Saturday, February 15, 2025

डिजिटल मनी और क्रिप्टोकरेंसी


डिजिटल युग में, मनी (Money) का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब डिजिटल मनी (Digital Money) और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पारंपरिक करेंसी (Currency) का एक नया विकल्प बन रहे हैं।


1. डिजिटल मनी (Digital Money) क्या है?

डिजिटल मनी वह धन है जो केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में मौजूद रहता है और इसे इंटरनेट या डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से लेन-देन किया जाता है।

डिजिटल मनी के प्रकार:

A. बैंक और वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी डिजिटल मनी

बैंक बैलेंस (Bank Deposits) – जब आप बैंक खाते में पैसे रखते हैं, तो वह डिजिटल रूप में स्टोर होता है।
UPI, e-Wallets और ऑनलाइन भुगतान – Google Pay, PhonePe, Paytm, PayPal जैसी सेवाएँ डिजिटल मनी का उपयोग करती हैं।

B. सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC)

CBDC (जैसे भारत में डिजिटल रुपया) – सरकार द्वारा जारी डिजिटल करेंसी, जो नकद का डिजिटल रूप होती है।
डिजिटल युआन, डिजिटल यूरो, डिजिटल डॉलर – कई देशों में इसके प्रयोग किए जा रहे हैं।

C. क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)

विकेंद्रीकृत डिजिटल मनी, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है।
✅ सरकार या बैंक के नियंत्रण में नहीं होती।


2. क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) क्या है?

क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल मनी का विकेंद्रीकृत रूप है, जो ब्लॉकचेन (Blockchain) नामक तकनीक पर आधारित होता है। यह किसी भी सरकार या बैंक के नियंत्रण में नहीं होती।

क्रिप्टोकरेंसी के प्रमुख प्रकार:

  1. बिटकॉइन (Bitcoin - BTC) – दुनिया की पहली और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी।
  2. एथेरियम (Ethereum - ETH) – स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट (Smart Contracts) को सपोर्ट करने वाली क्रिप्टोकरेंसी।
  3. सोलाना (Solana - SOL), कार्डानो (Cardano - ADA), पोलकाडॉट (Polkadot - DOT) – नई और तेज़ ब्लॉकचेन नेटवर्क वाली क्रिप्टोकरेंसी।
  4. स्टेबलकॉइन (Stablecoins) – ऐसी क्रिप्टोकरेंसी जो किसी वास्तविक मुद्रा (USD, INR) से जुड़ी होती हैं, जैसे:
    • USDT (Tether), USDC (USD Coin), DAI।
  5. मेमे कॉइन (Meme Coins) – जैसे Dogecoin (DOGE), Shiba Inu (SHIB), जो मज़ाक के रूप में शुरू हुए लेकिन लोकप्रिय हो गए।

3. डिजिटल मनी और क्रिप्टोकरेंसी में अंतर


4. सरकारें क्रिप्टोकरेंसी को क्यों नियंत्रित करना चाहती हैं?

  • अस्थिरता (Volatility): क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें बहुत तेजी से बदलती हैं।
  • अवैध गतिविधियों का खतरा: ग़लत लोगों द्वारा इसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराधों में किया जा सकता है।
  • सरकारी नियंत्रण की कमी: सरकारें वित्तीय प्रणाली पर नियंत्रण बनाए रखना चाहती हैं।
  • CBDC को बढ़ावा देना: कई सरकारें क्रिप्टो को प्रतिबंधित कर अपनी खुद की डिजिटल करेंसी (CBDC) विकसित कर रही हैं।

5. भविष्य में डिजिटल मनी और क्रिप्टोकरेंसी का क्या भविष्य है?

CBDC का तेजी से विस्तार होगा – भारत, चीन, यूरोप, अमेरिका अपनी डिजिटल करेंसी विकसित कर रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग बढ़ेगा – अधिक देश इसे नियंत्रित कर सकते हैं, लेकिन पूरी तरह बैन करना मुश्किल होगा।
ब्लॉकचेन तकनीक का विकास होगा – पारंपरिक बैंकिंग में भी ब्लॉकचेन का उपयोग बढ़ेगा।


निष्कर्ष:

  • डिजिटल मनी मुख्य रूप से बैंकों और सरकार द्वारा नियंत्रित होती है (जैसे UPI, CBDC)।
  • क्रिप्टोकरेंसी विकेंद्रीकृत होती है और ब्लॉकचेन तकनीक पर चलती है।
  • सरकारें धीरे-धीरे डिजिटल करेंसी (CBDC) को अपनाकर क्रिप्टोकरेंसी के प्रभाव को सीमित करना चाहती हैं।

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