Monday, July 21, 2025

🇮🇳 भारत का डेटा प्रोटेक्शन कानून: Digital Personal Data Protection Act, 2023



भारत में हाल ही में "डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023" लागू किया गया है, जो भारत का पहला व्यापक डेटा संरक्षण कानून है।


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🇮🇳 भारत का डेटा प्रोटेक्शन कानून: Digital Personal Data Protection Act, 2023

📜 मुख्य उद्देश्य:

> किसी व्यक्ति के पर्सनल डेटा की सुरक्षा करना, और यह सुनिश्चित करना कि डेटा कानूनी, पारदर्शी और सीमित उद्देश्य के लिए ही उपयोग किया जाए।




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⚖️ मुख्य बिंदु (Provisions in Hindi):

1. ✅ Data Principal और Data Fiduciary

Data Principal: वह व्यक्ति जिसका डेटा है (यानी आप और हम)।

Data Fiduciary: वह संस्था/कंपनी जो आपका डेटा इकट्ठा करती है (जैसे WhatsApp, Google, बैंक आदि)।



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2. 🔐 सहमति (Consent)

कोई भी संस्था आपका व्यक्तिगत डेटा आपकी सहमति के बिना नहीं ले सकती।

सहमति स्पष्ट, सूचित और उद्देश्य आधारित होनी चाहिए।



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3. 📩 डाटा का उपयोग सीमित उद्देश्य के लिए

आपका डेटा सिर्फ उसी कार्य के लिए इस्तेमाल हो सकता है, जिसके लिए आपने सहमति दी है।

उदाहरण: आपने बैंक को KYC के लिए डेटा दिया, तो वह उसका विज्ञापन के लिए उपयोग नहीं कर सकता।



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4. 🧽 डेटा मिटाने का अधिकार (Right to Erasure)

आप किसी संस्था से कह सकते हैं कि वह आपका डेटा डिलीट करे, अगर उसका उपयोग अब जरूरी नहीं है।



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5. 👁️‍🗨️ डेटा तक पहुंच का अधिकार (Right to Access)

आप यह पूछ सकते हैं कि कौन-सी संस्था ने आपका डेटा कब, कैसे और किस उद्देश्य से उपयोग किया है।



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6. 🚫 Penalty और जुर्माना

अगर कोई संस्था डेटा का दुरुपयोग करती है या डेटा लीक होता है, तो ₹250 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।



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7. 🏢 Data Protection Board of India

एक स्वतंत्र डेटा सुरक्षा बोर्ड गठित किया गया है, जो कानून के उल्लंघन की जांच करेगा और जुर्माना तय करेगा।



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🧠 क्यों जरूरी है ये कानून?

सोशल मीडिया, ऐप्स, वेबसाइट और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पर रोजाना हमारा पर्सनल डेटा एक्सचेंज हो रहा है –
जैसे आधार नंबर, फोन नंबर, बैंक डिटेल्स, लोकेशन, हेल्थ डेटा आदि।


➡️ इस कानून से डेटा के दुरुपयोग, पहचान की चोरी, फर्जीवाड़े और निगरानी (surveillance) से बचाव होगा।


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🌐 किन्हें पालन करना जरूरी है?

सभी सरकारी और निजी संस्थाएँ, जो भारत में डेटा प्रोसेस करती हैं

भारतीय नागरिकों का डेटा प्रोसेस करने वाली विदेशी कंपनियाँ भी (जैसे Meta, Amazon)



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📌 कुछ व्यावहारिक उदाहरण:

स्थिति क्या कानून कहता है

कोई ऐप बिना बताये संपर्क लिस्ट एक्सेस करता है अवैध, सहमति जरूरी
आप किसी वेबसाइट से अपना अकाउंट और डेटा हटवाना चाहते हैं Data Erasure का अधिकार
कोई कंपनी आपका डेटा बेचती है गैरकानूनी, भारी जुर्माना



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🧾 नागरिक क्या कर सकते हैं?

1. हर ऐप या वेबसाइट की Privacy Policy जरूर पढ़ें।


2. अपने डेटा पर नियंत्रण रखें – Unnecessary Permissions हटाएँ।


3. अगर किसी ने आपकी अनुमति के बिना डेटा लिया है – Data Protection Board में शिकायत करें।

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