भारत में सरकारी विज्ञापन नीति अभी भी मुख्य रूप से प्रिंट (अखबार), टेलीविजन और रेडियो तक सीमित है। डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अभी तक समान रूप से मान्यता और आर्थिक सहायता नहीं मिली है। हालाँकि, डिजिटल पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, सरकारी विज्ञापन नीति में इसे शामिल करने की आवश्यकता है।
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A. वर्तमान सरकारी विज्ञापन नीति और डिजिटल मीडिया की स्थिति
1. कौन सरकारी विज्ञापन जारी करता है?
भारत में "डायरेक्टोरेट ऑफ एडवर्टाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी (DAVP)" सरकारी विज्ञापन जारी करता है।
राज्य सरकारों की अपनी अलग विज्ञापन एजेंसियाँ होती हैं, जैसे कि उत्तराखंड सूचना विभाग।
अभी तक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सीमित विज्ञापन मिलते हैं, जबकि प्रिंट और टीवी मीडिया को प्राथमिकता दी जाती है।
2. डिजिटल मीडिया को विज्ञापन क्यों नहीं मिलते?
डिजिटल मीडिया के लिए कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं बनी है।
कई डिजिटल न्यूज पोर्टल्स पंजीकृत नहीं होते, जिससे वे सरकारी विज्ञापन के पात्र नहीं होते।
पारंपरिक मीडिया लॉबी का दबाव डिजिटल मीडिया को मुख्यधारा में आने से रोकता है।
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B. डिजिटल मीडिया को सरकारी विज्ञापन नीति में शामिल करने की संभावनाएँ
1. डिजिटल मीडिया को मान्यता देने के लिए एक नया पॉलिसी फ्रेमवर्क
सरकार को एक "डिजिटल मीडिया विज्ञापन नीति" बनानी होगी, जिसमें डिजिटल पत्रकारिता प्लेटफॉर्म्स को शामिल किया जाए।
डिजिटल मीडिया पोर्टलों को सरकारी विज्ञापन का लाभ लेने के लिए पंजीकरण और न्यूनतम मानकों को पूरा करने की अनिवार्यता हो।
2. डिजिटल न्यूज पोर्टल्स के लिए सरकारी विज्ञापन कोटा
सरकार प्रिंट और टीवी की तरह डिजिटल मीडिया के लिए एक निश्चित बजट आवंटित कर सकती है।
उदाहरण के लिए, यदि सरकारी विज्ञापन बजट ₹1000 करोड़ है, तो इसमें से कम से कम 25% हिस्सा डिजिटल मीडिया को दिया जाए।
3. छोटे डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स को आर्थिक सहायता
स्थानीय और स्वतंत्र डिजिटल पत्रकारों को विज्ञापन के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जाए।
उत्तराखंड जैसे राज्यों में क्षेत्रीय डिजिटल पोर्टलों को प्राथमिकता दी जाए।
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C. अन्य देशों में सरकारी विज्ञापन नीति और डिजिटल मीडिया
भारत भी इन देशों की तरह डिजिटल मीडिया को सरकारी विज्ञापन नीति में समान अवसर दे सकता है।
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D. उत्तराखंड और स्थानीय डिजिटल मीडिया के लिए अवसर
उत्तराखंड जैसे राज्यों में स्थानीय डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स को सरकारी विज्ञापनों से फायदा मिल सकता है। इसके लिए:
1. उत्तराखंड सरकार को डिजिटल पत्रकारिता नीति बनानी होगी।
2. छोटे न्यूज पोर्टलों के लिए विशेष सरकारी विज्ञापन पैकेज तैयार करना होगा।
3. स्थानीय भाषा और क्षेत्रीय मुद्दों को कवर करने वाले डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दी जाए।
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E. निष्कर्ष
सरकारी विज्ञापन नीति में डिजिटल मीडिया की भागीदारी से स्थानीय पत्रकारिता को बढ़ावा मिलेगा, स्वतंत्र डिजिटल पत्रकारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, और निष्पक्ष पत्रकारिता को मजबूती मिलेगी।
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