"बेडू पाको बारो मासा" (गढ़वाली का एक प्रसिद्ध पारंपरिक लोक गीत)
बोल:
बेडू पाको बारो मासा,
नारयण काफल पाको छैंतू।
म्यारु गढ़वाल, स्वर्ग लौं नी जांदु,
मेरु गढ़वाल, स्वर्ग लौं नी जांदु।
बामणी डांडा, पाखो हिल्यों छ,
तल्ली तल्ली गुँज्याली बाजा।
म्यारु गढ़वाल, स्वर्ग लौं नी जांदु,
मेरु गढ़वाल, स्वर्ग लौं नी जांदु।
अर्थ:
यह गीत गढ़वाल की सुंदरता और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। "बेडू" (अंजीर) और "काफल" (जंगली बेर जैसा फल) गढ़वाल के प्रमुख फल हैं। गीत में कहा गया है कि बेडू तो सालभर पकता है, लेकिन काफल खास मौसम में पकता है, और इसकी मिठास लोगों को खास लगती है। गीत यह भी दर्शाता है कि गढ़वाल इतना सुंदर है कि यहाँ से स्वर्ग जाने की भी जरूरत नहीं है।
अगर आप और गढ़वाली लोक गीतों के बोल चाहते हैं तो बताएं!
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