"विवेक की खेती" से तात्पर्य है कि जब हम अपने विचारों और निर्णयों में विवेक, समझदारी और नैतिकता का समावेश करते हैं, तो यह हमें आंतरिक रूप से समृद्ध बनाता है। मनुष्य का मस्तिष्क वास्तव में सबसे उपजाऊ ज़मीन है, क्योंकि इसमें न केवल विचारों और भावनाओं की वृद्धि होती है, बल्कि इससे हमारे कार्य और जीवन के निर्णय भी प्रभावित होते हैं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
न्यूज़ विचार और व्यव्हार
जब पहचान नहीं, मानवता ही पता बन गई
संपादकीय: जब पहचान नहीं, मानवता ही पता बन गई "जो भी दिखे, उसे ये डिलीवरी दे देना।" जंतर-मंतर पहुँचे एक फूड पार्सल पर लिखे ये शब्...
-
लोक अदालत के फायदे और सीमाएँ ✅ लोक अदालत के फायदे (Advantages) तेज़ न्याय: लंबे समय तक कोर्ट में केस लटकने की बजाय यहाँ एक ही दिन ...
-
📊 भारत सरकार अधिनियम: 1909, 1919 और 1935 की तुलना पहलू / विशेषता अधिनियम 1909 (मॉर्ले-मिंटो सुधार) अधिनियम 1919 (मॉन्टेग्यू-चेम्सफो...
-
**मिशन लाइफ (Mission LiFE – Lifestyle for Environment)** भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक वैश्विक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य **व्यक्तिगत और...
No comments:
Post a Comment