Monday, March 24, 2025

**डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act, 2023) का मीडिया और पत्रकारिता पर प्रभाव**

 **डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act, 2023) का मीडिया और पत्रकारिता पर प्रभाव**  


**1. डेटा संग्रह और सहमति:**  

- मीडिया संस्थानों (जैसे कि **Udaen News Network**) को **पाठकों, रिपोर्टरों, और सूचना स्रोतों** का व्यक्तिगत डेटा इकट्ठा करने से पहले स्पष्ट **सहमति (Consent)** लेनी होगी।  

- इंटरव्यू, न्यूज़लेटर, सब्सक्रिप्शन, और ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म में **डेटा संग्रह की पारदर्शिता** ज़रूरी होगी।  


**2. रिपोर्टिंग और गोपनीयता:**  

- खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism) में यदि किसी व्यक्ति की निजी जानकारी प्रकाशित करनी है, तो इसे **“लोकहित” (Public Interest)** के आधार पर उचित ठहराना होगा।  

- बिना सहमति के किसी भी व्यक्ति का संवेदनशील डेटा (जैसे स्वास्थ्य, वित्तीय जानकारी) प्रकाशित करना **गोपनीयता का उल्लंघन** माना जा सकता है।  


**3. **व्हिसलब्लोअर्स (Whistleblowers) और स्रोतों की सुरक्षा:**  

- मीडिया संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने **सूत्रों (sources) और व्हिसलब्लोअर्स** की जानकारी सुरक्षित रखें, अन्यथा डेटा लीक होने पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।  


**4. डेटा उल्लंघन (Data Breach) और दंड:**  

- यदि किसी न्यूज़ वेबसाइट या मीडिया प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होता है तो **₹250 करोड़ तक का जुर्माना** लगाया जा सकता है।  

- **डेटा संरक्षण बोर्ड (Data Protection Board of India)** इस तरह की शिकायतों की निगरानी करेगा।  


**5. डिजिटल विज्ञापन और ट्रैकिंग:**  

- न्यूज़ वेबसाइट्स को **यूजर्स का डेटा विज्ञापन के लिए उपयोग करने से पहले उनकी अनुमति लेनी होगी।**  

- कुकीज़ (Cookies) और ट्रैकिंग तकनीकों के उपयोग को लेकर नए नियम लागू किए जा सकते हैं।  


**6. सरकार द्वारा सेंसरशिप और डेटा नियंत्रण:**  

- सरकार को **राष्ट्रहित और कानून व्यवस्था के नाम पर** मीडिया के डेटा तक पहुँचने की छूट है।  

- सरकार किसी मीडिया प्लेटफॉर्म को **डेटा प्रदान करने या कंटेंट हटाने** का आदेश दे सकती है।  





No comments:

Post a Comment

न्यूज़ विचार और व्यव्हार

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी

जब मीडिया सत्ता की ढाल बने, तब जनता की पत्रकारिता ज़रूरी लोकतंत्र के चार स्तंभों में मीडिया को इसलिए जगह दी गई थी ताकि वह सत्ता पर निगरानी र...