प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लक्ष्य की प्राप्ति
विगत पाँच वर्षों अर्थात् 2021-22 से 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लक्ष्य वर्ष के दौरान स्वीकृत आवासों, पूर्ण किए गए आवासों तथा निर्माणाधीन आवासों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार संख्या का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
16.07.2026 की स्थिति के अनुसार स्वीकृत तथा पूर्ण किए गए आवासों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार समेकित प्रगति का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।
विगत पाँच वर्षों (अर्थात् 2021-22 से 2025-26) के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कुल ₹1,34,242.45 करोड़ की केंद्रीय हिस्सेदारी जारी की गई है। इसमें मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश को जारी किए गए ₹19,013.72 करोड़ तथा महाराष्ट्र को जारी किए गए ₹14,898.43 करोड़ भी शामिल हैं। योजना के अंतर्गत विगत पाँच वर्षों के दौरान जारी की गई वित्तीय सहायता तथा वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत वित्तीय आवंटन का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण अनुलग्नक-III में दिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आवास निर्माण में तेजी लाने हेतु सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
(i) राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को समय पर लक्ष्य आवंटित करना तथा पर्याप्त धनराशि जारी करना;
(ii) प्रगति की नियमित समीक्षा;
(iii) डैशबोर्ड के माध्यम से योजना की निगरानी एवं पर्यवेक्षण;
(iv) मंत्रालय द्वारा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित कार्यशालाओं का आयोजन;
(v) ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि।
योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली आवास सहायता के अतिरिक्त, स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण (एसबीएम-जी) के साथ एकीकरण के माध्यम से शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000 की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। इसके अलावा, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा)/वीबी जी-राम जी के साथ एकीकरण के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रत्येक लाभार्थी को स्वीकृत योजना मानकों के अंतर्गत, प्रचलित मजदूरी दरों पर निर्धारित मानव-दिवसों का अकुशल मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के परिवारों को जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जल जीवन मिशन (जेजेएम) तथा हर घर नल से जल (एचजीएनएसजे) अथवा अन्य समान योजनाओं के साथ एकीकरण के माध्यम से पाइपलाइन के ज़रिए पेयजल भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को विद्युत मंत्रालय, राज्य सरकारों अथवा केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा संचालित संबंधित योजनाओं के माध्यम से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने में सहायता दी जाती है तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) अथवा अन्य संबंधित योजनाओं के अंतर्गत एलपीजी कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जाता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एकीकरण में लाभार्थी परिवारों की महिला सदस्यों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ना भी शामिल है, जिससे उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।
राष्ट्रीय स्तर पर 16.07.2026 की स्थिति के अनुसार कुल 3.08 करोड़ आवासों में शौचालय, 2.43 करोड़ में पानी के कनेक्शन, 3.07 करोड़ में बिजली के कनेक्शन तथा 2.9 करोड़ में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 1.35 करोड़ लाभार्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभाव के संबंध में राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी), राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी एंड पीआर), राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएम-ए) जैसी संस्थाओं द्वारा अनेक आकलन किए गए हैं। इनमें नवीनतम अध्ययन आईआईएम-ए द्वारा किया गया है। सभी अध्ययनों में आवास तथा समग्र जीवन गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव की पुष्टि की गई है।
