Wednesday, July 3, 2024

भारत सरकार और एडीबी ने महामारी के खिलाफ तैयारियों और जवाबी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए 170 मिलियन डॉलर के ऋण पत्र पर हस्ताक्षर किए

 



भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों और भविष्य की महामारियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई क्षमता को एकीकृत तथा मजबूत करने के लिए 170 मिलियन डॉलर के नीति-आधारित ऋण पत्र पर हस्ताक्षर किए।

भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री जूही मुखर्जी और एडीबी की ओर से एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन की निदेशक सुश्री मियो ओका ने सुदृढ़ और परिवर्तनकारी स्वास्थ्य प्रणाली कार्यक्रम के लिए मजबूत और मापनीय कार्रवाई (उप-कार्यक्रम 1)’ पर हस्ताक्षर किए।

सुश्री मुखर्जी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरानसरकार ने अपनी महामारी के खिलाफ तैयारियों और जवाबी कार्रवाई क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने के लिए कई तौर-तरीकों को अपनाया। उन्होंने कहा कि एडीबी कार्यक्रम रोग निगरानी को और मजबूत करनेस्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जलवायु-सहनीय सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवा वितरण को बढ़ावा देने में सरकार के चल रहे प्रयासों में मदद करेगा।

सुश्री ओका ने कहा, "यह कार्यक्रम भारत सरकार के साथ एडीबी की साझेदारी पर आधारित हैताकि देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत किया जा सके और परिवर्तनकारी समाधान अपनाए जा सकें।" "इस नीति-आधारित ऋण के माध्यम सेएडीबी सरकार को नीतिगतविधायी और संस्थागत शासन और संरचनाओं की कमियों को दूर करने में मदद करेगा और महामारी के खिलाफ तैयारी और जवाबी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुँच प्रदान करने के भारत के लक्ष्य में योगदान देगा।"

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017; प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम)राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन और स्वास्थ्य के लिए मानव संसाधन (एचआरएच) को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों सहित प्रमुख सरकारी योजनाओं और पहलों पर केन्द्रित होगा। कार्यक्रम के माध्यम से लक्षित सुधार क्षेत्रों में शामिल हैं: (i) मजबूत रोग निगरानी और बहुक्षेत्रीय जवाबी कार्रवाई, (ii) स्वास्थ्य के लिए मजबूत मानव संसाधनऔर (iii) विस्तारित जलवायु सहनीय सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और अभिनव सेवा वितरण।

यह कार्यक्रम राज्यसंघ और महानगर स्तर पर संक्रामक रोग निगरानी के लिए प्रयोगशाला नेटवर्क स्थापित करने तथा गरीबोंमहिलाओं और अन्य कमजोर समूहों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी और समन्वय के संदर्भ में मजबूत डेटा प्रणाली तैयार करके सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए रोग निगरानी प्रणालियों को मजबूत करेगा। यह कार्यक्रम भारत के वन हेल्थ दृष्टिकोण के कार्यान्वयन और उभरते संक्रामक रोगों के लिए इसकी बहुक्षेत्रीय जवाबी कार्रवाई में सुधार करेगा।

एडीबी नीति सुधारों का समर्थन करेगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि पर्याप्त और सक्षम स्वास्थ्य पेशेवर और कर्मचारी हों। इसमें ऐसे कानून शामिल हैं, जो नर्सोंसहायिकाओंसंबद्ध कर्मचारियों और डॉक्टरों की शिक्षासेवाओं और पेशेवर आचरण के मानकों को विनियमित करेंगे और बनाए रखेंगे।

यह कार्यक्रम संक्रामक रोगों और गंभीर बीमारियों के प्रति सेवाओं में सुधार करने के लिए पांच राज्यों और जिला क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉकों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का प्रबंधन करने में मदद करेगा। यह हरित और जलवायु-सहनीय स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की स्थापना में अंतर-क्षेत्रीय शासी निकाय और बहु-क्षेत्रीय टास्क फोर्स की सहायता करेगा। सेवा वितरण के लिए अभिनव समाधानों का भी समर्थन किया जाएगा।

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