1. नीतिगत बदलाव की दिशा में कदम
(क) शिक्षा नीति में सुधार के लिए अभियान
1. डेटा और रिसर्च इकट्ठा करें – विभिन्न निजी स्कूलों में शिक्षकों के वेतन और छात्रों की फीस का तुलनात्मक अध्ययन करें।
2. शिक्षकों और अभिभावकों को जागरूक करें – स्कूलों में संगोष्ठी (सेमिनार) और पब्लिक मीटिंग्स आयोजित करें।
3. शिक्षा विभाग से संवाद करें – उत्तराखंड सरकार, शिक्षा मंत्री और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपें।
4. ऑनलाइन और ऑफलाइन याचिका शुरू करें – जनता और प्रभावित लोगों का समर्थन जुटाने के लिए।
5. मीडिया और सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाएं – इस मुद्दे को वायरल करें और पब्लिक प्रेशर बनाएं।
6. विधायकों और मंत्रियों से पैरवी करें – शिक्षा नीतियों में संशोधन कराने के लिए।
(ख) आवश्यक नीतिगत सुधारों की मांग
निजी स्कूलों में न्यूनतम वेतन तय करने का कानून बने।
फीस और शिक्षकों के वेतन का संतुलन बनाए रखने के लिए सरकारी निगरानी तंत्र बने।
शिक्षकों के लिए जॉब सिक्योरिटी और अनुबंध की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
---
2. स्वतंत्र शिक्षा मॉडल विकसित करना
अगर सरकार बदलाव लाने में समय लेती है, तो एक वैकल्पिक शिक्षा मॉडल तैयार करना आवश्यक है।
(क) गिफ्ट इकोनॉमी या सामुदायिक शिक्षा मॉडल
आपके गिफ्ट इकोनॉमी आधारित फूड कैफे की तरह, शिक्षा क्षेत्र में भी इसे लागू किया जा सकता है।
सामुदायिक सहयोग आधारित स्कूल – जहां शिक्षा व्यापार न होकर सेवा हो।
अभिभावकों से योगदान के आधार पर फीस ली जाए (जो सक्षम हैं, वे अधिक दें, जो नहीं दे सकते, वे कम या कुछ नहीं दें)।
शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन दिया जाए, ताकि वे शिक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।
(ख) शिक्षक-स्वामित्व वाला स्कूल मॉडल
एक ऐसा स्कूल स्थापित किया जाए जिसमें शिक्षक ही भागीदार हों, और स्कूल का प्रबंधन सामूहिक रूप से किया जाए।
यह एक कोऑपरेटिव मॉडल हो सकता है, जहां लाभ शिक्षक और स्कूल के बुनियादी ढांचे पर पुनर्निवेश किया जाए।
(ग) पायलट प्रोजेक्ट: सिद्धपुर या कोटद्वार में एक मॉडल स्कूल शुरू करें
इसे एक प्रायोगिक स्कूल के रूप में शुरू किया जाए और सफलता के बाद इसे अन्य जगहों पर दोहराया जाए।
इसमें सौर ऊर्जा, डिजिटल लर्निंग, और व्यावहारिक शिक्षा को भी शामिल किया जाए, जिससे यह अन्य स्कूलों से अलग हो।
---
आपकी अगली कार्रवाई क्या हो सकती है?
1. क्या आप पहले सरकारी नीति परिवर्तन पर फोकस करना चाहेंगे या पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करना चाहेंगे?
2. क्या आप इस पहल को Udaen Foundation के तहत चलाना चाहेंगे?
3. इस अभियान के लिए क्या हम एक याचिका या ड्राफ्ट दस्तावेज तैयार करें?
No comments:
Post a Comment