मंत्रालय ने 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का स्वतंत्र मूल्यांकन करने के लिए आईआईएम-ए को नियुक्त किया था। अध्ययन (2026) में पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने आवासीय सुरक्षा में वृद्धि, बेहतर स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी परिणामों में सुधार, परिवारों की आय एवं बचत में वृद्धि, बेघरपन और मजबूरी में होने वाले पलायन में कमी तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है। मूल्यांकन में लाभार्थियों की गरिमा, जीवन की गुणवत्ता तथा समग्र सामाजिक-आर्थिक कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया।
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
अनुलग्नक-I
विगत पाँच वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लक्ष्य वर्ष के दौरान स्वीकृत आवासों, पूर्ण किए गए आवासों तथा निर्माणाधीन आवासों का राज्यवार विवरण:
क्रम संख्या | राज्य | स्वीकृत आवास | पूर्ण किए गए आवास | निर्माणाधीन आवास | |
1 |
| 5,497 | 5,497 | 0 | |
2 |
| 21,60,640 | 15,44,832 | 6,15,808 | |
3 |
| 22,10,788 | 15,12,269 | 6,98,519 | |
4 |
| 13,54,352 | 9,63,548 | 3,90,804 | |
5 |
| 0 | 0 | 0 | |
6 |
| 4,18,814 | 3,14,715 | 1,04,099 | |
7 |
| 54,816 | 19,805 | 35,011 | |
8 |
| 85,281 | 57,162 | 28,119 | |
9 |
| 1,98,923 | 1,92,741 | 6,182 | |
10 |
| 7,41,074 | 4,55,559 | 2,85,515 | |
11 |
| 63,638 | 18,263 | 45,375 | |
12 |
| 27,64,648 | 17,34,797 | 10,29,851 | |
13 |
| 31,41,251 | 10,22,269 | 21,18,982 | |
14 |
| 72,781 | 25,229 | 47,552 | |
15 |
| 1,22,387 | 1,01,284 | 21,103 | |
16 |
| 16,427 | 12,015 | 4,412 | |
17 |
| 30,700 | 22,183 | 8,517 | |
18 |
| 9,74,212 | 7,92,216 | 1,81,996 | |
19 |
| 52,392 | 31,805 | 20,587 | |
20 |
| 11,09,687 | 7,00,010 | 4,09,677 | |
21 |
| 67 | 67 | 0 | |
22 |
| 2,57,759 | 2,34,776 | 22,983 | |
23 |
| 3,27,528 | 3,25,428 | 2,100 | |
24 |
| 14,77,701 | 14,69,493 | 8,208 | |
25 |
| 42,812 | 42,651 | 161 | |
26 |
| 12,60,941 | 1,52,014 | 11,08,927 | |
27 |
| 1,288 | 220 | 1,068 | |
28 |
| 5,116 | 2,045 | 3,071 | |
29 |
| 0 | 0 | 0 | |
30 |
| 1,79,410 | 41,761 | 1,37,649 | |
31 |
| 4,11,890 | 52,250 | 3,59,640 | |
32 |
| 1,125 | 1,125 | 0 | |
कुल योग | 1,95,43,945 | 1,18,48,029 | 76,95,916 | ||
अनुलग्नक-II
21.07.2026 को उत्तर दिए जाने वाले लोकसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 447 के भाग (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्नक
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार प्रगति निम्नानुसार है:
क्रम संख्या | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश का नाम | मंत्रालय द्वारा आवंटित लक्ष्य | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा स्वीकृत आवास | पूर्ण किए गए आवास | लक्ष्य प्राप्ति हेतु शेष पूर्णता | |
1 |
| 35,937 | 35,591 | 35,591 | 346 | |
2 |
| 29,62,945 | 29,09,032 | 22,88,557 | 6,74,388 | |
3 |
| 50,12,752 | 49,09,838 | 41,89,147 | 8,23,605 | |
4 |
| 26,42,224 | 24,51,294 | 20,16,970 | 6,25,254 | |
5 |
| 257 | 254 | 243 | 14 | |
6 |
| 8,39,116 | 8,29,480 | 7,17,038 | 1,22,078 | |
7 |
| 1,06,460 | 76,468 | 41,269 | 65,191 | |
8 |
| 1,08,389 | 1,02,682 | 69,018 | 39,371 | |
9 |
| 3,41,644 | 3,35,367 | 3,26,558 | 15,086 | |
10 |
| 20,12,107 | 19,37,885 | 16,37,931 | 3,74,176 | |
11 |
| 1,13,404 | 85,671 | 39,991 | 73,413 | |
