**भारत में हरित क्रांति के जनक (Architect of Green Revolution in India)** के रूप में **डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन (Dr. M. S. Swaminathan)** को जाना जाता है।
### **डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन का योगदान:**
- डॉ. स्वामीनाथन ने भारत में **उच्च उत्पादकता वाली गेहूं और धान की किस्मों** के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्होंने कृषि वैज्ञानिक **नॉर्मन बोरलॉग** के साथ मिलकर उन्नत बीज तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों को भारत में लागू किया।
- उनके प्रयासों के कारण भारत ने 1960 के दशक में खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त की, जिससे देश में **भूखमरी और खाद्यान्न संकट** पर काबू पाया गया।
### **महत्वपूर्ण पहल:**
- **सिंचाई और उर्वरक उपयोग में सुधार**
- **कृषि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना**
- **किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम**
डॉ. स्वामीनाथन को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले, जिनमें **पद्म विभूषण** और **विश्व खाद्य पुरस्कार (World Food Prize)** शामिल हैं। उन्हें अक्सर "भारत के कृषि क्रांति के पितामह" भी कहा जाता है।
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