-
हर सीन एक मिनी-प्ले जैसा लगेगा।
-
छोटे से छोटे पल को भी किरदार विट्टी वन-लाइनर से सजाएँगे।
-
दुनिया एक "थिएटर" है, और हर इंसान अपना रोल निभा रहा है—कभी ट्रैजिक, कभी कॉमिक, कभी फ़ार्सिकल।
उदाहरण:
👉 जब कोई धोखा खाता है, तो वह सीधी शिकायत नहीं करता, बल्कि कहता है:
"अरे वाह, तालियाँ कहाँ हैं? इतना शानदार प्लॉट ट्विस्ट तो किसी ड्रामे में भी नहीं देखा!"
👉 जब कोई प्यार में पड़ता है:
"दिल तो rehearsal कर रहा था, पर ये scene तो बिना script के ही perfect हो गया।"
👉 जब कोई टूट जाता है:
"Director साहब, interval बहुत लंबा हो गया… अब तो अगले act का इंतज़ार है।"
No comments:
Post a Comment