12 |
| 57,74,572 | 54,14,165 | 43,38,053 | 14,36,519 | |
13 |
| 43,80,522 | 41,39,992 | 19,84,776 | 23,95,746 | |
14 |
| 1,13,550 | 1,06,813 | 56,929 | 56,621 | |
15 |
| 1,88,034 | 1,84,296 | 1,59,693 | 28,341 | |
16 |
| 29,967 | 29,959 | 25,433 | 4,534 | |
17 |
| 48,830 | 48,727 | 38,021 | 10,809 | |
18 |
| 28,28,739 | 28,06,753 | 25,47,541 | 2,81,198 | |
19 |
| 1,13,911 | 1,04,710 | 55,522 | 58,389 | |
20 |
| 24,93,546 | 24,32,085 | 20,12,820 | 4,80,726 | |
21 |
| 1,399 | 1,397 | 1,393 | 6 | |
22 |
| 9,57,825 | 7,34,049 | 6,71,783 | 2,86,042 | |
23 |
| 3,76,913 | 3,76,174 | 3,73,940 | 2,973 | |
24 |
| 42,77,493 | 36,55,821 | 36,42,934 | 6,34,559 | |
25 |
| 69,755 | 68,935 | 68,241 | 1,514 | |
26 |
| 46,69,423 | 45,69,031 | 34,20,433 | 12,48,990 | |
27 |
| 3,424 | 2,591 | 1,452 | 1,972 | |
28 |
| 11,364 | 10,540 | 6,757 | 4,607 | |
29 |
| 45 | 45 | 45 | 0 | |
30 |
| 3,21,326 | 2,46,929 | 90,581 | 2,30,745 | |
31 |
| 9,44,140 | 5,68,955 | 1,71,836 | 7,72,304 | |
32 |
| 0 | 0 | 0 | 0 | |
33 |
| 3,004 | 3,004 | 3,004 | 0 | |
कुल योग (सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए) | 4,17,83,017 (4.18 करोड़) | 3,91,78,533 (3.92 करोड़) | 3,10,33,500 (3.10 करोड़) | 1,07,49,517 (1.08 करोड़) | ||
टिप्पणी: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का कार्यान्वयन दिल्ली, चंडीगढ़ और पुदुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों में नहीं किया गया है। योजना के पूर्व चरण (वित्तीय वर्ष 2016-2024) के दौरान तेलंगाना राज्य ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का कार्यान्वयन नहीं किया। | ||||||
अनुलग्नक-III
21.07.2026 को उत्तर दिए जाने वाले लोकसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 447 के भाग (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्नक
विगत पाँच वर्षों के दौरान योजना के अंतर्गत जारी की गई वित्तीय सहायता का राज्यवार विवरण:
(₹ करोड़ में)
क्रम संख्या | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | जारी की गई केंद्रीय हिस्सेदारी (वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक) ** | वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत अनंतिम आवंटन* |
1 | अरुणाचल प्रदेश | 376.04 | - |
2 | असम | 24,232.40 | 4,769.00 |
3 | बिहार | 15,446.89 | 1,420.15 |
4 | छत्तीसगढ़ | 9,566.51 | 2,730.72 |
5 | गोवा | 0.00 | - |
6 | गुजरात | 3,565.74 | 947.77 |
7 | हरियाणा | 211.34 | 269.38 |
8 | हिमाचल प्रदेश | 1,096.25 | 239.77 |
9 | जम्मू और कश्मीर | 2,679.57 | - |
10 | झारखंड | 3,885.96 | 3,181.55 |
11 | केरल | 228.88 | 1,341.00 |
12 | मध्य प्रदेश | 19,013.72 | 7,268.80 |
13 | महाराष्ट्र | 14,898.43 | 10,201.09 |
14 | मणिपुर | 622.41 | 61.43 |
15 | मेघालय | 1,788.81 | - |
16 | मिजोरम | 242.35 | - |
17 | नागालैंड | 472.10 | - |
18 | ओडिशा | 7,996.87 | 630.61 |
19 | पंजाब | 442.87 | 95.49 |
20 | राजस्थान | 6,287.23 | 2,690.93 |
21 | सिक्किम | 3.12 | - |
22 | तमिलनाडु | 3,159.29 | 1,041.91 |
23 | त्रिपुरा | 4,131.28 | - |
24 | उत्तर प्रदेश | 11,257.33 | 377.53 |
25 | उत्तराखंड | 685.76 | - |
26 | पश्चिम बंगाल | 687.84 | - |
27 | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | 5.45 | - |
28 | दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 23.62 | - |
29 | लक्षद्वीप | - | - |
30 | आंध्र प्रदेश | 515.74 | 4.92 |
31 | कर्नाटक | 669.17 | 4,652.55 |
32 | लद्दाख | 21.99 | - |
कुल योग | 1,34,242.45 | 41,924.60 | |
* वित्तीय आवंटन संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को लक्ष्यों के आवंटन के आधार पर संशोधन के अधीन है।
**पीएम-जनमन सहित
***
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