Sunday, September 21, 2025

लोक अदालत के फायदे और सीमाएँ

लोक अदालत के फायदे और सीमाएँ 


✅ लोक अदालत के फायदे (Advantages)

  1. तेज़ न्याय:

    • लंबे समय तक कोर्ट में केस लटकने की बजाय यहाँ एक ही दिन में निपटारा हो सकता है।

  2. सस्ता और निःशुल्क:

    • कोई कोर्ट फीस नहीं लगती।

    • अगर केस पहले से कोर्ट में है, तो दी गई फीस वापस मिल जाती है।

  3. अनौपचारिक प्रक्रिया:

    • यहाँ माहौल कोर्ट जैसा नहीं होता।

    • दोनों पक्ष आराम से अपनी बात रख सकते हैं।

  4. आपसी सहमति से समाधान:

    • फैसला थोपे जाने के बजाय समझौते से होता है, इसलिए झगड़ा आगे नहीं बढ़ता।

  5. फैसले की वैधता:

    • लोक अदालत का निर्णय अदालत की डिक्री (Court Decree) माना जाता है और पूरी तरह मान्य होता है।

  6. समाज में सौहार्द:

    • आपसी रिश्ते और सामाजिक शांति बनी रहती है क्योंकि मामला झगड़े से नहीं, सहमति से सुलझता है।


⚠️ लोक अदालत की सीमाएँ (Limitations)

  1. केवल समझौते वाले मामले:

    • ऐसे केस ही सुलझ सकते हैं जिनमें दोनों पक्ष समझौते को तैयार हों।

  2. गंभीर आपराधिक मामले नहीं:

    • हत्या, बलात्कार, डकैती जैसे गंभीर अपराध लोक अदालत में नहीं जा सकते।

  3. अपील का अभाव:

    • लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है।

    • अगर किसी को लगता है कि समझौता दबाव में हुआ, तो फिर से सामान्य कोर्ट में ही जाना पड़ेगा।

  4. सीमित दायरा:

    • केवल कुछ तरह के सिविल, परिवारिक और कंपाउंडेबल क्रिमिनल मामलों तक ही सीमित है।


👉 संक्षेप में:
लोक अदालत तेज़, सस्ता और सौहार्दपूर्ण न्याय देती है, लेकिन केवल उन्हीं मामलों में जहाँ समझौता संभव हो।



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