Monday, March 24, 2025

### **न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (NILP) – ‘उल्लास’**

 ### **न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (NILP) – ‘उल्लास’**  


भारत सरकार ने **न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (NILP)** को वर्ष **2022-27** के लिए शुरू किया है, जिसे लोकप्रिय रूप से **‘उल्लास’** के नाम से जाना जाता है। यह कार्यक्रम **15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी अशिक्षित वयस्कों** को साक्षर बनाने और उन्हें बुनियादी शिक्षा, डिजिटल व वित्तीय साक्षरता, और जीवन-कौशल से जोड़ने के लिए शुरू किया गया है।  


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## **🔹 NILP (उल्लास) की मुख्य विशेषताएँ**  


✅ **उद्देश्य:**  

- **प्रौढ़ साक्षरता** को बढ़ावा देना।  

- **डिजिटल, वित्तीय और कानूनी साक्षरता** देना।  

- **स्थानीय भाषा में साक्षरता को बढ़ावा देना।**  

- **नागरिकों को सतत शिक्षा के अवसर प्रदान करना।**  


✅ **मुख्य घटक:**  

1️⃣ **मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता** – पढ़ना, लिखना, गणित और बुनियादी गणना सिखाना।  

2️⃣ **व्यावसायिक कौशल विकास** – आजीविका के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना।  

3️⃣ **डिजिटल और वित्तीय साक्षरता** – डिजिटल उपकरणों का उपयोग और बैंकिंग की समझ।  

4️⃣ **स्वास्थ्य और कानूनी साक्षरता** – स्वास्थ्य, सफाई, और नागरिक अधिकारों की जानकारी।  

5️⃣ **स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक शिक्षा** – क्षेत्रीय भाषाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना।  


✅ **कैसे लागू किया जा रहा है?**  

📌 **ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप:** ‘ULLAS’ (Understanding Lifelong Learning for All in Society)  

📌 **स्वयंसेवकों, शिक्षक प्रशिक्षकों और सामुदायिक भागीदारी** के माध्यम से साक्षरता अभियान।  

📌 **विद्यालयों, पंचायतों, पुस्तकालयों और NGO के सहयोग से क्रियान्वयन।**  


✅ **NILP (उल्लास) की ख़ास बातें:**  

📍 **राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप।**  

📍 **साक्षरता अभियान को डिजिटली रूप से ट्रैक करने की सुविधा।**  

📍 **लर्निंग ऐप्स और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग।**  

📍 **सामुदायिक सहभागिता से कार्यक्रम को मज़बूत करना।**  


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## **🔹 उत्तराखंड में NILP (उल्लास) का कार्यान्वयन**  

उत्तराखंड में NILP को सफल बनाने के लिए **स्थानीय पंचायतों, महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), और NGOs** की भागीदारी हो रही है।  


📌 **पहाड़ी क्षेत्रों में अनुकूलन:**  

- दूरस्थ गाँवों में **मोबाइल लर्निंग केंद्रों** की स्थापना।  

- **ऑनलाइन संसाधनों तक पहुँच बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रशिक्षण।**  

- **पढ़ने-लिखने के लिए स्थानीय भाषा सामग्री उपलब्ध कराना।**  


📌 **Udaen Foundation की संभावित भूमिका:**  

- सिद्धपुर और अन्य गाँवों में **साक्षरता केंद्रों की स्थापना।**  

- **डिजिटल उपकरणों और मोबाइल ऐप के माध्यम से शिक्षण।**  

- **महिलाओं और बुजुर्गों को बुनियादी साक्षरता व वित्तीय ज्ञान देने के कार्यक्रम।**  


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### **🚀 निष्कर्ष:**  

📚 **"उल्लास" भारत को 100% साक्षरता की ओर ले जाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।**  

🎯 यदि इसे उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सही तरीके से लागू किया जाए, तो यह एक **सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता** की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।  



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