Saturday, August 30, 2025

भारत और एजेंडा 2030 की प्रतिबद्धता



1. भारत और एजेंडा 2030 की प्रतिबद्धता

  • भारत ने 2015 में एजेंडा 2030 को अपनाया और इसे अपनी नीतियों में शामिल किया।
  • भारत के NITI Aayog को SDGs के कार्यान्वयन और निगरानी की ज़िम्मेदारी दी गई है।
  • भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की अधिकतम उपलब्धि हो सके।

2. भारत की प्रगति (Achievements)

  1. गरीबी उन्मूलन (Goal 1)

    • 2015 के बाद भारत में अत्यधिक गरीबी में कमी आई है।
    • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को खाद्यान्न मिला।
  2. भूख और पोषण (Goal 2)

    • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से लगभग 80 करोड़ लोगों को सस्ता अनाज।
    • POSHAN अभियान से कुपोषण घटाने पर काम।
  3. स्वास्थ्य (Goal 3)

    • आयुष्मान भारत (PMJAY) – दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना।
    • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में गिरावट।
  4. शिक्षा (Goal 4)

    • "समग्र शिक्षा अभियान" और "नयी शिक्षा नीति (NEP 2020)" के ज़रिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ज़ोर।
    • स्कूलों में नामांकन दर और साक्षरता में सुधार।
  5. ऊर्जा (Goal 7)

    • भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने वाला देश है।
    • सौर ऊर्जा मिशन, LED बल्ब अभियान, बिजली का ग्रामीण विद्युतीकरण।
  6. लैंगिक समानता (Goal 5)

    • "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान।
    • महिलाओं की पंचायतों और रोजगार में बढ़ती भागीदारी।
  7. जलवायु कार्रवाई (Goal 13)

    • भारत ने 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया।
    • COP26 और COP29 में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की वैश्विक पहल की।

3. भारत में चुनौतियाँ (Challenges)

  1. गरीबी और असमानता

    • अभी भी लगभग 20 करोड़ लोग गरीबी रेखा के आसपास हैं।
    • शहरी और ग्रामीण इलाक़ों में असमानताएँ बनी हुई हैं।
  2. कुपोषण और खाद्य असुरक्षा

    • ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत का स्थान अभी भी नीचे (2024 में 111 देशों में 111वाँ)।
    • बच्चों में स्टंटिंग और वेस्टिंग की समस्या।
  3. स्वास्थ्य

    • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी।
    • कोविड-19 महामारी ने स्वास्थ्य प्रणाली की चुनौतियाँ उजागर कीं।
  4. शिक्षा की गुणवत्ता

    • बच्चों की पढ़ाई की समझ (learning outcomes) अभी भी कमजोर।
    • डिजिटल डिवाइड (online शिक्षा की असमान पहुंच)।
  5. जल संकट (Goal 6)

    • भूजल स्तर गिरना और साफ पेयजल की कमी।
    • स्वच्छ भारत मिशन से प्रगति हुई, पर अब भी कई जगह खुले में शौच और जल प्रदूषण।
  6. पर्यावरण और जलवायु

    • प्रदूषण, वनों की कटाई, और बढ़ता कार्बन उत्सर्जन।
    • गंगा-यमुना जैसी नदियों का प्रदूषण।

4. भारत की विशेष पहलें (Indian Initiatives for SDGs)

  • SDG India Index → NITI Aayog हर साल राज्यों का SDG प्रदर्शन बताता है।
  • वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) – SDG 8 (रोज़गार और अर्थव्यवस्था) से जुड़ा।
  • राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा मिशन – SDG 7 और 13।
  • ग्राम पंचायत स्तर पर SDG लोकलाइज़ेशन – पंचायतों को लक्ष्य निर्धारण में शामिल करना।

5. निष्कर्ष

भारत ने एजेंडा 2030 की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रगति की है, पर चुनौतियाँ अब भी बड़ी हैं।
अगर गरीबी, शिक्षा, पोषण और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में तेज़ और समावेशी प्रयास हुए तो भारत 2030 तक SDGs में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।


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