नार्को कोआर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) एक केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं के मामलों की प्रभावी जांच, रोकथाम, और नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। एनकॉर्ड का गठन गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अंतर्गत किया गया है। यह विभिन्न राज्यों के पुलिस, नारकोटिक्स विभाग, और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच तालमेल स्थापित करता है, ताकि नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
उत्तराखंड में भी एनकॉर्ड की इकाइयाँ सक्रिय हैं, जो राज्य की सीमा से गुजरने वाली नशीली दवाओं के तस्करों पर नजर रखती हैं। उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति, जिसमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाएं आती हैं, इसे नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बनाती है। एनकॉर्ड के तहत राज्य में विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की जाती हैं, जहाँ पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय किया जाता है।
एनकॉर्ड के मुख्य कार्यों में शामिल हैं:
- तस्करी विरोधी कार्रवाई: नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय।
- सूचना साझा करना: राज्यों और केंद्र के बीच नशीली दवाओं के मामलों से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान।
- सतर्कता बढ़ाना: स्थानीय पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नशीले पदार्थों के मामलों में सतर्क और प्रशिक्षित करना।
- नियंत्रण और रोकथाम: नशीले पदार्थों के इस्तेमाल और उसकी तस्करी के खिलाफ कदम उठाना।
उत्तराखंड में एनकॉर्ड का उद्देश्य राज्य के युवाओं को नशीली दवाओं के प्रभाव से बचाना और राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।
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