### **🔹 "जल, जंगल, जमीन आंदोलन – उत्तराखंड की आवाज़"**
इस पहल को **Udaen Foundation** और **स्थानीय संगठनों** के सहयोग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
### **1️⃣ जल संरक्षण अभियान**
✅ **गांवों में जलस्रोतों (धारों, नौलों, गधेरों) के पुनर्जीवन** – पारंपरिक जलसंरक्षण तकनीकों का पुनरुद्धार
✅ **ग्लेशियरों और नदियों पर शोध एवं संरक्षण कार्य**
✅ **जल नीति में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना**
### **2️⃣ वन अधिकार और जंगल बचाओ अभियान**
✅ **वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत स्थानीय समुदायों को उनके हक दिलाने के लिए कानूनी सहायता**
✅ **महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के साथ मिलकर वन संरक्षण और आजीविका के लिए वन-आधारित उत्पादों (हर्बल, बांस, जैविक खेती) को बढ़ावा देना**
✅ **वन कटाई और अवैध खनन के खिलाफ जन-जागरूकता और विरोध प्रदर्शन**
### **3️⃣ जमीन और आजीविका अधिकार अभियान**
✅ **गांवों की कृषि भूमि का संरक्षण और सामूहिक खेती को बढ़ावा देना**
✅ **भूमि अधिग्रहण और विस्थापन के मामलों में स्थानीय समुदाय की सहमति को अनिवार्य बनाना**
✅ **ग्राम पंचायतों को मजबूत करना, ताकि वे अपने क्षेत्र के विकास में निर्णय लेने में सक्षम हों**
### **🔹 इसे लागू करने के लिए क्या किया जा सकता है?**
✔ **Udaen News Network** के माध्यम से रिपोर्टिंग और जन-जागरूकता
✔ **स्थानीय पंचायतों, किसान समूहों और महिला संगठनों के साथ मिलकर बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम**
✔ **सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचार**
✔ **सरकारी योजनाओं और नीतियों पर निगरानी और हस्तक्षेप**
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