🌿 “उत्तराखंड आस्था-सुरक्षा एवं अंधविश्वास निवारण अधिनियम”
Udaen Foundation के माध्यम से प्रस्तुत करने की वैधानिक व व्यावहारिक रूपरेखा
🔹 1. संस्था की भूमिका
Udaen Foundation इस प्रस्ताव को एक जन-हित आधारित नीति अनुशंसा (Policy Recommendation) के रूप में राज्य सरकार को प्रस्तुत कर सकती है।
यह “धर्म या आस्था विरोधी” नहीं, बल्कि “मानवाधिकार, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय” के पक्ष में पहल के रूप में जाएगी।
🔹 2. प्रस्तुति का कानूनी तरीका
आप तीन स्तरों पर इसे प्रस्तुत कर सकते हैं —
(a) जनहित ज्ञापन (Public Memorandum):
Udaen Foundation, अपने लेटरहेड पर अधिनियम का ड्राफ्ट व औचित्य नोट संलग्न कर मुख्यमंत्री, विधि मंत्री, और मुख्य सचिव को ज्ञापन दे सकती है।
(b) राज्य नीति आयोग या समाज कल्याण विभाग को सिफारिश:
यह अधिनियम “समाज कल्याण”, “महिला एवं बाल विकास”, “मानवाधिकार” और “गृह विभाग” सभी से जुड़ा है। इसलिए फाउंडेशन “समाज कल्याण विभाग” के अंतर्गत नीति प्रस्ताव के रूप में फाइल कर सकती है।
(c) जन-जागरूकता और शोध-पत्र:
आप इस ड्राफ्ट को Policy Paper + Field Report के रूप में तैयार कर
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प्रेस कॉन्फ़्रेंस,
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Udaen News Network,
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तथा शैक्षणिक संस्थानों (जैसे HNB Garhwal University, Doon University आदि)
के समक्ष रख सकते हैं।
🔹 3. आवश्यक दस्तावेज़
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फाउंडेशन का पंजीकरण प्रमाणपत्र और CSR/NGO परिचय।
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प्रस्तावित अधिनियम (Draft Bill)।
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औचित्य नोट (Justification Note) — जिसमें आप स्पष्ट करेंगे कि यह
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धार्मिक स्वतंत्रता का विरोध नहीं करता,
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बल्कि परिवार, महिला, बच्चों और कमजोर वर्गों को “झाड़-फूंक, जगर, या देवी-प्रभाव” के नाम पर हो रहे शोषण से बचाने के लिए है।
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6-महीने की कार्यान्वयन रूपरेखा (Implementation Roadmap)।
🔹 4. जनसहयोग मॉडल (Public Participation)
Udaen Foundation इसे जनता से जोड़ सकती है:
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“अंधविश्वास से आज़ादी” नामक ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान (petition)।
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जिलास्तरीय संवाद — “जगर या जागरूकता?” विषय पर सेमिनार/चर्चा।
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मीडिया कवरेज — Udaen News Network के माध्यम से विशेष कवरेज और रिपोर्ट सीरीज़।
🔹 5. संविधानिक औचित्य (Legal Validity)
इस कानून का संविधान में पूरा आधार है:
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अनुच्छेद 21: जीवन और गरिमा का अधिकार।
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अनुच्छेद 25: धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, जब तक वह सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के विपरीत न हो।
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अनुच्छेद 51-A(h): नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवता और सुधार की भावना विकसित करे।
👉 इसलिए यह अधिनियम संविधान-सम्मत और धर्म-निरपेक्ष दोनों रहेगा।
🔹 6. राज्यस्तरीय सहयोग
इसे प्रारंभिक चरण में निम्न संस्थाओं के साथ साझा कर सकते हैं:
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उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग
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उत्तराखंड महिला आयोग / बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग
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विधि विभाग / विधायी विभाग सचिवालय, देहरादून
🔹 7. Udaen Foundation के लिए आगामी कदम
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“अंधविश्वास निवारण अधिनियम (उत्तराखंड) प्रस्तावित” ड्राफ्ट को अंतिम रूप दें।
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उसके साथ “औचित्य नोट” जोड़ें (2–3 पृष्ठ)।
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6 महीने की पायलट कार्ययोजना (Implementation Framework) संलग्न करें।
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सब कुछ एक संयुक्त PDF ज्ञापन-पैकेट में तैयार करें।
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देहरादून में संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपें और मीडिया में रिलीज़ दें।
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