Saturday, September 21, 2019

beti suraksha


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न्यूज़ विचार और व्यव्हार

जब पहचान नहीं, मानवता ही पता बन गई

  संपादकीय: जब पहचान नहीं, मानवता ही पता बन गई "जो भी दिखे, उसे ये डिलीवरी दे देना।" जंतर-मंतर पहुँचे एक फूड पार्सल पर लिखे ये शब्...