e₹: भारत की डिजिटल मुद्रा– अर्थव्यवस्था के नए युग की शुरुआत
📰 संपादकीय / लेख
e₹: भारत की डिजिटल मुद्रा– अर्थव्यवस्था के नए युग की शुरुआत
भारत तेज़ी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है e₹ – डिजिटल रुपया, जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2022–23 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया। e₹ को सामान्य भाषा में समझें तो यह रुपये का डिजिटल संस्करण है, जिसे RBI सीधे जारी करता है। यह नोट और सिक्कों जैसा ही “कानूनी मुद्रा” है—बस डिजिटल रूप में।
🔵 e₹ क्या है और कैसे काम करता है?
e₹ को केंद्रीय बैंक अपने नियंत्रण में जारी करता है और नागरिक इसे अपने e₹ वॉलेट में रखते हैं। यह वॉलेट UPI जैसा होता है, लेकिन एक बड़ा अंतर है—
UPI बैंक खाते से linked होता है, जबकि e₹ सीधे RBI की करेंसी है।
यानी यह “डिजिटल कैश” है, जिसे कोई भी स्वीकार करने से मना नहीं कर सकता।
🟢 e₹ के प्रमुख फायदे
1. तेज़, सुरक्षित और कैश-जैसा भुगतान
e₹ में लेनदेन तुरंत होता है और नकदी के मुकाबले अधिक सुरक्षित है। चोरी, नकली नोट या नुकसान का खतरा नहीं रहता।
2. बैंक सर्वर डाउन होने पर भी काम करेगा
UPI का भुगतान बैंक पर निर्भर है, लेकिन e₹ वॉलेट-to-वॉलेट चलता है।
इससे भुगतान में रुकावटें कम होंगी।
3. भ्रष्टाचार, हवाला और नकली नोटों पर रोक
क्योंकि मुद्रा डिजिटल है, इसे नकली नहीं बनाया जा सकता।
अनधिकृत बड़े लेनदेन को ट्रैक करना आसान होगा।
4. सरकार को भारी आर्थिक लाभ
नोट छापना, ढोना और सुरक्षित रखना—इन पर हर साल अरबों रुपये खर्च होते हैं।
डिजिटल मुद्रा से यह खर्च काफी घटेगा।
5. अंतरराष्ट्रीय भुगतान आसान होंगे
CBDC नेटवर्कों के जुड़ने पर भारत से अन्य देशों में पैसा भेजना सेकंडों में संभव होगा—SWIFT जैसी महंगी प्रणाली की ज़रूरत नहीं।
🔴 e₹ से जुड़े संभावित नुकसान/चुनौतियाँ
1. गोपनीयता पर सवाल
लोगों की चिंता है कि डिजिटल लेनदेन से उनका खर्च सरकार द्वारा देखा जा सकता है।
हालाँकि RBI छोटे लेनदेन को “कैश-जैसा प्राइवेट” बनाने पर काम कर रहा है।
2. तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता
स्मार्टफोन, इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता के बिना e₹ का उपयोग मुश्किल है—ग्रामीण और बुजुर्ग वर्ग को कठिनाई हो सकती है।
3. बैंकिंग सिस्टम पर दबाव
यदि लोग बड़ी मात्रा में पैसा बैंक से निकालकर e₹ में रखेंगे,
तो बैंक की जमा राशि (Deposits) कम हो सकती है, जिससे Loans पर असर पड़ सकता है।
4. साइबर जोखिम
हालाँकि RBI का सिस्टम अत्यंत सुरक्षित है परंतु
नकली ऐप, फ़िशिंग और धोखाधड़ी जैसी चुनौतियाँ बनी रहेंगी।
🟣 e₹ और UPI में मूल अंतर
| आधार | UPI | e₹ (Digital Rupee) |
|---|---|---|
| पैसा कहाँ रखा है? | बैंक खाते में | सीधे RBI के डिजिटल वॉलेट में |
| लेन-देन | बैंक–to–बैंक | वॉलेट–to–वॉलेट (कैश जैसा) |
| सर्वर डाउन | पेमेंट रुक सकता है | पेमेंट जारी रहेगा |
| गोपनीयता | कम | अधिक, कैश जैसा |
🟡 भारत में e₹ का भविष्य
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सरकारी सब्सिडी e₹ में भेजी जा सकती है
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रेलवे, टोल, बस सेवा, पेट्रोल पंप पर e₹ भुगतान
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सीमा पार (cross-border) CBDC पेमेंट
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कैश-कम अर्थव्यवस्था और टैक्स अनुपालन में सुधार
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डिजिटल इंडिया को नई दिशा
भारत के लिए e₹ सिर्फ एक डिजिटल प्रयोग नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की नयी पहचान बन सकता है।
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