Sunday, March 23, 2025

डिजिटल मीडिया के लिए स्व-नियमन (Self-Regulation) और नैतिकता

8. डिजिटल मीडिया के लिए स्व-नियमन (Self-Regulation) और नैतिकता

डिजिटल मीडिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सरकारी सेंसरशिप से बचाव और खुद की जवाबदेही (Self-Regulation) के बीच संतुलन जरूरी है।

अगर सरकार पूरी तरह से नियंत्रण कर ले, तो स्वतंत्र पत्रकारिता खत्म हो सकती है।

अगर कोई नियम न हों, तो फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाएँ फैल सकती हैं।


इसलिए, डिजिटल मीडिया को स्व-नियमन (Self-Regulation) अपनाना होगा, जिससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनी रहे और सरकार का गैर-जरूरी हस्तक्षेप रोका जा सके।


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A. स्व-नियमन (Self-Regulation) क्यों जरूरी है?

1. सरकारी हस्तक्षेप से बचाव

अगर डिजिटल मीडिया खुद से नियमों का पालन करेगा, तो सरकार को हस्तक्षेप करने का अवसर नहीं मिलेगा।

स्वतंत्र डिजिटल मीडिया सरकार की तरफ से लगाए जाने वाले सख्त कानूनों से बच सकता है।


2. पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना

फेक न्यूज, भ्रामक सूचनाएँ और प्रचार पत्रकारिता से बचने के लिए स्व-नियमन जरूरी है।

डिजिटल मीडिया अगर अपने मानकों का पालन करेगा, तो जनता का विश्वास बना रहेगा।


3. कानूनी मामलों और मुकदमों से बचाव

अगर डिजिटल मीडिया नैतिकता और पेशेवर मानकों का पालन करेगा, तो उस पर मानहानि या अन्य कानूनी मुकदमे नहीं होंगे।

फ्री स्पीच और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।



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B. डिजिटल मीडिया के लिए स्व-नियमन के प्रमुख सिद्धांत

1. सटीकता (Accuracy) और सत्यापन (Verification)

किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उसकी तथ्य-जांच (Fact-checking) की जाए।

गलत खबर छपने पर तुरंत सुधार (Correction) प्रकाशित किया जाए।


2. निष्पक्षता (Impartiality) और संतुलन (Balance)

किसी भी राजनीतिक या कॉरपोरेट दबाव में आकर रिपोर्टिंग न की जाए।

हर समाचार में सभी पक्षों को बराबर का अवसर दिया जाए।


3. गोपनीयता (Privacy) और नैतिक रिपोर्टिंग

व्यक्तिगत जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप न किया जाए।

सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी ली जाए।


4. विज्ञापन और संपादकीय कंटेंट को अलग रखना

विज्ञापनों और पेड न्यूज़ को स्पष्ट रूप से अलग किया जाए।

पब्लिक को यह पता हो कि कौन सी खबर स्वतंत्र पत्रकारिता है और कौन सा विज्ञापन।



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C. डिजिटल मीडिया के लिए स्व-नियमन मॉडल

1. डिजिटल मीडिया के लिए "स्व-नियमन परिषद" (Self-Regulatory Council)

डिजिटल पत्रकारों और मीडिया संस्थानों द्वारा एक स्वतंत्र परिषद बनाई जाए।

यह परिषद डिजिटल पत्रकारिता के लिए एक आचार संहिता (Code of Conduct) तैयार करे।


2. डिजिटल मीडिया ओम्बुड्समैन (DMO) की नियुक्ति

हर डिजिटल मीडिया संस्थान में एक "नैतिकता अधिकारी" (Ethics Officer) नियुक्त किया जाए।

अगर कोई व्यक्ति या संगठन किसी खबर से नाराज हो, तो पहले इस अधिकारी से संपर्क किया जाए, न कि कोर्ट या सरकार से।


3. फेक न्यूज और गलत रिपोर्टिंग की रोकथाम

हर डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म को अपने स्तर पर फैक्ट-चेकिंग यूनिट बनानी चाहिए।

यदि कोई न्यूज गलत साबित होती है, तो उसे तुरंत हटाने और माफी माँगने की नीति अपनाई जाए।



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D. भारत में स्व-नियमन के मौजूदा प्रयास

1. डिजिटल मीडिया गाइडलाइंस, 2021

सरकार ने "आईटी नियम 2021" के तहत डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम बनाए।

इसमें फैक्ट-चेकिंग और फेक न्यूज रोकने की जिम्मेदारी प्लेटफॉर्म्स पर डाली गई।


2. डिज़िटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA)

यह संगठन बड़े डिजिटल मीडिया हाउस (NDTV, TOI, HT) का है।

स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार और छोटे न्यूज पोर्टल इसमें शामिल नहीं हो सकते।


3. प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) का दायरा डिजिटल मीडिया तक बढ़ाने की मांग

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया सिर्फ प्रिंट मीडिया को नियंत्रित करती है।

इसे डिजिटल मीडिया के लिए भी लागू करने की मांग की जा रही है।



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E. अन्य देशों में स्व-नियमन के उदाहरण

भारत में भी एक स्वतंत्र "डिजिटल मीडिया एथिक्स काउंसिल" बनाई जा सकती है।


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F. निष्कर्ष

स्व-नियमन (Self-Regulation) डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता को बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है। अगर डिजिटल पत्रकार और न्यूज पोर्टल खुद से जवाबदेही अपनाएँगे, तो सरकार के हस्तक्षेप का खतरा कम होगा।


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