6️⃣ DBKS Agro के माध्यम से इस पूरी योजना को कैसे लागू किया जाए (Implementation Strategy) को कार्य योजना में शामिल करते हैं:
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6️⃣ DBKS Agro के माध्यम से कार्यान्वयन रणनीति (Implementation Strategy)
इस योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा: (1) पायलट प्रोजेक्ट, (2) स्केलिंग और फंडिंग, (3) ग्लोबल एक्सपेंशन
A. चरण 1 – पायलट प्रोजेक्ट (6-12 महीने)
✅ स्थान चयन:
सिद्धपुर गांव (जैविक खेती और सौर ऊर्जा मॉडल) और Kotdwar (एग्री-बिजनेस इनक्यूबेटर) में प्रोजेक्ट लॉन्च।
50-100 किसानों को शामिल करके छोटे स्तर पर शुरुआत।
✅ तकनीकी सेटअप:
IoT, ड्रोन, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और बायोगैस प्लांट की स्थापना।
बायोचार उत्पादन और रीजेनेरेटिव फार्मिंग तकनीकों का ट्रायल।
✅ प्रशिक्षण और जागरूकता:
किसानों और महिला मंगल दलों को कार्बन क्रेडिट मॉडल, जैविक खेती और नई तकनीकों पर ट्रेनिंग।
CSR कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के साथ वर्कशॉप और पब्लिक मीटिंग।
B. चरण 2 – स्केलिंग और फंडिंग (12-36 महीने)
✅ सरकारी और अंतरराष्ट्रीय अनुदान प्राप्त करना:
NABARD, World Bank, UNDP, और कृषि मंत्रालय से फंडिंग।
CSR और कॉरपोरेट कंपनियों से निवेश प्राप्त करना।
✅ कार्बन क्रेडिट सर्टिफिकेशन और बिक्री:
Verra और Gold Standard जैसी एजेंसियों से प्रमाणन प्राप्त करना।
वैश्विक कार्बन क्रेडिट मार्केटप्लेस (Tesla, Microsoft, Shell) से डील।
✅ कृषि आधारित MSME और स्टार्टअप्स की स्थापना:
Agri-Tech स्टार्टअप्स और जैविक उत्पादों के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग।
Kotdwar में "Green Agri-Business Hub" की स्थापना।
C. चरण 3 – ग्लोबल एक्सपेंशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म (3-5 साल)
✅ DBKS Agro का डिजिटल मार्केटप्लेस:
किसानों और वैश्विक खरीदारों को जोड़ने के लिए एक ब्लॉकचेन आधारित प्लेटफॉर्म।
कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग और जैविक उत्पादों की ई-कॉमर्स साइट।
✅ अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ:
ग्लोबल इन्वेस्टर्स और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों से सहयोग।
उत्तराखंड के मॉडल को हिमालयी क्षेत्रों और अन्य राज्यों में विस्तार।
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