✅ मूल चिंता
जब ठेकेदार (जो आर्थिक लाभ में रुचि रखते हैं) राजनीति में प्रवेश कर नेता बन जाते हैं, और नेता (जो सेवा और जनहित का काम करने चाहिए) सत्ता और सुविधा में उलझकर ‘राजनेता’ बन जाते हैं, तब समाजसेवक की जगह कहाँ रह जाती है? क्या समाजसेवा की परिभाषा बदलनी चाहिए?
📌 समाजसेवक की पारंपरिक परिभाषा
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बिना स्वार्थ के समाज की सेवा करना
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गरीब, कमजोर, वंचित, पीड़ित लोगों के लिए काम करना
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शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, न्याय, और जीवन स्तर सुधार में योगदान देना
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राजनीतिक सत्ता से अलग रहकर जनहित में काम करना
✅ वर्तमान संकट
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राजनीति में व्यवसायीकरण – ठेकेदार राजनीति में आए तो सत्ता का उपयोग आर्थिक लाभ के लिए होता है।
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नेतृत्व का पतन – सेवाभाव की जगह लोकप्रियता, प्रचार, और वोट बैंक पर ज़ोर।
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समाजसेवा की जगह का सिकुड़ना – स्वार्थहीन सेवा करने वाले लोग हाशिए पर।
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समाजसेवक की नई परिभाषा की आवश्यकता – आज सेवा करना सिर्फ दान या प्रचार नहीं, बल्कि संगठन, पारदर्शिता, डेटा आधारित समाधान, सामाजिक उद्यमिता भी है।
✅ नई परिभाषा क्या हो सकती है?
आज के संदर्भ में समाजसेवा को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है:
"समाजसेवा वह प्रयास है जो जनहित में, पारदर्शी, समावेशी और दीर्घकालिक समाधान देने के लिए किया जाए—चाहे वह राजनीति से बाहर हो या अंदर, उद्देश्य स्वार्थहीन जनकल्याण हो।"
इसमें शामिल हो सकते हैं:
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सामाजिक उद्यमिता – लाभ के साथ सेवा
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नीतिगत बदलाव – कानून, अधिकार, सामाजिक न्याय के लिए काम
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डिजिटल समाजसेवा – ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डेटा से जागरूकता फैलाना
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युवा नेतृत्व – नए सोच वाले समूह, जो राजनीति और समाजसेवा के बीच संतुलन बनाए
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साझेदारी मॉडल – सरकार, निजी क्षेत्र और समाज का सहयोग
⚙ समाजसेवक की भूमिका अभी भी है
✔ सत्ता से अलग रहकर जनसमस्या उठाना
✔ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
✔ भ्रष्टाचार, असमानता, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना
✔ नागरिकों को जागरूक करना
✔ आपदा, महामारी, पर्यावरण संकट में राहत कार्य करना
✔ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मानसिक स्वास्थ्य पर काम करना
📌 निष्कर्ष
हाँ, वर्तमान समय में समाजसेवकों की परिभाषा बदलनी चाहिए। अब समाजसेवा केवल दान या व्यक्तिगत सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व, नीति निर्माण, डिजिटल प्लेटफॉर्म, नवाचार और सहयोग पर आधारित व्यापक आंदोलन बन रही है।
समाजसेवी की पहचान यह नहीं कि वह किस पद पर है, बल्कि यह कि वह किस भावना से और किस प्रभाव के साथ समाज में योगदान दे रहा है।
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