पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानी जाती है, और इसे स्वतंत्र रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधानों की आवश्यकता होती है। भारत में पत्रकारों के अधिकार, कर्तव्य, और सुरक्षा से जुड़े कई कानून लागू हैं।
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1. भारतीय संविधान और पत्रकारिता
भारतीय संविधान पत्रकारिता को कई मौलिक अधिकारों के तहत सुरक्षा प्रदान करता है:
(i) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(a))
पत्रकारों को समाचार प्रकाशित करने और अपनी राय व्यक्त करने का मौलिक अधिकार है।
हालांकि, अनुच्छेद 19(2) के तहत यह अधिकार कुछ प्रतिबंधों के अधीन है, जैसे कि राष्ट्र की संप्रभुता, राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता, और अदालत की अवमानना।
(ii) सूचना का अधिकार (RTI Act, 2005)
यह कानून नागरिकों (और पत्रकारों) को सरकारी सूचनाएं प्राप्त करने का अधिकार देता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है।
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2. प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े कानून
(i) प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण अधिनियम, 1867 (Press and Registration of Books Act, 1867)
यह कानून समाचार पत्रों और पत्रिकाओं को पंजीकरण कराने के लिए बाध्य करता है।
(ii) प्रेस स्वतंत्रता संरक्षण अधिनियम, 1956
यह कानून प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और सरकारी हस्तक्षेप को रोकने के लिए बनाया गया है।
(iii) समाचार पत्र (मूल्य और पृष्ठ सीमा) अधिनियम, 1956
यह कानून प्रेस पर अनुचित नियंत्रण को रोकता है और उनकी स्वतंत्रता बनाए रखता है।
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3. पत्रकारों से जुड़े दंडात्मक कानून
(i) मानहानि कानून (Defamation - IPC की धारा 499 और 500)
यदि कोई पत्रकार झूठी खबर प्रकाशित करता है, जिससे किसी की छवि खराब होती है, तो उसे मानहानि के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।
(ii) राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA, 1980)
यदि कोई पत्रकार ऐसा लेख प्रकाशित करता है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है, तो उसे इस कानून के तहत दंडित किया जा सकता है।
(iii) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000)
डिजिटल पत्रकारिता के तहत धारा 66A (जो अब हटा दी गई है) और अन्य प्रावधान साइबर क्राइम और डिजिटल समाचार से जुड़े मामलों को नियंत्रित करते हैं।
(iv) राजद्रोह कानून (IPC धारा 124A)
यदि कोई पत्रकार सरकार विरोधी सामग्री प्रकाशित करता है, जिससे हिंसा भड़क सकती है, तो उसे राजद्रोह के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।
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4. पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े कानून
(i) व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014 (Whistle Blower Protection Act, 2014)
यदि कोई पत्रकार भ्रष्टाचार या किसी गुप्त सरकारी जानकारी का खुलासा करता है, तो यह कानून उसे सुरक्षा प्रदान करता है।
(ii) प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 (Press Council Act, 1978)
इस अधिनियम के तहत प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) का गठन हुआ, जो पत्रकारिता में नैतिकता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
(iii) पत्रकार सुरक्षा कानून (State-Level Journalist Protection Laws)
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए गए हैं, ताकि उन्हें हमलों और उत्पीड़न से बचाया जा सके।
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5. डिजिटल पत्रकारिता और कानूनी चुनौतियाँ
सोशल मीडिया और डिजिटल समाचार प्लेटफार्मों के आने से पत्रकारों पर IT Act, Data Protection Laws और Fake News Regulations लागू होते हैं।
भारत सरकार ने IT नियम, 2021 लागू किए हैं, जो डिजिटल मीडिया को विनियमित करने का प्रयास करते हैं।
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निष्कर्ष
पत्रकारिता और कानून का गहरा संबंध है। जहाँ पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है, वहीं उन पर कानूनी सीमाएँ भी लागू होती हैं। एक संतुलित और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए कानूनों की समझ और उनके सही अनुपालन की आवश्यकता होती है।
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