Sunday, August 24, 2025

बीजेपी में वर्तमान में कितने सांसद (MPs) ऐसे हैं जो पहले कांग्रेस या अन्य दलों से आए हैं

बीजेपी में वर्तमान में कितने सांसद (MPs) ऐसे हैं जो पहले कांग्रेस या अन्य दलों से आए हैं – इसका कोई एकदम सटीक और ताज़ा आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि दल-बदल लगातार होते रहते हैं और संसद का रिकॉर्ड भी समय-समय पर बदलता रहता है। फिर भी, उपलब्ध रिपोर्टों और विश्लेषण से एक अनुमान लगाया जा सकता है:


2014–2021 के बीच रुझान (ADR रिपोर्ट के अनुसार)

  • ADR (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) के विश्लेषण के अनुसार 2014 से 2021 के बीच:
    • 177 कांग्रेस के सांसद/विधायक पार्टी छोड़कर अन्य दलों में गए।
    • कुल 253 सांसद/विधायक विभिन्न दलों से बीजेपी में शामिल हुए।
    • इनमें से लगभग 173 सांसद/विधायक ऐसे थे जिन्होंने बीजेपी जॉइन करके दोबारा चुनाव लड़ा।
    • सबसे ज़्यादा दल-बदलने वाले कांग्रेस से आए।

स्रोत: ADR रिपोर्ट, इकोनॉमिक टाइम्स


2016–2020 का विश्लेषण (ADR रिपोर्ट)

  • 2016–2020 के बीच 405 सांसद/विधायक ने दल-बदल किया और फिर से चुनाव लड़ा।
  • इनमें से 182 (लगभग 45%) ने बीजेपी का दामन थामा।
  • सबसे ज़्यादा कांग्रेस के नेता बीजेपी में गए।
  • इस अवधि में लोकसभा के लगभग 12 सांसदों ने दल-बदल किया, जिनमें से कई कांग्रेस से बीजेपी गए।

स्रोत: स्क्रॉल, ADR


हाल के प्रमुख उदाहरण (2022–2024)

हाल ही में कुछ प्रमुख कांग्रेस सांसद/राज्यसभा सांसद जो बीजेपी में आए:

  • किरण चौधरी – हरियाणा की पूर्व कांग्रेस नेता, 2024 में बीजेपी में आकर राज्यसभा सांसद बनीं।
  • राजू पर्मार – गुजरात के पूर्व राज्यसभा सांसद (कांग्रेस), 2022 में बीजेपी में आए।
  • प्रदान बरुआ – असम में कांग्रेस से बीजेपी में आए और 2016 में लोकसभा सांसद बने।
  • सुभाष महरिया – पूर्व कांग्रेस सांसद, 2023 में बीजेपी में लौटे।

सारांश / अनुमान

  • 2014–2021: लगभग 170–180 सांसद/विधायक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए।
  • 2016–2020: लगभग 182 में से अधिकांश कांग्रेस से आए।
  • 2022 के बाद: कुछ प्रमुख सांसद भी बीजेपी में शामिल हुए (जैसे ऊपर के उदाहरण)।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • ये आंकड़े दल-बदल करके दोबारा चुनाव लड़ने वालों के हैं।
  • सभी विधायक/सांसद आज भी सक्रिय सांसद हों, यह ज़रूरी नहीं है।
  • ताज़ा और केवल वर्तमान सांसदों की सही गिनती के लिए हर सांसद का व्यक्तिगत रिकॉर्ड देखना पड़ेगा (लोकसभा/राज्यसभा वेबसाइट पर)।


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