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**उद्देश्य:**
पत्रकारों की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना, विशेषकर ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक/आपराधिक विषयों और संवेदनशील मामलों की कवरेज के दौरान।
### ✍️ प्रस्तावित बिंदु:
#### 🛡️ 1. **कानूनी संरक्षण की मांग**
- BNS में *"पत्रकारों पर हमले, धमकी, उत्पीड़न"* को **गंभीर अपराध** घोषित किया जाए
- रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों की **"कार्यस्थल पर संरक्षित स्थिति"** सुनिश्चित की जाए (Journalist as protected personnel)
#### 📹 2. **फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था**
- चुनाव, दंगे, घोटालों आदि के दौरान पत्रकारों को **विशेष ID के साथ पुलिस संरक्षण** दिया जाए
- महिला पत्रकारों के लिए **विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल** हो
#### 🧾 3. **फर्जी मुकदमों से रक्षा**
- रिपोर्टिंग को लेकर यदि पुलिस या प्रशासन दुर्भावनापूर्ण केस दर्ज करे, तो **निष्पक्ष जांच हेतु स्वतंत्र मीडिया आयोग** बने
- पत्रकारों को गिरफ्तार करने से पहले **मीडिया बोर्ड की अनुमति अनिवार्य** की जाए
#### 💼 4. **प्रेस-विरोधी अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट**
- पत्रकारों पर हमले, उत्पीड़न और धमकी देने के मामलों की सुनवाई **तीन महीने में पूरी हो**
#### 🛠️ 5. **तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा**
- कैमरा, माइक, डाटा आदि को नुकसान पहुँचाने को संपत्ति अपराध की बजाय **"संविधानिक अधिकार के हनन"** की श्रेणी में रखा जाए
#### 📈 6. **स्थानीय पत्रकारों की विशेष सुरक्षा**
- छोटे शहरों, गांवों, सीमावर्ती क्षेत्रों में काम कर रहे पत्रकारों के लिए **स्थानीय प्रतिनिधि सुरक्षा नेटवर्क** बने
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## 📣 **[2. Petition Draft – भारत सरकार को याचिका]**
### 📌 शीर्षक:
**"पत्रकार सुरक्षा कानून: BNS में विशेष धाराओं की मांग हेतु याचिका"**
### 🖊️ प्रारंभ:
> **सेवा में,
> माननीय गृहमंत्री, भारत सरकार
> विषय: पत्रकारों की सुरक्षा हेतु भारत न्याय संहिता (BNS) में संशोधन की मांग**
### 📄 मुख्य माँगें:
- पत्रकारों की सुरक्षा के लिए BNS में एक **नया अध्याय/धारा** जोड़ी जाए
- पत्रकारों पर हमलों को **गंभीर गैर-जमानती अपराध** बनाया जाए
- प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक **नागरिक-जांच समिति** गठित हो
- "Journalist Protection Law" पर संसद में बहस कर पारित किया जाए
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