Friday, October 23, 2026

स्व. सुधींद्र नेगी की छठवीं पुण्यतिथि पर ‘प्रयास’ पत्रिका के 17वें अंक का विमोचन, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं सम्मानित

 

स्व. सुधींद्र नेगी की छठवीं पुण्यतिथि पर ‘प्रयास’ पत्रिका के 17वें अंक का विमोचन, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं सम्मानित

कोटद्वार (भाबर), झंडीचौड़। स्वर्गीय सुधींद्र नेगी की छठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर झंडीचौड़, कोटद्वार भाबर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनकी स्मृति को समर्पित तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रकाशित होने वाली वार्षिक पत्रिका ‘प्रयास’ के 17वें अंक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, पत्रकारिता, राजनीति, खेलकूद और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित कर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया गया।









कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर से ब्रिगेडियर विनोद नेगी, सूबेदार मेजर शैलेंद्र सिंह बिष्ट तथा कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष मीना बंचवान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

पत्रकारिता, समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कोटद्वार प्रेस क्लब के सचिव दिनेश पाल गुसाईं को सम्मानित किया गया। सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए मयंक कोठारी तथा शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए रिद्धि भट्ट को सम्मान प्रदान किया गया।



सम्मान समारोह का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए कार्य करने वाले लोगों के योगदान को पहचान देना और अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करना रहा।

पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है ‘प्रयास’ पत्रिका

स्वर्गीय सुधींद्र नेगी की स्मृति में प्रकाशित वार्षिक पत्रिका ‘प्रयास’ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समर्पित है। पत्रिका का 17वां अंक प्रकाशित होना इस पहल की निरंतरता को दर्शाता है। पर्यावरण संरक्षण आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे में पत्रिका के माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास महत्वपूर्ण है।

स्मृतियों के साथ सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने की पहल

पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वर्गीय सुधींद्र नेगी को याद करने के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने का अवसर भी बना। पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखकर प्रकाशित पत्रिका और सम्मान समारोह के माध्यम से सामाजिक सहभागिता तथा जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

इस प्रकार, स्वर्गीय सुधींद्र नेगी की छठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि, पर्यावरण संरक्षण और प्रतिभा सम्मान के माध्यम से उनकी स्मृति को संजोने का प्रयास किया गया।

स्थान: झंडीचौड़, कोटद्वार भाबर, जनपद पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड।

रिपोर्ट: दिव्यांगवाणी समाचार डेस्क

एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदकों के साथ अभियान समाप्त

 

एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदकों के साथ अभियान समाप्त

Press Trust Of India

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को अब तक का सर्वश्रेष्ठ पदक परिणाम दिलाया। भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।


यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि भारत ने पिछली प्रतियोगिता के अपने सर्वश्रेष्ठ आधिकारिक आंकड़े 108 पदकों को पीछे छोड़ दिया। इस बार भारतीय दल में 168 खिलाड़ी शामिल थे, जबकि 2023 के हांगझोउ संस्करण में भारत ने 309 खिलाड़ियों का दल भेजा था।



भारत की पदक तालिका

30

स्वर्ण पदक

35

रजत पदक

49

कांस्य पदक

114

कुल पदक

एथलेटिक्स बना भारत की सबसे बड़ी ताकत

भारत की पदक सफलता में पैरा एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा। खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में 65 पदक जीते, जिनमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन में 16 और पैरा तैराकी में 11 पदक मिले। पैरा तीरंदाजी में छह तथा पैरा निशानेबाजी में पांच पदक भारत के खाते में आए।


प्रमुख खेलों में भारत का प्रदर्शन

खेल

कुल पदक

पैरा एथलेटिक्स

65

पैरा बैडमिंटन

16

पैरा तैराकी

11

पैरा टेबल टेनिस

7

पैरा तीरंदाजी

6

पैरा निशानेबाजी

5

पैरा जूडो

2

पैरा पावरलिफ्टिंग

2

स्रोत: प्रकाशित खेलवार पदक आंकड़े।


कई खिलाड़ियों ने रचे नए कीर्तिमान

भारत के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में यादगार प्रदर्शन किया। संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता। हनेई ने भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि सुमित अंतिल ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता कायम रखी। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी विश्व रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।


दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा और संकल्प को सलाम

एशियन पैरा गेम्स में भारत की सफलता केवल पदकों की संख्या नहीं है। यह उन खिलाड़ियों के संघर्ष, प्रशिक्षण, अनुशासन और आत्मविश्वास की उपलब्धि भी है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया।

इस प्रदर्शन से यह संदेश भी मिलता है कि दिव्यांगजनों को उचित प्रशिक्षण, सुलभ खेल सुविधाएं, आर्थिक सहायता और समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे विश्वस्तरीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। अब चुनौती इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और देश के प्रत्येक क्षेत्र में पैरा खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की है।

संपादकीय संदेश: 114 पदकों की यह उपलब्धि उत्सव के साथ जिम्मेदारी का भी अवसर है। देश को अपने पैरा खिलाड़ियों को केवल जीत के बाद सम्मानित नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके प्रशिक्षण, रोजगार, शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा के लिए निरंतर व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस, डीडी इंडिया और इंडिया टुडे की प्रकाशित रिपोर्टें।


न्यूज़ विचार और व्यव्हार

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