

हालाँकि, इस अधिनियम की मूल धारा 5 संक्षेप में यह प्रावधान करती है कि यदि कोई व्यक्ति भिक्षा माँगते हुए पाया जाता है, तो पुलिस अधिकारी उसे गिरफ़्तार कर सकता है और उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय उसे भिक्षावृत्ति के अपराध में आरोपी मानते हुए पुनर्वास गृह (Certified Institution) भेज सकता है।

धारा 5(5) का आशय:

Section 5(5) प्रायः इस बात को स्पष्ट करता है कि जब किसी व्यक्ति को भिक्षा करते हुए पकड़ा गया हो और उसे न्यायालय में पेश किया जाए, तो यदि न्यायालय को लगता है कि यह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है या उसे विशेष देखभाल की आवश्यकता है, तो वह व्यक्ति को सीधे पुनर्वास या चिकित्सा केंद्र में भेज सकता है।

सरल भाषा में:

अगर कोई व्यक्ति भिक्षा मांगते हुए पकड़ा जाता है और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है, तो न्यायालय उसे जेल में भेजने की बजाय किसी उपयुक्त पुनर्वास केंद्र में भेज सकता है ताकि उसकी देखभाल की जा सके।


न्यूज़ विचार और व्यव्हार

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जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी लोकतंत्र के चार स्तंभों में मीडिया को इसलिए जगह दी गई थी ताकि वह सत्ता पर निगरानी र...